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Ghaziabad News: टैक्सी ने मारी स्कूटी को टक्कर, दो बच्चे की मौत दो की हालत गंभीर
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इंदिरापुरम। कनावनी पुस्ता रोड पर तेज रफ्तार कार (टैक्सी) ने स्कूटी को टक्कर मार दी। इससे स्कूटी पर सवार कनावनी गांव निवासी शाकिब (10) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि सत्यम (13) ने दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उनके साथी वसुंधरा सेक्टर-2 ए के 14 वर्षीय अंश और कनावनी के 11 वर्षीय पीयूष उर्फ गोलू घायल है। इनमें पीयूष की हालत गंभीर है। हादसा 19 अप्रैल की देर शाम हुआ। अंश अपने घर आए तीनों दोस्तों को अपनी स्कूटी से छोड़ने जा रहा था। उस समय स्कूटी पर चारों सवार थे और वह एक ही स्कूल में पढ़ते थे। वहीं, पुलिस ने टैक्सी चालक लोनी के इकराम नगर कॉलोनी निवासी साहिल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना के दौरान किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था।
घायल अंश के पिता रामकृष्ण यादव ने पुलिस को बताया कि चारों बच्चे एक ही स्कूटी पर कनावनी की ओर जा रहे थे। स्कूटी अंश चला रहा था। पुस्ता रोड पर तेज रफ्तार टैक्सी ने सामने से आई स्कूटी को टक्कर मार दी। पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद कार चालक ही उन्हें अस्पताल लेकर गया था। अस्पताल में चिकित्सकों ने शाकिब को मृत घोषित कर दिया। जबकि सत्यम को दिल्ली के अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया लेकिन इलाज के दौरान उसकी जान चली गई। दो छात्रों की मौत के बाद आरोपी चालक अस्पताल से भाग गया। उधर, अस्पताल ने पुलिस को सूचना दी तो अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की और टैक्सी का नंबर ट्रेस कर लिया। इसके बाद आरोपी चालक साहिल को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रविवार शाम को राइड लेकर जा रहा था और कनावनी पुस्ता पर कार अनियंत्रित होकर स्कूटी से टकरा गई।
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एक साथ खेले, पढ़े-बढ़े और साथ ही दुनिया को छोड़ा
शाकिब बिहार के सहरसा, सत्यम मुजफ्फरपुर, अंश सिपौल और पीयूष बिहार के ही अलग-अलग जिले के मूल निवासी थे। सभी छात्र परिवारों के साथ कनावनी में ही रहते थे। कुछ समय पहले अंश के तीनों दोस्त के परिवार वसुंधरा में रहने लगे। हालांकि चारों एक साथ एक ही स्कूल में अलग-अलग कक्षा के छात्र थे। शाकिब कक्षा 3 और सत्यम 8वीं का छात्र था। दोनों बचपन से एक साथ पले-बढ़े और अन्य दो दोस्त पीयूष व अंश के साथ दोस्ती के बंधन में बंधे। अलग रहने के बाद कभी-कभी मिलने एक-दूसरे के घर जाते थे। अंश के पिता रामकृष्ण यादव ने बताया कि रविवार को सभी बच्चे अंश से मिलने घर आए थे। काफी समय एक साथ बिताया और अपने-अपने घर लौट रहे थे। अंश उनको स्कूटी से छोड़ने गया था। दोनों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंपे गए हैं।
इतनी चेकिंग और कार्रवाई, फिर भी ऐसा हादसा
यातायात नियमों को लेकर पुलिस सख्ती दिखाती है और सोशल मीडिया पर भी खूब प्रचार-प्रसार करती है। इसके बावजूद इस तरह के हादसे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। एक ही स्कूटी पर चार नाबालिग जा रहे थे और न तो पुलिस मिली और न ही कोई चेकिंग की जा रही थी। सोशल मीडिया पर पीठ थपथपाने के साथ-साथ यातायात व चौकी पुलिस मुस्तैदी रखती तो शायद यह हादसा नहीं होता। इससे कुछ दिन पहले ही डीएमई पर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बाइक चलाते हुए रील बना रही युवती की भी हादसे में मौत हुई थी। युवती ने भी हेलमेट नहीं पहना था। लगातार हादसों के बावजूद जहां पुलिस की खामियां सामने आती हैं। वहीं आम लोगों की खुद भी लापरवाही, नियमों की नजरअंदाजी भी उजागर होती है।
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शाकिब बिहार के सहरसा, सत्यम मुजफ्फरपुर, अंश सिपौल और पीयूष बिहार के ही अलग-अलग जिले के मूल निवासी थे। सभी छात्र परिवारों के साथ कनावनी में ही रहते थे। कुछ समय पहले अंश के तीनों दोस्त के परिवार वसुंधरा में रहने लगे। हालांकि चारों एक साथ एक ही स्कूल में अलग-अलग कक्षा के छात्र थे। शाकिब कक्षा 3 और सत्यम 8वीं का छात्र था। दोनों बचपन से एक साथ पले-बढ़े और अन्य दो दोस्त पीयूष व अंश के साथ दोस्ती के बंधन में बंधे। अलग रहने के बाद कभी-कभी मिलने एक-दूसरे के घर जाते थे। अंश के पिता रामकृष्ण यादव ने बताया कि रविवार को सभी बच्चे अंश से मिलने घर आए थे। काफी समय एक साथ बिताया और अपने-अपने घर लौट रहे थे। अंश उनको स्कूटी से छोड़ने गया था। दोनों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंपे गए हैं।
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