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Ghaziabad News: नालों की नहीं हुई सफाई मानसून में फिर होगी पानी भरने से परेशानी
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साहिबाबाद। मानसून आने को बस कुछ ही दिन रह गए हैं लेकिन अभी तक भी जिम्मेदार विभागों ने नालों की सफाई शुरू नहीं कराई है। जिम्मेदारों की इस लापरवाही का खामियाजा एक बार फिर से शहर के लोगों को भुगतना पड़ सकता है। साइट चार औद्योगिक क्षेत्र के नालों में शिल्ट जमा हुआ है। हल्की बारिश में भी नाला उफन कर सड़क पर आ जाएगा। ऐसे में यहां से न केवल गुजरने वाले लोग प्रभावित होंगे बल्कि उद्योग भी प्रभावित होगा।
साइट चार में करीब दो हजार से अधिक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाईं है। इनमें करीब बीस हजार से अधिक मजदूर काम करते हैं। यही नहीं सौर ऊर्जा माग दिल्ली से भी जुड़ा हुआ है। गत वर्ष भी मानसून में साइट चार, सौर ऊर्जा मार्ग की दोनों ओर की सड़कों पर लबालब पानी भरा रहा था। उद्यमियों का कहना है कि जल्द ही यदि यहां के नालों की सफाई नहीं हुई तो एक बार फिर से परेशानी बढ़ेगी। साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसाेसिएशन के पदाधिकारी चरणजीत सिंह का कहना है कि मानसून में सड़क पर पानी भर जाने से उद्योग भी प्रभावित होता है। जल भराव की वजह से मजदूरों के आने-जाने में दिक्कत होने के साथ ही माल वाहन गाड़ियों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। संस्था के महासचिव मुकेश गुप्ता ने बताया कि पिछले दिनों ही इस संबंध में समिति की ओर से यूपीसीडा अधिकारियों से अपील की गई थी कि नाले की सफाई समय से की जाए ताकि समस्या न हो।
यूपीसीडा के प्रबंधक सोनू कुमार पांडेय का कहना है कि नालों की सफाई का टेंडर हो चुका है, अगले 10-15 दिनों में कम शुरू करा दिया जाएगा।
साइट चार में करीब दो हजार से अधिक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाईं है। इनमें करीब बीस हजार से अधिक मजदूर काम करते हैं। यही नहीं सौर ऊर्जा माग दिल्ली से भी जुड़ा हुआ है। गत वर्ष भी मानसून में साइट चार, सौर ऊर्जा मार्ग की दोनों ओर की सड़कों पर लबालब पानी भरा रहा था। उद्यमियों का कहना है कि जल्द ही यदि यहां के नालों की सफाई नहीं हुई तो एक बार फिर से परेशानी बढ़ेगी। साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसाेसिएशन के पदाधिकारी चरणजीत सिंह का कहना है कि मानसून में सड़क पर पानी भर जाने से उद्योग भी प्रभावित होता है। जल भराव की वजह से मजदूरों के आने-जाने में दिक्कत होने के साथ ही माल वाहन गाड़ियों की आवाजाही भी प्रभावित होती है। संस्था के महासचिव मुकेश गुप्ता ने बताया कि पिछले दिनों ही इस संबंध में समिति की ओर से यूपीसीडा अधिकारियों से अपील की गई थी कि नाले की सफाई समय से की जाए ताकि समस्या न हो।
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यूपीसीडा के प्रबंधक सोनू कुमार पांडेय का कहना है कि नालों की सफाई का टेंडर हो चुका है, अगले 10-15 दिनों में कम शुरू करा दिया जाएगा।