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Faridabad News: महिला समृद्धि योजना से सशक्त हो रहीं महिलाएं
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रियायती ऋण से बढ़े स्वरोजगार, जिले की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नवरात्र के पावन अवसर पर जहां देवी शक्ति की आराधना की जा रही है, वहीं राज्य सरकार की महिला समृद्धि योजना का लाभ उठाकर जिले की महिलाएं सशक्त हो रही हैं। यह योजना लंबे समय से महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहे हैं। कई महिलाएं इस योजना के माध्यम से न केवल अपने पैरों पर खड़ी हुई हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बन रही हैं।
महिला समृद्धि योजना के तहत अनुसूचित जाति, सफाई कर्मचारी और पिछड़े वर्ग से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के लिए रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में करीब 1.40 लाख रुपये तक का ऋण मात्र 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर दिया जाता है, जिसे 42 महीने की आसान किस्तों में चुकाया जा सकता है। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) या व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं, जिससे वे छोटे व्यवसाय शुरू या विस्तार कर सकती हैं।
जिले में बड़ी संख्या में महिलाएं व्यक्तिगत और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के साथ जुड़कर इस योजना का लाभ ले रही हैं। सस्ते ब्याज पर ऋण मिलने से वे सिलाई, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य छोटे व्यवसायों में आगे बढ़ रही हैं।
इस योजना से मिले ऋण ने मुझे काम शुरू करने का हौसला दिया। आज मैं अपने बनाए उत्पाद बेच रही हूं और घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटा रही हूं। गरीब तबके की महिलाओं के लिए ऐसी योजनाएं वरदान की तरह हैं।-आशा, संजय कालोनी
पहले रोजगार का कोई साधन नहीं था, लेकिन अब अपना पार्लर चला रही हूं। इससे आमदनी भी हो रही है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। घर के ज्यादातर खर्चे मैं ही वहन करती हूं।-पिंकी, प्रतापगढ़
योजना के बारे में सफाई कर्मचारी यूनियन के माध्यम से पता चला। ऋण लेकर मैंने सिलाई का काम शुरू कर लिया है। अब घर बैठे ही अच्छी कमाई हो जाती है और परिवार को सहारा मिल रहा है।-राधा, सेक्टर-4
हमारे समूह की महिलाएं मिलकर काम कर रही हैं। इस योजना से मिला सहयोग हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। योजना के जरिए मिलने वाला ऋण बहुत सस्ता है। कम ब्याज दर होने की वजह से किस्त का दबाव नहीं रहता।-आरती महतो, पटेल नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नवरात्र के पावन अवसर पर जहां देवी शक्ति की आराधना की जा रही है, वहीं राज्य सरकार की महिला समृद्धि योजना का लाभ उठाकर जिले की महिलाएं सशक्त हो रही हैं। यह योजना लंबे समय से महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है और इसके सकारात्मक परिणाम जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहे हैं। कई महिलाएं इस योजना के माध्यम से न केवल अपने पैरों पर खड़ी हुई हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बन रही हैं।
महिला समृद्धि योजना के तहत अनुसूचित जाति, सफाई कर्मचारी और पिछड़े वर्ग से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार के लिए रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में करीब 1.40 लाख रुपये तक का ऋण मात्र 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर दिया जाता है, जिसे 42 महीने की आसान किस्तों में चुकाया जा सकता है। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) या व्यक्तिगत रूप से आवेदन कर महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं, जिससे वे छोटे व्यवसाय शुरू या विस्तार कर सकती हैं।
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जिले में बड़ी संख्या में महिलाएं व्यक्तिगत और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के साथ जुड़कर इस योजना का लाभ ले रही हैं। सस्ते ब्याज पर ऋण मिलने से वे सिलाई, ब्यूटी पार्लर, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य छोटे व्यवसायों में आगे बढ़ रही हैं।
इस योजना से मिले ऋण ने मुझे काम शुरू करने का हौसला दिया। आज मैं अपने बनाए उत्पाद बेच रही हूं और घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटा रही हूं। गरीब तबके की महिलाओं के लिए ऐसी योजनाएं वरदान की तरह हैं।-आशा, संजय कालोनी
पहले रोजगार का कोई साधन नहीं था, लेकिन अब अपना पार्लर चला रही हूं। इससे आमदनी भी हो रही है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। घर के ज्यादातर खर्चे मैं ही वहन करती हूं।-पिंकी, प्रतापगढ़
योजना के बारे में सफाई कर्मचारी यूनियन के माध्यम से पता चला। ऋण लेकर मैंने सिलाई का काम शुरू कर लिया है। अब घर बैठे ही अच्छी कमाई हो जाती है और परिवार को सहारा मिल रहा है।-राधा, सेक्टर-4
हमारे समूह की महिलाएं मिलकर काम कर रही हैं। इस योजना से मिला सहयोग हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है। योजना के जरिए मिलने वाला ऋण बहुत सस्ता है। कम ब्याज दर होने की वजह से किस्त का दबाव नहीं रहता।-आरती महतो, पटेल नगर