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Gurugram News: सरकारी स्कूलों में खेल सुविधाओं का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
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9 जुलाई तक पूरा ब्योरा अपलोड करना होगा, भविष्य की जरूरतें भी बतानी होंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के लिए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टल लॉन्च किया है। अब इसमें सरकारी स्कूलों में उपलब्ध खेल सुविधाओं और उनकी जरूरतों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे भविष्य में खिलाड़ियों को बेहतर मैदान, खेल सामग्री और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस योजना बनाई जा सकेगी।
महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सभी सरकारी स्कूलों को 9 जुलाई तक अपने यहां उपलब्ध खेल सुविधाओं और भविष्य में आवश्यक खेल अवसंरचना की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। जिले में 32 हाई स्कूल और 95 सीनियर सेकेंडरी स्कूल है। जिले के सरकारी स्कूलों के छात्र विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में विभाग की ओर से तैयार किया जा रहा यह डिजिटल डेटाबेस खिलाड़ियों की जरूरतों को समझने और संसाधनों के बेहतर वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस स्कूल में कौन-सी खेल सुविधा उपलब्ध है और किन स्कूलों में खेल मैदान, कोर्ट, उपकरण या अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
इस तरह से रखा जाएगा डिजिटल रिकॉर्ड
स्कूलों को इस पोर्टल पर जानकारी दो प्रमुख श्रेणियों में देनी है। पहली श्रेणी में स्कूलों में वर्तमान में उपलब्ध खेल सुविधाओं का विवरण दर्ज किया जाएगा, जबकि दूसरी श्रेणी में नए खेल बुनियादी ढांचे की आवश्यकता बतानी है। इसमें इंडोर, आउटडोर और मिक्स्ड गेम्स से संबंधित सभी सुविधाओं का विवरण शामिल रहेगा। स्कूलों को अपने एमआईएस यूजरनेम और पासवर्ड के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद प्रत्येक खेल के लिए उपलब्ध और आवश्यक सुविधाओं की जानकारी भरनी होगी। डेटा दर्ज होने के बाद सिस्टम से एक आधिकारिक पीडीएफ रिपोर्ट तैयार होगी, जिस पर खेल शिक्षक (पीटीआई/डीपीई) और प्राचार्य के संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। सत्यापित रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड करने के बाद प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
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योजना से यह पता चल सकेगा कि जिले के किस स्कूल में किस खेल की क्या सुविधा उपलब्ध है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। सभी प्राचार्यों और खेल प्रभारियों को समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत सटीक जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। - जगदीश अहलावत, सहायक शिक्षा अधिकारी
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गुरुग्राम। हरियाणा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के लिए स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टल लॉन्च किया है। अब इसमें सरकारी स्कूलों में उपलब्ध खेल सुविधाओं और उनकी जरूरतों का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे भविष्य में खिलाड़ियों को बेहतर मैदान, खेल सामग्री और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस योजना बनाई जा सकेगी।
महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सभी सरकारी स्कूलों को 9 जुलाई तक अपने यहां उपलब्ध खेल सुविधाओं और भविष्य में आवश्यक खेल अवसंरचना की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। जिले में 32 हाई स्कूल और 95 सीनियर सेकेंडरी स्कूल है। जिले के सरकारी स्कूलों के छात्र विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में विभाग की ओर से तैयार किया जा रहा यह डिजिटल डेटाबेस खिलाड़ियों की जरूरतों को समझने और संसाधनों के बेहतर वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस स्कूल में कौन-सी खेल सुविधा उपलब्ध है और किन स्कूलों में खेल मैदान, कोर्ट, उपकरण या अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
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इस तरह से रखा जाएगा डिजिटल रिकॉर्ड
स्कूलों को इस पोर्टल पर जानकारी दो प्रमुख श्रेणियों में देनी है। पहली श्रेणी में स्कूलों में वर्तमान में उपलब्ध खेल सुविधाओं का विवरण दर्ज किया जाएगा, जबकि दूसरी श्रेणी में नए खेल बुनियादी ढांचे की आवश्यकता बतानी है। इसमें इंडोर, आउटडोर और मिक्स्ड गेम्स से संबंधित सभी सुविधाओं का विवरण शामिल रहेगा। स्कूलों को अपने एमआईएस यूजरनेम और पासवर्ड के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद प्रत्येक खेल के लिए उपलब्ध और आवश्यक सुविधाओं की जानकारी भरनी होगी। डेटा दर्ज होने के बाद सिस्टम से एक आधिकारिक पीडीएफ रिपोर्ट तैयार होगी, जिस पर खेल शिक्षक (पीटीआई/डीपीई) और प्राचार्य के संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे। सत्यापित रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड करने के बाद प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
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योजना से यह पता चल सकेगा कि जिले के किस स्कूल में किस खेल की क्या सुविधा उपलब्ध है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। सभी प्राचार्यों और खेल प्रभारियों को समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत सटीक जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। - जगदीश अहलावत, सहायक शिक्षा अधिकारी