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Ghaziabad News: शावेज के मोबाइल फोन में मिली मसूद अजहर का कॉलम और जैश की कई ई-बुक्स
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राजू मलिक
गाजियाबाद। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की सदस्यता लेने से पहले शावेज और मौलाना दानिश ने संगठन के ब्लॉग व टेलीग्राम चैनल पर प्रकाशित कट्टरपंथी वीडियो देखे। इन्हीं से दुष्प्रेरित होकर अशांति फैलाने की योजना बनाई। वीडियो में संगठन के सरगना मसूद अजहर के नाम से प्रकाशित साप्ताहिक कॉलम जो उर्दू में लिखा जाता था को उसके गुर्गे हिंदी में सुनाते थे। पुलिस ने शावेज के मोबाइल फोन से संगठन की कई ई-बुक्स, नशीद (इस्लामिक गीतों) की वीडियो और प्रचारकों की तस्वीरें बरामद की हैं।
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव के शक में गिरफ्तार किए गए नाहल गांव निवासी छह आरोपियों को मसूरी पुलिस ने जेल भेज दिया है। मामले की जांच कर रहे एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा के अनुसार, शावेज के मोबाइल फोन में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कट्टरपंथी और इस्लामिक विचारों की सामग्री मिली है।
शावेज ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि मसूद अजहर के नाम से साप्ताहिक कॉलम को ऑनलाइन देखा और सुना जाता था। उर्दू में लिखे कॉलम को संगठन से जुड़े प्रचारक हिंदी और अरबी में प्रस्तुत करते थे। एसीपी ने बताया कि शावेज के मोबाइल फोन से सात ऐसे वीडियो बरामद किए गए हैं। इसके अलावा टेलीग्राम चैनल और वीडियो पर शावेज की प्रतिक्रिया के साक्ष्य भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं।
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सऊदी अरब और कतर के सिम का प्रयोग
शावेज के मोबाइल फोन से बरामद वीडियो, टेलीग्राम चैनल, इंस्टाग्राम आईडी और ई-बुक्स के लिंक सऊदी अरब, यूएई और कतर के पते से जुड़े पाए गए। पुलिस के मुताबिक, कुछ संदिग्ध नंबर भी उसके मोबाइल फोन से बरामद किए गए हैं। इनकी जांच जारी है।
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14 दिन की मांगी जाएगी रिमांड
एसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की 14 दिन की रिमांड सोमवार को कोर्ट से मांगी जाएगी। मामला देशद्रोह से जुड़ा है और इसकी जड़ें विदेशी आतंकी संगठनों से जुड़ी हैं। पांच आरोपियों के मोबाइल फोन अभी बरामद नहीं हुए हैं। रिमांड के दौरान आरोपियों से पुलिस इन मोबाइल फोन व अन्य जानकारी जुटाएगी।
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गाजियाबाद। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की सदस्यता लेने से पहले शावेज और मौलाना दानिश ने संगठन के ब्लॉग व टेलीग्राम चैनल पर प्रकाशित कट्टरपंथी वीडियो देखे। इन्हीं से दुष्प्रेरित होकर अशांति फैलाने की योजना बनाई। वीडियो में संगठन के सरगना मसूद अजहर के नाम से प्रकाशित साप्ताहिक कॉलम जो उर्दू में लिखा जाता था को उसके गुर्गे हिंदी में सुनाते थे। पुलिस ने शावेज के मोबाइल फोन से संगठन की कई ई-बुक्स, नशीद (इस्लामिक गीतों) की वीडियो और प्रचारकों की तस्वीरें बरामद की हैं।
जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव के शक में गिरफ्तार किए गए नाहल गांव निवासी छह आरोपियों को मसूरी पुलिस ने जेल भेज दिया है। मामले की जांच कर रहे एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा के अनुसार, शावेज के मोबाइल फोन में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कट्टरपंथी और इस्लामिक विचारों की सामग्री मिली है।
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शावेज ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि मसूद अजहर के नाम से साप्ताहिक कॉलम को ऑनलाइन देखा और सुना जाता था। उर्दू में लिखे कॉलम को संगठन से जुड़े प्रचारक हिंदी और अरबी में प्रस्तुत करते थे। एसीपी ने बताया कि शावेज के मोबाइल फोन से सात ऐसे वीडियो बरामद किए गए हैं। इसके अलावा टेलीग्राम चैनल और वीडियो पर शावेज की प्रतिक्रिया के साक्ष्य भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं।
सऊदी अरब और कतर के सिम का प्रयोग
शावेज के मोबाइल फोन से बरामद वीडियो, टेलीग्राम चैनल, इंस्टाग्राम आईडी और ई-बुक्स के लिंक सऊदी अरब, यूएई और कतर के पते से जुड़े पाए गए। पुलिस के मुताबिक, कुछ संदिग्ध नंबर भी उसके मोबाइल फोन से बरामद किए गए हैं। इनकी जांच जारी है।
14 दिन की मांगी जाएगी रिमांड
एसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की 14 दिन की रिमांड सोमवार को कोर्ट से मांगी जाएगी। मामला देशद्रोह से जुड़ा है और इसकी जड़ें विदेशी आतंकी संगठनों से जुड़ी हैं। पांच आरोपियों के मोबाइल फोन अभी बरामद नहीं हुए हैं। रिमांड के दौरान आरोपियों से पुलिस इन मोबाइल फोन व अन्य जानकारी जुटाएगी।