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Faridabad News: नीलम चौक से बाटा चौक तक जलभराव का हॉटस्पॉट होगा खत्म
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-नमो भारत कॉरिडोर से पहले हाई-कैपेसिटी ड्रेनेज परियोजना को मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने नीलम चौक से बाटा चौक तक के संवेदनशील हिस्से के लिए 4.81 करोड़ रुपये की हाई-कैपेसिटी मास्टर ड्रेनेज परियोजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य मानसून के दौरान जलभराव, ट्रैफिक जाम और कारोबार पर पड़ने वाले असर को कम करना है।
नमो भारत का काम दिसंबर और 9 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का काम भी इसी साल शुरू होने की उम्मीद है। इसको देखते हुए बड़े स्तर पर ड्रेनेज व्यवस्था में बदलाव किए जा रहे हैं। इन दोनों के शुरू होने से पहले फरीदाबाद में ढांचे में आई समस्याओं को दूर किया जा रहा है। हर साल बारिश के दौरान नीलम चौक, बाटा चौक और आसपास के बाजारों में हालात बिगड़ जाते हैं। कुछ घंटों की बारिश के बाद ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। इस क्षेत्र में रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं लेकिन जलभराव के समय ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो जाती है जिससे आमजन के साथ-साथ आपात सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
कॉरिडोर विकास से पहले ड्रेनेज सुधार पर जोर
बाटा चौक से सैनिक कॉलोनी मोड़ तक प्रस्तावित करीब 700 करोड़ रुपये के कॉरिडोर और 15000 करोड़ के नमो भारत नेटवर्क का यह हिस्सा शहर के प्रमुख ट्रैफिक मार्गों में शामिल है। दिसंबर से इसके निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। ऐसे में उससे पहले जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है ताकि भविष्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर इसका असर न पड़े।
नई ड्रेनेज परियोजना होगी खास
परियोजना के तहत नीलम चौक से बाटा चौक होते हुए एसी नगर नाले तक 1800 एमएम की आरसीसी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता सीमित होने और कई स्थानों पर जाम की समस्या के कारण यह इलाका बॉटलनेक बन जाता है। नई पाइपलाइन इस समस्या को काफी हद तक खत्म करने में मदद करेगी। इसके अलावा एक आधुनिक संप वेल और हाई-पावर पंपिंग सिस्टम लगाया जाएगा जिससे बारिश का पानी तेजी से मुख्य नाले तक पहुंचाया जा सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से जलभराव की स्थिति में कमी आएगी।
समय सीमा तय, तेजी से काम का लक्ष्य
एफएमडीए ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए करीब 3 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। प्रयास है कि मानसून के दौरान ही इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान गैस पाइपलाइन, जल आपूर्ति लाइन और टेलीकॉम नेटवर्क को सुरक्षित रखने के लिए कॉल बिफोर यू डिग प्रणाली लागू की जाएगी। इससे संबंधित विभागों के साथ तालमेल बनाकर कार्य किया जाएगा।
गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित
निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए साइट पर ही फील्ड लैब स्थापित की जाएगी, जहां सामग्री की नियमित जांच होगी। साथ ही काम पूरा होने के बाद एक वर्ष तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी निर्माण एजेंसी की रहेगी। इससे निर्माण कार्य अच्छा होने के साथ इस्तेमाल की गई सामग्री भी ठीक होने की अधिक संभावना है। अगर खराब सामग्री इस्तेमाल की जाएगी तो एक साल के अंदर खराब होने पर एजेंसी को बिना किसी भुगतान के उसके ठीक करना होगा।
लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
परियोजना पूरी होने के बाद नीलम चौक और बाटा चौक जैसे प्रमुख चौराहों पर जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और बाजारों में व्यापार प्रभावित नहीं होगा। इसके अलावा आसपास की कॉलोनियों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या भी कम होने की उम्मीद है।
जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द इस परियोजना का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।-ओम दत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने नीलम चौक से बाटा चौक तक के संवेदनशील हिस्से के लिए 4.81 करोड़ रुपये की हाई-कैपेसिटी मास्टर ड्रेनेज परियोजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य मानसून के दौरान जलभराव, ट्रैफिक जाम और कारोबार पर पड़ने वाले असर को कम करना है।
नमो भारत का काम दिसंबर और 9 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का काम भी इसी साल शुरू होने की उम्मीद है। इसको देखते हुए बड़े स्तर पर ड्रेनेज व्यवस्था में बदलाव किए जा रहे हैं। इन दोनों के शुरू होने से पहले फरीदाबाद में ढांचे में आई समस्याओं को दूर किया जा रहा है। हर साल बारिश के दौरान नीलम चौक, बाटा चौक और आसपास के बाजारों में हालात बिगड़ जाते हैं। कुछ घंटों की बारिश के बाद ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। इस क्षेत्र में रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं लेकिन जलभराव के समय ट्रैफिक की रफ्तार काफी धीमी हो जाती है जिससे आमजन के साथ-साथ आपात सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
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कॉरिडोर विकास से पहले ड्रेनेज सुधार पर जोर
बाटा चौक से सैनिक कॉलोनी मोड़ तक प्रस्तावित करीब 700 करोड़ रुपये के कॉरिडोर और 15000 करोड़ के नमो भारत नेटवर्क का यह हिस्सा शहर के प्रमुख ट्रैफिक मार्गों में शामिल है। दिसंबर से इसके निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। ऐसे में उससे पहले जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है ताकि भविष्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर इसका असर न पड़े।
नई ड्रेनेज परियोजना होगी खास
परियोजना के तहत नीलम चौक से बाटा चौक होते हुए एसी नगर नाले तक 1800 एमएम की आरसीसी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम की क्षमता सीमित होने और कई स्थानों पर जाम की समस्या के कारण यह इलाका बॉटलनेक बन जाता है। नई पाइपलाइन इस समस्या को काफी हद तक खत्म करने में मदद करेगी। इसके अलावा एक आधुनिक संप वेल और हाई-पावर पंपिंग सिस्टम लगाया जाएगा जिससे बारिश का पानी तेजी से मुख्य नाले तक पहुंचाया जा सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से जलभराव की स्थिति में कमी आएगी।
समय सीमा तय, तेजी से काम का लक्ष्य
एफएमडीए ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए करीब 3 महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। प्रयास है कि मानसून के दौरान ही इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान गैस पाइपलाइन, जल आपूर्ति लाइन और टेलीकॉम नेटवर्क को सुरक्षित रखने के लिए कॉल बिफोर यू डिग प्रणाली लागू की जाएगी। इससे संबंधित विभागों के साथ तालमेल बनाकर कार्य किया जाएगा।
गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित
निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए साइट पर ही फील्ड लैब स्थापित की जाएगी, जहां सामग्री की नियमित जांच होगी। साथ ही काम पूरा होने के बाद एक वर्ष तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी निर्माण एजेंसी की रहेगी। इससे निर्माण कार्य अच्छा होने के साथ इस्तेमाल की गई सामग्री भी ठीक होने की अधिक संभावना है। अगर खराब सामग्री इस्तेमाल की जाएगी तो एक साल के अंदर खराब होने पर एजेंसी को बिना किसी भुगतान के उसके ठीक करना होगा।
लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
परियोजना पूरी होने के बाद नीलम चौक और बाटा चौक जैसे प्रमुख चौराहों पर जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और बाजारों में व्यापार प्रभावित नहीं होगा। इसके अलावा आसपास की कॉलोनियों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या भी कम होने की उम्मीद है।
जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द इस परियोजना का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।-ओम दत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए
