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Ghaziabad News: महिला कर्मी से 7.95 लाख की धोखाधड़ी, कंपनी निदेशक समेत दो पर प्राथमिकी
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कौशांबी। वैशाली सेक्टर तीन ए की रहने वाली संगीता घोष ने दो लोगों के खिलाफ 7.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आरोपी पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित डीटीएपी फिनकर्व हेल्थ आईएमएफ प्रालि के निदेशक दीपक सिंह और पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर स्थित एक्सटेंशन पार्ट एक निवासी प्रदीप पाल हैं। दोनों पर महिला के नाम पर बैंक से लोन लेने, दो लाख रुपये नकद लेने और वेतन रोकने समेत अन्य आरोप हैं। पुलिस ने 6 अगस्त को मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
दर्ज मामले में संगीता घोष ने बताया कि वह नवंबर 2025 में डीटीएपी फिनकरव हेल्थ आईएमएफ प्रा लि में कार्यरत थीं। कंपनी के निदेशक दीपक सिंह ने जनवरी 2026 में कंपनी विकास के लिए उनसे दो लाख रुपये की मदद मांगी। उन्होंने तीन माह में रकम लौटाने का वादा किया और सुरक्षा के तौर पर एक चेक भी दिया। इसके बाद फरवरी 2026 में दीपक सिंह ने संगीता के नाम पर पांच लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण भी ले लिया। आरोप है कि उन्हें अब तक न तो दो लाख रुपये वापस मिले और न ही उनके नाम पर लिया गया लोन बंद कराया गया। इसके अलावा कंपनी ने तीन माह का वेतन (45 हजार रुपये) और 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी नहीं दी गई है। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि आरोपियों को नोटिस भेजा गया है, साथ ही लोन देने वाली बैंक शाखा से भी जानकारी मांगी गई है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दर्ज मामले में संगीता घोष ने बताया कि वह नवंबर 2025 में डीटीएपी फिनकरव हेल्थ आईएमएफ प्रा लि में कार्यरत थीं। कंपनी के निदेशक दीपक सिंह ने जनवरी 2026 में कंपनी विकास के लिए उनसे दो लाख रुपये की मदद मांगी। उन्होंने तीन माह में रकम लौटाने का वादा किया और सुरक्षा के तौर पर एक चेक भी दिया। इसके बाद फरवरी 2026 में दीपक सिंह ने संगीता के नाम पर पांच लाख रुपये का व्यक्तिगत ऋण भी ले लिया। आरोप है कि उन्हें अब तक न तो दो लाख रुपये वापस मिले और न ही उनके नाम पर लिया गया लोन बंद कराया गया। इसके अलावा कंपनी ने तीन माह का वेतन (45 हजार रुपये) और 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी नहीं दी गई है। एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि आरोपियों को नोटिस भेजा गया है, साथ ही लोन देने वाली बैंक शाखा से भी जानकारी मांगी गई है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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