{"_id":"6a5271d95dd00a187a08eba2","slug":"gang-obtaining-loans-using-others-documents-busted-accused-from-punjab-arrested-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-145209-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: दूसरे के दस्तावेज पर लोन लेने वाले गैंग का भंडाफोड़, पंजाब का आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: दूसरे के दस्तावेज पर लोन लेने वाले गैंग का भंडाफोड़, पंजाब का आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आधार से जुड़े मोबाइल नंबर बदलकर 50 लोगों के नाम पर ले लिए 1.6 करोड़ रुपये के लोन, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। रोहिणी जिला साइबर सेल ने लोगों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर निजी फाइनेंस कंपनियों से लोन लेने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पंजाब के मोहाली निवासी 24 वर्षीय अजय कुमार को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि 25 जून को साइबर सेल को एक शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक कथित लोन रिकवरी एजेंट का फोन आया, जिसने ऐसे लोन की किस्त जमा करने के लिए कहा, जो उसने कभी लिया ही नहीं था। जांच के लिए जब पीड़ित ने अपना सिबिल रिकॉर्ड देखा तो पता चला कि उसके पैन कार्ड का इस्तेमाल कर किसेत्सु सैसन फाइनेंस (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड से उसके नाम पर 4.50 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया गया है। साथ ही, उसके आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर को भी उसकी जानकारी के बिना बदल दिया गया था।
मामला दर्ज कर जांच शुरू करने पर पुलिस को पता चला कि लोन की राशि अजय कुमार के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के मोबाइल की जांच में शिकायतकर्ता की निजी जानकारी गिरोह के सदस्यों के बीच साझा किए जाने के साक्ष्य मिले।
विज्ञापन
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पंजाब के कुछ लोगों के संपर्क में था, जो अनजान लोगों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर विभिन्न निजी फाइनेंस कंपनियों से लोन लेते थे। इसके लिए पहले पीड़ितों के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर बदलवाए जाते थे, फिर उनके दस्तावेजों के आधार पर ऑनलाइन लोन स्वीकृत कराए जाते थे। लोन की रकम ऐसे बैंक खातों में भेजी जाती थी, जिनके खाताधारक कमीशन के बदले अपने खाते इस्तेमाल करने देते थे।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह करीब 50 लोगों के दस्तावेज का दुरुपयोग कर 1.60 करोड़ रुपये से अधिक के लोन हासिल कर चुका है। पुलिस अन्य पीड़ितों और गिरोह से जुड़े आरोपियों की पहचान कर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। रोहिणी जिला साइबर सेल ने लोगों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर निजी फाइनेंस कंपनियों से लोन लेने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पंजाब के मोहाली निवासी 24 वर्षीय अजय कुमार को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि 25 जून को साइबर सेल को एक शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक कथित लोन रिकवरी एजेंट का फोन आया, जिसने ऐसे लोन की किस्त जमा करने के लिए कहा, जो उसने कभी लिया ही नहीं था। जांच के लिए जब पीड़ित ने अपना सिबिल रिकॉर्ड देखा तो पता चला कि उसके पैन कार्ड का इस्तेमाल कर किसेत्सु सैसन फाइनेंस (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड से उसके नाम पर 4.50 लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया गया है। साथ ही, उसके आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर को भी उसकी जानकारी के बिना बदल दिया गया था।
विज्ञापन
मामला दर्ज कर जांच शुरू करने पर पुलिस को पता चला कि लोन की राशि अजय कुमार के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के मोबाइल की जांच में शिकायतकर्ता की निजी जानकारी गिरोह के सदस्यों के बीच साझा किए जाने के साक्ष्य मिले।
विज्ञापन
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पंजाब के कुछ लोगों के संपर्क में था, जो अनजान लोगों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर विभिन्न निजी फाइनेंस कंपनियों से लोन लेते थे। इसके लिए पहले पीड़ितों के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर बदलवाए जाते थे, फिर उनके दस्तावेजों के आधार पर ऑनलाइन लोन स्वीकृत कराए जाते थे। लोन की रकम ऐसे बैंक खातों में भेजी जाती थी, जिनके खाताधारक कमीशन के बदले अपने खाते इस्तेमाल करने देते थे।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह करीब 50 लोगों के दस्तावेज का दुरुपयोग कर 1.60 करोड़ रुपये से अधिक के लोन हासिल कर चुका है। पुलिस अन्य पीड़ितों और गिरोह से जुड़े आरोपियों की पहचान कर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।