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पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन हो : डीसी
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सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षण को लेकर उपायुक्त ने की समीक्षा बैठक
ईको-सेंसिटिव जोन में नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षण और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ईको-सेंसिटिव जोन) में लागू नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को लघु सचिवालय में डीसी उत्तम सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हई। इसमें पर्यावरण संरक्षण, अवैध निर्माण गतिविधियों पर निगरानी, विभागीय समन्वय और ईको-सेंसिटिव जोन से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा की गई। डीसी ने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान के आसपास चल रहे सभी निर्माण कार्यों की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निर्माण कार्य की सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) और संबंधित विभागों से ली गई अनुमतियों का सत्यापन किया जाए। यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
डीडब्ल्यूएलओ रामकुमार ने बताया गया कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि है। हरियाणा सरकार ने सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान से सटी पांच किलोमीटर की परिधि को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया है। इस क्षेत्र में नए व्यावसायिक निर्माण, मोबाइल टावर तथा कांच के अग्रभाग वाली इमारतों के निर्माण पर प्रतिबंध है। डीसी ने कहा कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान गुरुग्राम की प्राकृतिक धरोहर है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र से जुड़े सभी नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करें।
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ईको-सेंसिटिव जोन में नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षण और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ईको-सेंसिटिव जोन) में लागू नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को लघु सचिवालय में डीसी उत्तम सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हई। इसमें पर्यावरण संरक्षण, अवैध निर्माण गतिविधियों पर निगरानी, विभागीय समन्वय और ईको-सेंसिटिव जोन से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा की गई। डीसी ने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान के आसपास चल रहे सभी निर्माण कार्यों की जांच की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक निर्माण कार्य की सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) और संबंधित विभागों से ली गई अनुमतियों का सत्यापन किया जाए। यदि किसी स्तर पर नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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डीडब्ल्यूएलओ रामकुमार ने बताया गया कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान रामसर कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि है। हरियाणा सरकार ने सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान से सटी पांच किलोमीटर की परिधि को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया है। इस क्षेत्र में नए व्यावसायिक निर्माण, मोबाइल टावर तथा कांच के अग्रभाग वाली इमारतों के निर्माण पर प्रतिबंध है। डीसी ने कहा कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान गुरुग्राम की प्राकृतिक धरोहर है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र से जुड़े सभी नियमों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करें।
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