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Noida: डॉक्टर की गैर मौजूदगी में चल रहे पांच अल्ट्रासाउंड सेंटर सील, सेक्टर 37 में होता था भ्रूण लिंग परीक्षण
वान्या दीक्षित, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 18 Feb 2026 06:32 AM IST
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सार
डिप्टी सीएमओ डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि अक्तूबर में सेक्टर 37 स्थित भारत स्कैनिंग सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण की गुप्त सूचना मिली थी।
सील अल्ट्रासाउंड सेंटर
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
जिले में मानकों को नजरअंदाज कर चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कार्रवाई की गई है। गुप्त सूचना और औचक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार संदिग्ध अल्ट्रासाउंड सेंटर और एक निजी सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन को सील किया है।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि अक्तूबर में सेक्टर 37 स्थित भारत स्कैनिंग सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण की गुप्त सूचना मिली थी। विभाग की टीम के निरीक्षण के बाद सेंटर को सील किया। एफआईआर भी हुई। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर अन्य सेंटरों की जांच जारी रही।
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पिछले एक महीने में पांच ऐसे सेंटर मिले जहां पर मानकों का उल्लंघन हो रहा था। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में अल्ट्रासाउंड सेंटर खुले थे। जरूरी दस्तावेज और सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे। प्रसव पूर्ण प्रसव निदान लिंग चयन प्रतिरोध अधिनियम 1994 के तहत कार्रवाई की गई है।
इन पर हुई कार्रवाई
डिप्टी सीएमओ ने बताया कि छिजारसी स्थित लाइफ केयर अल्ट्रासाउंड सेंटर और हाईटेक डायग्नोस्टिक सेंटर, बिसरख स्थित नवजीवन डायग्नोस्टिक सेंटर, कासना स्थित हर्ष अल्ट्रासाउंड सेंटर और दनकौर का कृष्णा हॉस्पिटल की जांच की गई। चार सेंटर सील किए गए। कृष्णा हॉस्पिटल की अल्ट्रासाउंड मशीन सील की गई। दस्तावेज सही मिलने पर हाईटेक डायग्नोस्टिक सेंटर व बिसरख स्थित नवजीवन डायग्नोस्टिक सेंटर खुल गया।
मिलती है प्रोत्साहन राशि : डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि भ्रूण लिंग परीक्षण की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है। मामला सही पाया जाने पर पर 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसमें 60 हजार रुपये मुखबिर को मिलते हैं जो सूचना देता है।