दिल्ली में पिता-पुत्र की मौत: अचार गलाने वाले केमिकल के गड्ढे में गिरे, चार हुए थे अचेत; एक मजदूर और बेटा बचा
अचार बनाने के लिए कई केमिकल डालकर गड्ढों को पैक कर दिया जाता है। इसके बाद कई दिनों की प्रक्रिया में अचार गल जाता है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई बार इस तरह की प्रक्रिया में खतरनाक गैस बन जाती है, जिससे इस तरह के हादसों की संभावना बन जाती है।
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बाहरी दिल्ली के नांगलोई में घर के भीतर चल रही अचार बनाने की एक फैक्टरी में शनिवार शाम हादसा हो गया। इसमें फैक्टरी मालिक पिता-पुत्र की मौत हो गई। दरअसल फैक्टरी मालिक ने अपने घर के ग्राउंड फ्लोर पर अचार को गलाने के लिए 10-10 फीट गहरे गड्ढे (पिट) बनाए हुए थे। इन गड्ढों में अचार में केमिकल डालकर उसे गलाया जाता था।
मजदूर को देखने उतरे थे
शनिवार को एक मजदूर गड्ढे में अचार देखने के लिए नीचे उतरा। नीचे उतरते ही वह अचेत हो गया। मजदूर के बेहोश होते ही फैक्टरी मालिक अपने दो बेटों के सााथ नीचे उतरा। पिता-पुत्र भी अंदर अचेत हो गए। बाकी मजदूरों ने शोर मचाया। इस बीच मामले की सूचना पुलिस के अलावा दमकल विभाग को दी गई।
दो की मौत, दो की हालत नाजुक
बचाव दल के मौके पर पहुंचने से पहले ही फैक्टरी मालिक के भाई ने चारों को गड्ढे से निकाल लिया। बाद में सभी को संजय गांधी अस्पताल भेजा गया। वहां पर फैक्टरी मालिक अनिल (60) और इनके बेटे नीरज (30) को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं अनिल के दूसरे बेटे संदीप (28) व एक अन्य युवक का उपचार जारी है। दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है।
दम घुटने से हुए मौत
क्राइम टीम व एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। मामले की छानबीन जारी है। नांगलोई थाना पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन में जुटी है। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि गड्ढे में दम घुटने की वजह से दोनों की मौत हुई। फिलहाल मामले की जांच जारी है। शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया गया है।
घर में बना रखे हैं कई गड्ढे
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि अनिल परिवार के साथ डी-25, राव विहार, नांगलोई में रहते थे। इनके परिवार में दो बेटे नीरज, संदीप के अलावा बाकी सदस्य हैं। अनिल ने अपने घर में ही ग्राउंड फ्लोर पर अचार बनाने की फैक्टरी बनाई हुई है जबकि पहली मंजिल पर वह खुद रहते हैं। अचार बनने की प्रक्रिया के लिए अनिल ने ग्राउंड फ्लोर पर कई गड्ढे बनाए हुए हैं।
केमिकल में कई दिनों तक रखे जाते हैं अचार
यहां पर तमाम तरह के अचार को केमिकल डालकर इनको गड्ढे में कई दिनों के लिए रखा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान गड्ढे में उतरकर इसको ऊपर-नीचे करना होता है। शनिवार शाम करीब 6 बजे अनिल के यहां काम करने वाला एक युवक गड्ढे में अचार चलाने के लिए नीचे उतरा, इस दौरान वह दम घुटने से अंदर ही बेहोश हो गया।
पिता-पुत्र नीचे उतरे तो वह भी हो गए अचेत
अनिल ने देखा कि उनका कर्मचारी अंदर बेहोश हो गया है तो उन्होंने आवाज देकर बेटों नीरज व संदीप को बुला लिया। तीनों मजदूर को निकालने के लिए अंदर उतर गए, लेकिन वह भी हो गए। इस बीच बाकी कर्मचारियों ने शोर मचाया तो अनिल का भाई सुभाष बाकी लोगों और पड़ेसियों के साथ वहां पहुंचा। बाद में 7.22 बजे पुलिस व दमकल को सूचित किया गया।
सुभाष व बाकी पड़ोसियों ने चारों को निकाला
सुभाष ने बचाव दल के मौके पर पहुंचने से पहले ही किसी तरह रस्सी और सीढ़ी की मदद से एक-एक कर सभी को बाहर निकाल लिया। गड्ढे से बाहर निकालने के बाद नीरज और अनिल के शरीर में कोई हरकत नहीं थी। वहीं संदीप व कर्मचारी युवक की सांसें चल रही थीं। फौरन एंबुलेंस और पीसीआर की मदद से उनको संजय गांधी अस्पताल भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर अनिल व नीरज को मृत घोषित कर दिया गया। मामले की जांच जारी।
केमिकल से बनी कोई जहरीली गैस, उससे हुआ हादसा
अचार बनाने के लिए कई केमिकल डालकर गड्ढों को पैक कर दिया जाता है। इसके बाद कई दिनों की प्रक्रिया में अचार गल जाता है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई बार इस तरह की प्रक्रिया में खतरनाक गैस बन जाती है, जिससे इस तरह के हादसों की संभावना बन जाती है। पहले भी इस तरह के हादसे सामने आए थे। राव विहार में हुए हादसे में भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि कोई जहरीली गैस बनी और चारों उसकी चपेट में आ गए।