{"_id":"69e687b2f3bdebd7d50f2d31","slug":"four-water-samples-from-indirapurams-shipra-krishna-vishta-society-failed-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-867911-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: इंदिरापुरम की शिप्रा कृष्णा विष्टा सोसायटी में पानी के चार नमूने फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: इंदिरापुरम की शिप्रा कृष्णा विष्टा सोसायटी में पानी के चार नमूने फेल
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। इंदिरापुरम की शिप्रा कृष्णा विष्टा सोसायटी में पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सोसायटी से लिए गए छह पानी के नमूनों में से चार फेल पाए गए। इनमें सोसायटी के भूमिगत जल टैंक और घरों से लिए गए पानी के नमूने शामिल हैं। पानी में गंदगी पाई गई है।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि सोसायटी में दूषित पानी की आपूर्ति से बच्चों के बीमार होने की शिकायतें सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 10 अप्रैल को पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे थे। जांच रिपोर्ट में पानी में गंदगी पाई गई। सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि सोसायटी प्रबंधन को पेयजल की गुणवत्ता सुधारने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। 10 दिन बाद फिर से नमूने लेकर जांच की जाएगी।
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि दूषित पानी पीने से पेट में दर्द, दस्त, उल्टी और त्वचा पर संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों में इसके प्रभाव अधिक गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दूषित पानी के सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं, इसलिए इसे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. रंजन ने कहा कि पानी उबालकर पीने या अच्छी क्वालिटी के फिल्टर से साफ करके ही उपयोग करना चाहिए। सोसायटी के निवासियों को बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करने और खुले पानी से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही नियमित रूप से टैंकों और पाइपलाइन की सफाई कराना जरूरी है।
-
Trending Videos
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि सोसायटी में दूषित पानी की आपूर्ति से बच्चों के बीमार होने की शिकायतें सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 10 अप्रैल को पानी के नमूने एकत्र कर जांच के लिए भेजे थे। जांच रिपोर्ट में पानी में गंदगी पाई गई। सर्विलांस अधिकारी ने बताया कि सोसायटी प्रबंधन को पेयजल की गुणवत्ता सुधारने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। 10 दिन बाद फिर से नमूने लेकर जांच की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि दूषित पानी पीने से पेट में दर्द, दस्त, उल्टी और त्वचा पर संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों में इसके प्रभाव अधिक गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दूषित पानी के सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं, इसलिए इसे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। डॉ. रंजन ने कहा कि पानी उबालकर पीने या अच्छी क्वालिटी के फिल्टर से साफ करके ही उपयोग करना चाहिए। सोसायटी के निवासियों को बोतलबंद पानी का इस्तेमाल करने और खुले पानी से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही नियमित रूप से टैंकों और पाइपलाइन की सफाई कराना जरूरी है।
-

कमेंट
कमेंट X