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Faridabad News: भीषण गर्मी के चलते बढ़े डायरिया के मरीज बढ़े
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छोटे बच्चों पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। भीषण गर्मी के चलते शहर में डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है, वहीं छोटे बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में रोजाना मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन गई है।
बीके अस्पताल के आपातकालीन विभाग में प्रतिदिन 30 मरीज डायरिया और पेट से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जहां गर्मी की शुरूआत में मरीजों की संख्या केवल चार से पांच थी। इनमें बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार तेज गर्मी में खान-पान में लापरवाही और दूषित पानी के सेवन से इस तरह की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा अधिक रहता है, जिससे डायरिया के मामले गंभीर हो सकते हैं। खासकर बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण वे जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के खान-पान और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
चिकित्सकों ने लोगों को उबला या साफ पानी पीने, ताजा और हल्का भोजन करने व बाहर के खाने से परहेज करने की सलाह दी है। इसके अलावा, शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने की भी हिदायत दी गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। भीषण गर्मी के चलते शहर में डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है, वहीं छोटे बच्चों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में रोजाना मरीजों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय बन गई है।
बीके अस्पताल के आपातकालीन विभाग में प्रतिदिन 30 मरीज डायरिया और पेट से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। जहां गर्मी की शुरूआत में मरीजों की संख्या केवल चार से पांच थी। इनमें बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार तेज गर्मी में खान-पान में लापरवाही और दूषित पानी के सेवन से इस तरह की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।
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वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा अधिक रहता है, जिससे डायरिया के मामले गंभीर हो सकते हैं। खासकर बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण वे जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के खान-पान और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
चिकित्सकों ने लोगों को उबला या साफ पानी पीने, ताजा और हल्का भोजन करने व बाहर के खाने से परहेज करने की सलाह दी है। इसके अलावा, शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेने की भी हिदायत दी गई है।
