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Faridabad News: कचरा मुक्त फरीदाबाद के तहत 22 सोसाइटियों ने पेश की जीरो वेस्ट की मिसाल
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निगम की तरफ से स्वच्छ भारत मिशन को जमीन पर उतारने वाले जमीनी नायकों का सम्मान किया गया
अब 1 फरवरी से नियमों की अनदेखी पर चलेगा निगम का डंडा
धीरेंद्र खड़गटा ने कहा- जन-भागीदारी से ही बदलेगी शहर की सूरत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद को कूड़े के ढेरों से मुक्त करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नगर निगम हर स्तर पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में निगम की तरफ से स्वच्छ भारत मिशन को जमीन पर उतारने वाले जमीनी नायकों का सम्मान किया गया।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने शहर की 22 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, गेटेड सोसाइटियों और विभिन्न शिक्षण व सामाजिक संस्थानों को उनके द्वारा किए गए क्रांतिकारी कचरा प्रबंधन कार्यों के लिए सम्मानित किया। नगर निगम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन सोसाइटियों को मंच दिया गया जिन्होंने अपने परिसर के भीतर ही कचरे का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया है। इन सोसाइटियों ने वेस्ट टू वेल्थ के मंत्र को अपनाकर यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो कचरा समस्या नहीं बल्कि संसाधन है।
इस गौरवमयी सूची में इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन का नाम प्रमुखता से सामने आया। आईपीसीए ने फरीदाबाद की सोसाइटियों में एरोबिन तकनीक को स्थापित कर गीले कचरे के निस्तारण की राह आसान की है। यह तकनीक बिना किसी दुर्गंध के और कम समय में गीले कचरे को उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद में बदल देती है। कमिश्नर ने स्वयं माना कि आईपीसीए जैसी संस्थाओं के सहयोग से ही सोसाइटियों में कम्पोस्टिंग को बढ़ावा मिल रहा है।
जीरो वेस्ट मॉडल से मिल रही सफलता
सम्मानित होने वाली 22 सोसायटियों ने अपने यहां कचरा पृथक्करण को अनिवार्य बनाया है। यहां के नागरिक सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग रखते हैं। कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने इन संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा इन सोसाइटियों ने न केवल निगम का बोझ कम किया है बल्कि बंधवाड़ी जैसे लैंडफिल साइटों पर जाने वाले कचरे की मात्रा को भी घटाया है। यह वैज्ञानिक तरीका ही फरीदाबाद को भविष्य में बीमारियों से बचाएगा।
1 फरवरी से चालान और एन्फोर्समेंट का दौर शुरू
निगम आयुक्त ने एक सख्त चेतावनी भी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जो सोसाइटियां या संस्थान बार-बार समझाने के बावजूद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं उनके विरुद्ध 1 फरवरी से बड़े स्तर पर चालान अभियान चलाया जाएगा।
निगम की रडार पर अवैध कचरा वेंडर
शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले वे वेंडर जिन्होंने अभी तक निगम में पंजीकरण नहीं कराया है उन पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए निगम की तैयारी कर ली है। आयुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि अनधिकृत वेंडर्स कचरे को उठाकर सड़कों के किनारे या खाली प्लाटों में फेंक देते हैं जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी सोसायटियां जो अपने कचरे का मौके पर निस्तारण नहीं कर रही हैं और नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं वे निगम की निगरानी सूची में हैं।
हर शनिवार होगी समीक्षा, बनेगी मास्टर ट्रेनर्स की नई फौज
स्वच्छता अभियान को केवल कागजों तक सीमित न रखकर इसे धरातल पर लाने के लिए निगम ने एक अनूठा रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत प्रत्येक शनिवार को कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समन्वय बैठक होगी। इसमें शहर का कोई भी जागरूक नागरिक, स्वयंसेवक या संस्था प्रतिनिधि हिस्सा ले सकता है। यह बैठक सीधे संवाद का जरिया बनेगी ताकि शिकायतों का मौके पर निपटारा हो सके। वहीं निगम अब हर वार्ड में मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति कर रहा है। ये प्रशिक्षित विशेषज्ञ वार्ड पार्षदों और स्थानीय निवासियों के बीच एक सेतु का काम करेंगे। इनका मुख्य काम लोगों को यह सिखाना होगा कि रसोई के कचरे से खाद कैसे बनाई जाए और प्लास्टिक कचरे का निपटान कैसे हो।
बंधवाड़ी के बोझ को कम करने की चुनौती
वर्तमान में फरीदाबाद से निकलने वाला अधिकांश कचरा बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर जाता है जो अरावली की पहाड़ियों के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है। निगम का मानना है कि यदि शहर की सभी गेटेड सोसाइटियां और बड़े संस्थान अपने कचरे का निस्तारण खुद करने लगें तो शहर से निकलने वाले कुल कचरे में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है। निगम आयुक्त ने कहा कि नगर निगम अकेला शहर साफ नहीं कर सकता। इसके लिए हर हाथ का साथ चाहिए।
जोड़
निगम आयुक्त की तरफ से सम्मान मिलना बड़ी बात है। इससे हम लोगों का उत्साह और बढ़ा है। हम आगे भी इस तरह के सामाजिक कार्य करते रहेंगे। -बलबीर रंधावा, सेक्टर 89
हम लोग आगे भी इस तरह के प्रयास करेंगे। आगे के लिए योजना तैयार कर रहे हैं ताकि कूड़े की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके। - बबीता सिंह, समर पाम सेक्टर 86
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अब 1 फरवरी से नियमों की अनदेखी पर चलेगा निगम का डंडा
धीरेंद्र खड़गटा ने कहा- जन-भागीदारी से ही बदलेगी शहर की सूरत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद को कूड़े के ढेरों से मुक्त करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नगर निगम हर स्तर पर काम कर रहा है। इसी कड़ी में निगम की तरफ से स्वच्छ भारत मिशन को जमीन पर उतारने वाले जमीनी नायकों का सम्मान किया गया।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने शहर की 22 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, गेटेड सोसाइटियों और विभिन्न शिक्षण व सामाजिक संस्थानों को उनके द्वारा किए गए क्रांतिकारी कचरा प्रबंधन कार्यों के लिए सम्मानित किया। नगर निगम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन सोसाइटियों को मंच दिया गया जिन्होंने अपने परिसर के भीतर ही कचरे का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया है। इन सोसाइटियों ने वेस्ट टू वेल्थ के मंत्र को अपनाकर यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो कचरा समस्या नहीं बल्कि संसाधन है।
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इस गौरवमयी सूची में इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन का नाम प्रमुखता से सामने आया। आईपीसीए ने फरीदाबाद की सोसाइटियों में एरोबिन तकनीक को स्थापित कर गीले कचरे के निस्तारण की राह आसान की है। यह तकनीक बिना किसी दुर्गंध के और कम समय में गीले कचरे को उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद में बदल देती है। कमिश्नर ने स्वयं माना कि आईपीसीए जैसी संस्थाओं के सहयोग से ही सोसाइटियों में कम्पोस्टिंग को बढ़ावा मिल रहा है।
जीरो वेस्ट मॉडल से मिल रही सफलता
सम्मानित होने वाली 22 सोसायटियों ने अपने यहां कचरा पृथक्करण को अनिवार्य बनाया है। यहां के नागरिक सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग रखते हैं। कमिश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने इन संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा इन सोसाइटियों ने न केवल निगम का बोझ कम किया है बल्कि बंधवाड़ी जैसे लैंडफिल साइटों पर जाने वाले कचरे की मात्रा को भी घटाया है। यह वैज्ञानिक तरीका ही फरीदाबाद को भविष्य में बीमारियों से बचाएगा।
1 फरवरी से चालान और एन्फोर्समेंट का दौर शुरू
निगम आयुक्त ने एक सख्त चेतावनी भी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जो सोसाइटियां या संस्थान बार-बार समझाने के बावजूद सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं उनके विरुद्ध 1 फरवरी से बड़े स्तर पर चालान अभियान चलाया जाएगा।
निगम की रडार पर अवैध कचरा वेंडर
शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले वे वेंडर जिन्होंने अभी तक निगम में पंजीकरण नहीं कराया है उन पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए निगम की तैयारी कर ली है। आयुक्त ने दो टूक शब्दों में कहा कि अनधिकृत वेंडर्स कचरे को उठाकर सड़कों के किनारे या खाली प्लाटों में फेंक देते हैं जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी सोसायटियां जो अपने कचरे का मौके पर निस्तारण नहीं कर रही हैं और नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं वे निगम की निगरानी सूची में हैं।
हर शनिवार होगी समीक्षा, बनेगी मास्टर ट्रेनर्स की नई फौज
स्वच्छता अभियान को केवल कागजों तक सीमित न रखकर इसे धरातल पर लाने के लिए निगम ने एक अनूठा रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत प्रत्येक शनिवार को कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समन्वय बैठक होगी। इसमें शहर का कोई भी जागरूक नागरिक, स्वयंसेवक या संस्था प्रतिनिधि हिस्सा ले सकता है। यह बैठक सीधे संवाद का जरिया बनेगी ताकि शिकायतों का मौके पर निपटारा हो सके। वहीं निगम अब हर वार्ड में मास्टर ट्रेनर्स की नियुक्ति कर रहा है। ये प्रशिक्षित विशेषज्ञ वार्ड पार्षदों और स्थानीय निवासियों के बीच एक सेतु का काम करेंगे। इनका मुख्य काम लोगों को यह सिखाना होगा कि रसोई के कचरे से खाद कैसे बनाई जाए और प्लास्टिक कचरे का निपटान कैसे हो।
बंधवाड़ी के बोझ को कम करने की चुनौती
वर्तमान में फरीदाबाद से निकलने वाला अधिकांश कचरा बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर जाता है जो अरावली की पहाड़ियों के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है। निगम का मानना है कि यदि शहर की सभी गेटेड सोसाइटियां और बड़े संस्थान अपने कचरे का निस्तारण खुद करने लगें तो शहर से निकलने वाले कुल कचरे में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है। निगम आयुक्त ने कहा कि नगर निगम अकेला शहर साफ नहीं कर सकता। इसके लिए हर हाथ का साथ चाहिए।
जोड़
निगम आयुक्त की तरफ से सम्मान मिलना बड़ी बात है। इससे हम लोगों का उत्साह और बढ़ा है। हम आगे भी इस तरह के सामाजिक कार्य करते रहेंगे। -बलबीर रंधावा, सेक्टर 89
हम लोग आगे भी इस तरह के प्रयास करेंगे। आगे के लिए योजना तैयार कर रहे हैं ताकि कूड़े की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके। - बबीता सिंह, समर पाम सेक्टर 86