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Ghaziabad News: जिम न खुलने पर अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर ने लगाई गुहार
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गाजियाबाद। महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम में पावरलिफ्टिंग कैंप के लिए जिम नहीं खोलो गया। मामले में अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर व कोच दीक्षा शर्मा ने खेल व युवा कल्याण विभाग मंत्री, स्पोर्ट्स डायरेक्टर और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम बंद होने से खिलाड़ियों की तैयारी प्रभावित हो रही है।
दीक्षा शर्मा ने अपने शिकायत में बताया कि वह पिछले चार वर्षों से महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम में पावरलिफ्टिंग का प्रशिक्षण दे रही हैं। जिम बंद होने के कारण पावरलिफ्टिंग कैंप सुचारु रूप से नहीं चल पा रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्होंने कई बार क्रीड़ा अधिकारी अभिषेक धनुक से जिम खोलने का अनुरोध किया, लेकिन अनुमति नहीं दी गई।
शिकायत में यह भी कहा गया कि क्रीड़ा अधिकारी ने इंपोर्टेड बताते हुए बाहरी लोगों के लिए 1500 मासिक शुल्क पर जिम खोलने की बात कही है। दीक्षा शर्मा का कहना है कि स्टेडियम में आने वाले अधिकांश खिलाड़ी आर्थिक रूप से कमजोर हैं और वे इतनी फीस देने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने सुबह और शाम तीन-तीन घंटे कैंप चलाने की अनुमति मांगी, लेकिन अनुमति नहीं मिली। दीक्षा शर्मा ने यह भी उल्लेख किया है कि पावरलिफ्टिंग, वेटलिफ्टिंग और स्ट्रेंथ लिफ्टिंग इंडोर खेल हैं और इन्हें खुले मैदान में कराना खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि तेज धूप में भारी वजन के साथ प्रशिक्षण कराना बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि खिलाड़ियों के हित को देखते हुए जिम को जल्द खोला जाए, ताकि प्रशिक्षण सुचारु रूप से चल सके और खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। वह पिछले तीन वर्षों से इसी जिम में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देती रही हैं और कई खिलाड़ी पदक भी जीत चुके हैं।
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दीक्षा शर्मा ने अपने शिकायत में बताया कि वह पिछले चार वर्षों से महामाया स्पोर्ट्स स्टेडियम में पावरलिफ्टिंग का प्रशिक्षण दे रही हैं। जिम बंद होने के कारण पावरलिफ्टिंग कैंप सुचारु रूप से नहीं चल पा रहे हैं। उनका आरोप है कि उन्होंने कई बार क्रीड़ा अधिकारी अभिषेक धनुक से जिम खोलने का अनुरोध किया, लेकिन अनुमति नहीं दी गई।
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शिकायत में यह भी कहा गया कि क्रीड़ा अधिकारी ने इंपोर्टेड बताते हुए बाहरी लोगों के लिए 1500 मासिक शुल्क पर जिम खोलने की बात कही है। दीक्षा शर्मा का कहना है कि स्टेडियम में आने वाले अधिकांश खिलाड़ी आर्थिक रूप से कमजोर हैं और वे इतनी फीस देने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने सुबह और शाम तीन-तीन घंटे कैंप चलाने की अनुमति मांगी, लेकिन अनुमति नहीं मिली। दीक्षा शर्मा ने यह भी उल्लेख किया है कि पावरलिफ्टिंग, वेटलिफ्टिंग और स्ट्रेंथ लिफ्टिंग इंडोर खेल हैं और इन्हें खुले मैदान में कराना खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि तेज धूप में भारी वजन के साथ प्रशिक्षण कराना बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होगा। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि खिलाड़ियों के हित को देखते हुए जिम को जल्द खोला जाए, ताकि प्रशिक्षण सुचारु रूप से चल सके और खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। वह पिछले तीन वर्षों से इसी जिम में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देती रही हैं और कई खिलाड़ी पदक भी जीत चुके हैं।