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खुद को फ्लैट में कैद कर 1 साल से कूड़े के ढेर पर रही लड़की, चौंका देंगी मां की बातें

Mon, 08 May 2017 02:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 08 May 2017 02:52 PM IST
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girl in depression locked herself in room for a year in east delhi, police suspect mother
मां ने बेटी को क‌िया लॉक - फोटो : अमर उजाला

राजधानी में रविवार को समाज को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई। पांडव नगर इलाके में शनिवार शाम को पुलिस ने पारिवारिक विवाद के कारण डिप्रेशन का शिकार हुई 17 वर्षीय किशोरी को मुक्त कराया, जो पिछले कुछ माह से अकेली फ्लैट में कूड़े के ढेर पर रह रही थी। वहीं, उसकी मां दूसरी बेटी के साथ अलग रहती है।

girl in depression locked herself in room for a year in east delhi, police suspect mother
मां ने बेटी को क‌िया लॉक - फोटो : सोशल मीड‌िया

बेहद गंभीर हालत में पीड़िता को एलबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक है। पुलिस की मानें, तो पीड़िता ने बयान दिया है कि वह अपनी मर्जी से फ्लैट में रह रही थी। संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि पांडव नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि पिछले कुछ दिनों से किशोरी ने खुद को फ्लैट में बंद किया हुआ है। घर में कूड़े का ढेर लगा हुआ है। खबर मिलने के बाद बीट कांस्टेबल जब फ्लैट पर पहुंचा, तो घर बंद मिला। शाम के समय उसकी मां खाना लेकर पहुंची, तो फ्लैट खुला। सिपाही ने जब फ्लैट की हालत देखी, तो उसके होश उड़ गए। फ्लैट में कूड़े का अंबार लगा हुआ था। फ्लैट भी लगभग खंडहर बना हुआ था। अंदर बेहद कमजोर हालत में किशोरी लेटी हुई थी। पीड़िता सही से बात भी नहीं कर पा रही थी। सिपाही ने फौरन मामले की सूचना वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी।

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मां - फोटो : सोशल मीड‌िया

एनजीओ की मदद से पुलिस टीम फ्लैट पर पहुंची और किशोरी को एलबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता की हालत देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे उसने पिछले कई दिनों से खाना नहीं खाया। अस्पताल में उसका ब्लड प्रेशर भी काफी कम था। वह कई दिनों से नहाई भी नहीं थी। शुरुआती पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि वह अपनी मर्जी से फ्लैट में करीब दो-तीन माह से अकेली रह रही थी। उसे लोगों से मिलना-जुलना पसंद नहीं है। पुलिस अधिकारी आशंका जता रहे हैं कि पारिवारिक कलह के कारण पीड़िता डिप्रेशन का शिकार है। इसी कारण वह एकाकी जीवन जी रही थी। पांडव नगर थाना पुलिस किशोरी की मां से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

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मां ने बेटी को क‌िया लॉक - फोटो : सोशल मीड‌िया

माता-पिता में 2011 से चल रहा विवाद
पुलिस पूछताछ में पीड़िता की मां कृष्णा घोष (44) ने बताया कि उसका अपने पति से वर्ष 2011 से विवाद चल रहा है। महिला की दो बेटियां हैं। इसे लेकर उसने कड़कड़डूमा कोर्ट में केस भी डाला हुआ है। वह फिलहाल अपनी 22 साल की बेटी के साथ पांडव नगर में किराये के फ्लैट में अलग रह रही है। बड़ी बेटी प्राइवेट नौकरी करती है। उसी की कमाई से खर्चा चल रहा है। पीड़िता का पिता धनंजय घोष कोलकाता में रहता है।

रोजाना खाना देने जाती थी मां
कृष्णा के मुताबिक, वह रोजाना बेटी को खाना पहुंचाने फ्लैट पर जाती थी। उसकी बेटी अपनी मर्जी से वहां रही है। कृष्णा ने जब भी उसे साथ में रखने का प्रयास किया, तो उसने मना कर दिया। मां ने किसी भी प्रकार के बंधक बनाने की बात से इनकार किया है।

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मां ने बेटी को क‌िया लॉक - फोटो : सोशल मीड‌िया

पड़ोसियों ने कहा- दो साल पहले देखा था किशोरी को
पड़ोसियों का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं था कि फ्लैट में कोई रहता है या नहीं। किशोरी को उन्होंने आखिरी बार दो साल पहले देखा था। दो साल पहले किशोरी ने 10वीं कक्षा की परीक्षा पास की थी। उसके बाद ही वह डिप्रेशन का शिकार हो गई। इधर, माता-पिता के बीच कोर्ट में विवाद चल रहा था। किशोरी की देखभाल की जिम्मेदारी मां को मिली हुई थी। उसने खुद को अपने फ्लैट में कैद कर लिया। मां ने भी उससे किनारा कर किराये का फ्लैट लेकर अलग रहना शुरू कर दिया। इससे किशोरी अकेलेपन का शिकार हो गई। किशोरी का कहना है कि वह अपनी मर्जी से अकेली रह रही थी।

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