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Faridabad News: कार्यस्थल सुरक्षा कोष से बढ़ेगा महिलाओं का आत्मविश्वास
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नवरात्र के पावन अवसर पर जहां एक ओर नारी शक्ति की आराधना हो रही है, वहीं हरियाणा सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित वर्क प्लेस सेफ्टी फंड, विशेष पॉश सेल और विशाखा पोर्टल जैसी पहल यह दर्शाती हैं कि महिला सशक्तीकरण केवल पर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जीवन के हर क्षेत्र में मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में लाखों श्रमिक विभिन्न इकाइयों में कार्यरत हैं, लेकिन इनमें महिलाओं की भागीदारी आधे से काफी कम है। कार्यस्थल पर सुरक्षा, असमान वेतन, परिवहन की समस्या और सामाजिक कारण महिलाओं की कम भागीदारी के प्रमुख कारण हैं। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा 5 करोड़ रुपये की लागत से कार्यस्थल सुरक्षा कोष स्थापित करने की घोषणा को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यस्थल पर महिलाओं को लिंग-आधारित भेदभाव, यौन उत्पीड़न, असुरक्षित परिवहन और स्वच्छता सुविधाओं की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा देर रात की शिफ्ट, मानसिक दबाव और घर-परिवार की जिम्मेदारियों के दोहरे बोझ के कारण भी महिलाएं असुरक्षा महसूस करती हैं। यह कोष इन चुनौतियों को कम करने की दिशा में प्रभावी साबित हो सकता है।
अगर कार्यस्थल पर सुरक्षा मजबूत होगी तो हम महिलाएं भी बिना डर के काम कर पाएंगी। यह फंड हमारे लिए भरोसा बढ़ाने वाला कदम है।-रीना, सेक्टर-4
जब महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा तो आने वाली पीढ़ी की लड़कियां भी करियर बनाने में पीछे नहीं रहेंगी। यह पहल सकारात्मक बदलाव लाएगी।-पूजा, एसजीएम नगर
हमारे मोहल्ले में ही कई ऐसी महिलाएं हैं जिनके पास कौशल है, लेकिन वे कहीं काम करने जाती। इसकी कुछ भी वजह हो सकती है, सुरक्षा की चिंता भी संभव है। कार्यस्थल पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।-दीप्ति, खेड़ी पुल
मेरे जैसी कई महिलाएं होंगी जो रात की शिफ्ट में काम करती होंगी। ऐसी महिलाओं के लिए ऐसी पहल बहुत जरूरी है। इससे परिवार का भी भरोसा बढ़ेगा।-सुनीता, ऐतमादपुर
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फरीदाबाद। नवरात्र के पावन अवसर पर जहां एक ओर नारी शक्ति की आराधना हो रही है, वहीं हरियाणा सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित वर्क प्लेस सेफ्टी फंड, विशेष पॉश सेल और विशाखा पोर्टल जैसी पहल यह दर्शाती हैं कि महिला सशक्तीकरण केवल पर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जीवन के हर क्षेत्र में मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में लाखों श्रमिक विभिन्न इकाइयों में कार्यरत हैं, लेकिन इनमें महिलाओं की भागीदारी आधे से काफी कम है। कार्यस्थल पर सुरक्षा, असमान वेतन, परिवहन की समस्या और सामाजिक कारण महिलाओं की कम भागीदारी के प्रमुख कारण हैं। ऐसे में राज्य सरकार द्वारा 5 करोड़ रुपये की लागत से कार्यस्थल सुरक्षा कोष स्थापित करने की घोषणा को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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कार्यस्थल पर महिलाओं को लिंग-आधारित भेदभाव, यौन उत्पीड़न, असुरक्षित परिवहन और स्वच्छता सुविधाओं की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा देर रात की शिफ्ट, मानसिक दबाव और घर-परिवार की जिम्मेदारियों के दोहरे बोझ के कारण भी महिलाएं असुरक्षा महसूस करती हैं। यह कोष इन चुनौतियों को कम करने की दिशा में प्रभावी साबित हो सकता है।
अगर कार्यस्थल पर सुरक्षा मजबूत होगी तो हम महिलाएं भी बिना डर के काम कर पाएंगी। यह फंड हमारे लिए भरोसा बढ़ाने वाला कदम है।-रीना, सेक्टर-4
जब महिलाओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा तो आने वाली पीढ़ी की लड़कियां भी करियर बनाने में पीछे नहीं रहेंगी। यह पहल सकारात्मक बदलाव लाएगी।-पूजा, एसजीएम नगर
हमारे मोहल्ले में ही कई ऐसी महिलाएं हैं जिनके पास कौशल है, लेकिन वे कहीं काम करने जाती। इसकी कुछ भी वजह हो सकती है, सुरक्षा की चिंता भी संभव है। कार्यस्थल पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।-दीप्ति, खेड़ी पुल
मेरे जैसी कई महिलाएं होंगी जो रात की शिफ्ट में काम करती होंगी। ऐसी महिलाओं के लिए ऐसी पहल बहुत जरूरी है। इससे परिवार का भी भरोसा बढ़ेगा।-सुनीता, ऐतमादपुर