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Gurugram News: प्रदूषणमुक्ति का महाप्लान... धूल उड़ेगी नहीं, अब साफ होगी
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एमसीजी ने प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सीपीसीबी को भेजा प्लान
नंबर गेम - 72 सड़क स्वैपिंग मशीन खरीदेगा निगम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर में प्रदूषण कम करने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेज दी है। योजना को मंजूरी मिलने के बाद सितंबर में बजट जारी किया जाएगा। बजट जारी होते ही जिले में धूल उड़ेगी नहीं बल्कि साफ की जाएगी। निगम अधिकारियों के अनुसार, सीपीसीबी से मिलने वाले बजट का प्रमुख हिस्सा शहर में सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) प्लांट स्थापित करने पर खर्च होगा।
इन प्लांटों से निर्माण मलबे के निस्तारण और धूल प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। इसके बाद शेष बजट से सड़क स्वैपिंग मशीनों की खरीद की जाएगी, जिससे शहर की सड़कों की नियमित सफाई और वायु गुणवत्ता सुधारने का काम तेज होगा। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से धूल प्रदूषण में कमी आएगी और निर्माण अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकेगी।
16 सीएंडडी प्लांट होंगे स्थापित
नगर निगम इस बजट का उपयोग 72 सड़क स्वैपिंग मशीनों की खरीद और 16 सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन व डिमोलिशन) प्लांट स्थापित करने पर करेगा। प्रस्तावित मशीनों में 30 बड़ी, चार मध्यम और 38 छोटी सड़क स्वैपिंग मशीनें शामिल हैं। इन मशीनों की मदद से शहर की प्रमुख और आंतरिक सड़कों पर जमा धूल को नियमित रूप से साफ किया जाएगा। निगम का मानना है कि नई व्यवस्था से शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
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निर्माण अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कार्य योजना तैयार
शहर में मलबे के बेहतर निस्तारण और धूल प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 16 नए निर्माण व विध्वंस (सी एंड डी) प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करेगा। ये प्लांट शहर के चारों जोनों में बनाए जाएंगे, जिससे निर्माण मलबे के वैज्ञानिक प्रबंधन और नियमों के पालन को मजबूती मिलेगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, जोन-1 में सेक्टर 46 और 47 में दो केंद्र बनाए जाएंगे। जोन-2 में सेक्टर-4 और सराय एसटीपी क्षेत्र को शामिल किया गया है। जोन-3 में सेक्टर 21, 22, 38, 40 और पालम विहार सी ब्लॉक में पांच केंद्र प्रस्तावित हैं। वहीं, जोन-4 में उल्लाहवास रोड, बलियावास, कादीपुर, सेक्टर-57, सेक्टर-56 बूस्टिंग स्टेशन, अतुल कटारिया चौक और कादरपुर सहित सात स्थान चिन्हित किए गए हैं। शहर में वर्तमान में बसई स्थित एक सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन व डिमोलिशन) वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट संचालित है। शुरुआत में इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 300 टन मलबा प्रोसेस करने की थी, फिलहाल 1200 टन प्रतिदिन प्रोसेसिंग किया जा रहा है।
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शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विस्तृत योजना तैयार कर सीपीसीबी को भेज दी है। सीपीसीबी से मंजूरी मिलने के बाद बजट जारी होगा। इस बजट से शहर में सीएंडडी प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिससे निर्माण मलबे के निस्तारण और धूल प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।-- रविंद्र यादव, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम गुरुग्राम
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नंबर गेम - 72 सड़क स्वैपिंग मशीन खरीदेगा निगम
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर में प्रदूषण कम करने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेज दी है। योजना को मंजूरी मिलने के बाद सितंबर में बजट जारी किया जाएगा। बजट जारी होते ही जिले में धूल उड़ेगी नहीं बल्कि साफ की जाएगी। निगम अधिकारियों के अनुसार, सीपीसीबी से मिलने वाले बजट का प्रमुख हिस्सा शहर में सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) प्लांट स्थापित करने पर खर्च होगा।
इन प्लांटों से निर्माण मलबे के निस्तारण और धूल प्रदूषण पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। इसके बाद शेष बजट से सड़क स्वैपिंग मशीनों की खरीद की जाएगी, जिससे शहर की सड़कों की नियमित सफाई और वायु गुणवत्ता सुधारने का काम तेज होगा। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से धूल प्रदूषण में कमी आएगी और निर्माण अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सकेगी।
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16 सीएंडडी प्लांट होंगे स्थापित
नगर निगम इस बजट का उपयोग 72 सड़क स्वैपिंग मशीनों की खरीद और 16 सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन व डिमोलिशन) प्लांट स्थापित करने पर करेगा। प्रस्तावित मशीनों में 30 बड़ी, चार मध्यम और 38 छोटी सड़क स्वैपिंग मशीनें शामिल हैं। इन मशीनों की मदद से शहर की प्रमुख और आंतरिक सड़कों पर जमा धूल को नियमित रूप से साफ किया जाएगा। निगम का मानना है कि नई व्यवस्था से शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
निर्माण अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कार्य योजना तैयार
शहर में मलबे के बेहतर निस्तारण और धूल प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 16 नए निर्माण व विध्वंस (सी एंड डी) प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करेगा। ये प्लांट शहर के चारों जोनों में बनाए जाएंगे, जिससे निर्माण मलबे के वैज्ञानिक प्रबंधन और नियमों के पालन को मजबूती मिलेगी। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, जोन-1 में सेक्टर 46 और 47 में दो केंद्र बनाए जाएंगे। जोन-2 में सेक्टर-4 और सराय एसटीपी क्षेत्र को शामिल किया गया है। जोन-3 में सेक्टर 21, 22, 38, 40 और पालम विहार सी ब्लॉक में पांच केंद्र प्रस्तावित हैं। वहीं, जोन-4 में उल्लाहवास रोड, बलियावास, कादीपुर, सेक्टर-57, सेक्टर-56 बूस्टिंग स्टेशन, अतुल कटारिया चौक और कादरपुर सहित सात स्थान चिन्हित किए गए हैं। शहर में वर्तमान में बसई स्थित एक सीएंडडी (कंस्ट्रक्शन व डिमोलिशन) वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट संचालित है। शुरुआत में इस प्लांट की क्षमता प्रतिदिन 300 टन मलबा प्रोसेस करने की थी, फिलहाल 1200 टन प्रतिदिन प्रोसेसिंग किया जा रहा है।
शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विस्तृत योजना तैयार कर सीपीसीबी को भेज दी है। सीपीसीबी से मंजूरी मिलने के बाद बजट जारी होगा। इस बजट से शहर में सीएंडडी प्लांट स्थापित किए जाएंगे, जिससे निर्माण मलबे के निस्तारण और धूल प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।