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Faridabad News: हजारों जीपीए मकानों को मिलेगी राहत, वैध कनेक्शन देकर निगम बढ़ाएगा आय

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2026 12:37 AM IST
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Thousands of GPA houses will receive relief, corporation will increase income by providing legitimate connections
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शुल्क लेकर दिए जा सकते हैं कनेक्शन, बजट में आम लोगों को राहत के संकेत
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साप्ताहिक बाजार, छोटे प्लांट आएंगे रिकॉर्ड में, बजट में आय बढ़ाने की तैयारी
अवैध शराब ठेके व साथ अहातों पर होगी कार्रवाई

मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में आय बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी कर रहा है। इस बार बजट का सबसे बड़ा फोकस जीपीए (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) के आधार पर बने मकानों को वैध पानी और सीवर कनेक्शन देने पर रखा गया है ताकि हजारों घरों को राहत मिलने के साथ निगम को भी नियमित शुल्क के रूप में आय मिल सके। बजट मसौदे पर हुई बैठक में प्रॉपर्टी टैक्स वसूली बढ़ाने, छोटे उद्योगों को लाइसेंस के दायरे में लाने, वीकली बाजारों को नियमित करने और अवैध कब्जों पर कार्रवाई जैसे कई प्रस्ताव रखे गए। इन सभी प्रस्तावों पर 28 मार्च को होने वाली बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

निगम सूत्रों के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए करीब 2250 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है जबकि विभागीय खर्च लगभग 600 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। बढ़ते खर्च को देखते हुए इस बार आय के नए स्रोत तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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जीपीए मकानों को वैध कनेक्शन देने की तैयारी

शहर में बड़ी संख्या में ऐसे मकान हैं जो जीपीए के आधार पर बने हुए हैं और उन्हें अब तक पानी व सीवर के वैध कनेक्शन नहीं मिल पाए हैं। इस कारण लोग असुविधा झेल रहे हैं और निगम को भी शुल्क के रूप में आय नहीं मिल पा रही। निगम ने सरकार को प्रस्ताव भेजने की तैयारी की है कि ऐसे मकानों को निर्धारित शुल्क लेकर वैध कनेक्शन दिए जाएं। अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था लागू होने पर हजारों संपत्तियां रिकॉर्ड में आ जाएंगी और निगम की आय में बड़ा इजाफा होगा।

125 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का लक्ष्य

वित्तीय मसौदे में इस बार प्रॉपर्टी टैक्स को सबसे बड़ा आय स्रोत माना गया है। आगामी वर्ष के लिए 125 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली का अनुमान है। इसके अलावा कम्यूनिटी सेंटर, पार्किंग, वीकली बाजार और अन्य निगम संपत्तियों से शुल्क वसूली को व्यवस्थित करने के लिए अलग से सदस्य बनाए गए हैं जो शुल्क दर तय करेंगे और वसूली की निगरानी करेंगे।

छोटे उद्योगों को लाइसेंस, आरओ-सोडा-आइसक्रीम यूनिट भी आएंगी दायरे में

राजस्व बढ़ाने के लिए शहर में चल रही छोटी औद्योगिक इकाइयों को लाइसेंस के दायरे में लाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसमें आरओ प्लांट, सोडा बनाने वाली यूनिट, आइसक्रीम बनाने वाले छोटे कारखाने और अन्य खाद्य इकाइयां शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस व्यवस्था लागू होने से निगम को शुल्क मिलेगा और साथ ही स्वच्छता व गुणवत्ता पर नियंत्रण भी रखा जा सकेगा।

रोज लगने वाले 150 वीकली बाजार होंगे नियमित

शहर में रोजाना लगने वाले करीब 150 छोटे और साप्ताहिक बाजारों को लेकर भी नई नीति बनाने की तैयारी है। कई बार इन बाजारों को हटाने की कार्रवाई की गई लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। अब इन्हें तय स्थानों पर नियमित कर शुल्क वसूली की योजना बनाई जा रही है जिससे अव्यवस्था कम होगी और निगम की आय बढ़ेगी।

अवैध ठेकों व कब्जों पर कार्रवाई, कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव

निगम की जमीन पर बिना अनुमति चल रहे शराब ठेकों और अहातों पर कार्रवाई करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसके अलावा वर्ष 1994 में स्वीकृत कॉलोनियों के बीच रह गई कुछ कॉलोनियों को भी पास कराने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। कॉलोनियां नियमित होने के बाद यहां के लोगों को वैध कनेक्शन और प्रॉपर्टी आईडी जारी की जा सकेगी जिससे निगम को नियमित शुल्क प्राप्त होगा।

600 करोड़ खर्च का अनुमान, सैलरी बड़ा बोझ

बजट मसौदे के अनुसार निगम का कुल खर्च करीब 600 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। कर्मचारियों के वेतन पर ही लगभग 26 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसके अलावा अन्य विभागीय कार्यों पर भी बड़ी राशि खर्च होती है। अधिकारियों का कहना है कि आय और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखना इस बार सबसे बड़ी चुनौती है।

28 मार्च को होगी निर्णायक बैठक

बजट को अंतिम रूप देने के लिए 28 मार्च को दूसरी बैठक बुलाई गई है। इसमें सभी प्रस्तावों पर चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। पार्षदों से भी सुझाव मांगे गए हैं ताकि वार्ड स्तर की जरूरतों को बजट में शामिल किया जा सके।

विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने और लोगों की समस्याओं को समय पर दूर करने को प्राथमिकता देते हुए बजट तैयार किया जा रहा है। - धीरेंद्र खड़गटा , निगम आयुक्त
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