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Faridabad News: वार्ड-31 में लगाए जा रहे तीन नए नलकूप, टैंकर पर निर्भरता होगी कम
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हजारों घरों को मिलेगी राहत, पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हर गर्मी के साथ ओल्ड फरीदाबाद के लोगों की सबसे बड़ी चिंता बन जाने वाला जल संकट अब जल्द समाप्त होने वाला है। वार्ड नंबर-31 के अंतर्गत आने वाले सेक्टर-16ए और आसपास के इलाकों में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाया है। लंबे समय से कमजोर पड़ चुके और सूखते नलकूपों की जगह अब तीन नए आधुनिक नलकूप लगाए जा रहे हैं। इस योजना से पानी की उपलब्धता बढ़ने के साथ वर्षों से चली आ रही टैंकर पर निर्भरता से भी लोगों को राहत मिलेगी
ओल्ड फरीदाबाद के कई रिहायशी इलाकों में हर साल अप्रैल-मई आते ही पानी की किल्लत गहराने लगती है। कई घरों में सुबह-शाम पानी का इंतजार करना पड़ता है तो कई इलाकों में ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता। स्थानीय लोगों की शिकायतें लगातार प्रशासन तक पहुंच रही थीं। इन्हीं हालात को देखते हुए सरकार और नगर निगम स्तर पर पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर काम शुरू किया है।
पुराने नलकूपों की जगह नए हाई-कैपेसिटी बोर
वार्ड-31 में जो नलकूप पहले से मौजूद थे वे समय के साथ कमजोर हो चुके हैं। कहीं पानी का प्रेशर बहुत कम है तो कहीं नलकूप पूरी तरह सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं। अब इनकी जगह तीन नए नलकूप लगाए जा रहे हैं जो ज्यादा गहराई तक बोर किए जाएंगे और लंबे समय तक स्थायी समाधान देंगे। नए नलकूप सेक्टर-16ए में मकान नंबर 634 के पास, गीता मंदिर के समीप और मेट्रो स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में लगाए जा रहे हैं। ये ऐसे इलाके हैं जहां आबादी का दबाव अधिक है और पानी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
आधुनिक तकनीक से बनेगा टिकाऊ समाधान
इस परियोजना की खास बात यह है कि इसमें आधुनिक हाइड्रोलिक रोटरी ड्रिलिंग यानी रिवर्स सर्कुलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। आम तौर पर पुराने बोर कुछ साल में गाद भरने या जलस्तर गिरने की वजह से बेकार हो जाते थे। नई तकनीक से किए जा रहे बोर ज्यादा गहराई तक पहुंचेंगे और जलस्तर से बेहतर तरीके से जुड़ेंगे। इससे भविष्य में नलकूप के सूखने या जल्दी खराब होने की संभावना काफी कम हो जाएगी। प्रशासन का दावा है कि यह तकनीक आने वाले कई वर्षों तक वार्ड-31 की पानी की जरूरतों को संभालने में सक्षम होगी।
आम लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
इस योजना का सीधा लाभ सीधा लोगों को मिलेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पानी का प्रेशर तेज हो जाता है तो रोजाना सामने आने वाली परेशानियो का समाधान हो जाएगा। अभी कई घरों में पहली मंजिल से ऊपर पानी नहीं पहुंच पाता जिससे मोटर और स्टोरेज पर निर्भरता बढ़ जाती है। नए नलकूपों से यह समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है। दूसरा बड़ा फायदा टैंकरों से मुक्ति का है। पानी की कमी के समय निजी टैंकरों की मनमानी आम बात रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को महंगे टैंकरों पर खर्च नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल भी एक अहम लाभ होगा। पुराने नलकूपों से कई बार मटमैला या बदबूदार पानी आने की शिकायतें रहती है। नई ड्रिलिंग तकनीक से साफ और सुरक्षित पानी मिलेगा। नए पंप और सिस्टम पुराने पंपों की तुलना में ज्यादा ऊर्जा-कुशल होंगे जिससे बिजली की खपत कम होगी और व्यवस्था ज्यादा टिकाऊ बनेगी।
गर्मी से पहले कार्य पूरा करने का लक्ष्य
नगर निगम ने इस काम को प्राथमिकता में रखा है। अधिकारियों के मुताबिक योजना को छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि आने वाली भीषण गर्मी से पहले लोगों को राहत मिल सके। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस कदम से वार्ड-31 के साथ ओल्ड फरीदाबाद के अन्य इलाकों में भी जल व्यवस्था में सुधार आएगा।
लोगों की सुविधा के लिए निगम की तरफ से हर स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द इसकी सुविधा मिलना भी शुरू हो जाएगी। - संजीव कुमार, कार्यकारी अभियंता नगर निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हर गर्मी के साथ ओल्ड फरीदाबाद के लोगों की सबसे बड़ी चिंता बन जाने वाला जल संकट अब जल्द समाप्त होने वाला है। वार्ड नंबर-31 के अंतर्गत आने वाले सेक्टर-16ए और आसपास के इलाकों में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाया है। लंबे समय से कमजोर पड़ चुके और सूखते नलकूपों की जगह अब तीन नए आधुनिक नलकूप लगाए जा रहे हैं। इस योजना से पानी की उपलब्धता बढ़ने के साथ वर्षों से चली आ रही टैंकर पर निर्भरता से भी लोगों को राहत मिलेगी
ओल्ड फरीदाबाद के कई रिहायशी इलाकों में हर साल अप्रैल-मई आते ही पानी की किल्लत गहराने लगती है। कई घरों में सुबह-शाम पानी का इंतजार करना पड़ता है तो कई इलाकों में ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता। स्थानीय लोगों की शिकायतें लगातार प्रशासन तक पहुंच रही थीं। इन्हीं हालात को देखते हुए सरकार और नगर निगम स्तर पर पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर काम शुरू किया है।
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पुराने नलकूपों की जगह नए हाई-कैपेसिटी बोर
वार्ड-31 में जो नलकूप पहले से मौजूद थे वे समय के साथ कमजोर हो चुके हैं। कहीं पानी का प्रेशर बहुत कम है तो कहीं नलकूप पूरी तरह सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं। अब इनकी जगह तीन नए नलकूप लगाए जा रहे हैं जो ज्यादा गहराई तक बोर किए जाएंगे और लंबे समय तक स्थायी समाधान देंगे। नए नलकूप सेक्टर-16ए में मकान नंबर 634 के पास, गीता मंदिर के समीप और मेट्रो स्टेशन के आसपास के क्षेत्रों में लगाए जा रहे हैं। ये ऐसे इलाके हैं जहां आबादी का दबाव अधिक है और पानी की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
आधुनिक तकनीक से बनेगा टिकाऊ समाधान
इस परियोजना की खास बात यह है कि इसमें आधुनिक हाइड्रोलिक रोटरी ड्रिलिंग यानी रिवर्स सर्कुलेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। आम तौर पर पुराने बोर कुछ साल में गाद भरने या जलस्तर गिरने की वजह से बेकार हो जाते थे। नई तकनीक से किए जा रहे बोर ज्यादा गहराई तक पहुंचेंगे और जलस्तर से बेहतर तरीके से जुड़ेंगे। इससे भविष्य में नलकूप के सूखने या जल्दी खराब होने की संभावना काफी कम हो जाएगी। प्रशासन का दावा है कि यह तकनीक आने वाले कई वर्षों तक वार्ड-31 की पानी की जरूरतों को संभालने में सक्षम होगी।
आम लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
इस योजना का सीधा लाभ सीधा लोगों को मिलेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पानी का प्रेशर तेज हो जाता है तो रोजाना सामने आने वाली परेशानियो का समाधान हो जाएगा। अभी कई घरों में पहली मंजिल से ऊपर पानी नहीं पहुंच पाता जिससे मोटर और स्टोरेज पर निर्भरता बढ़ जाती है। नए नलकूपों से यह समस्या काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है। दूसरा बड़ा फायदा टैंकरों से मुक्ति का है। पानी की कमी के समय निजी टैंकरों की मनमानी आम बात रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को महंगे टैंकरों पर खर्च नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल भी एक अहम लाभ होगा। पुराने नलकूपों से कई बार मटमैला या बदबूदार पानी आने की शिकायतें रहती है। नई ड्रिलिंग तकनीक से साफ और सुरक्षित पानी मिलेगा। नए पंप और सिस्टम पुराने पंपों की तुलना में ज्यादा ऊर्जा-कुशल होंगे जिससे बिजली की खपत कम होगी और व्यवस्था ज्यादा टिकाऊ बनेगी।
गर्मी से पहले कार्य पूरा करने का लक्ष्य
नगर निगम ने इस काम को प्राथमिकता में रखा है। अधिकारियों के मुताबिक योजना को छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि आने वाली भीषण गर्मी से पहले लोगों को राहत मिल सके। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस कदम से वार्ड-31 के साथ ओल्ड फरीदाबाद के अन्य इलाकों में भी जल व्यवस्था में सुधार आएगा।
लोगों की सुविधा के लिए निगम की तरफ से हर स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द इसकी सुविधा मिलना भी शुरू हो जाएगी। - संजीव कुमार, कार्यकारी अभियंता नगर निगम