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Gurugram News: अमीरा प्योर फूड्स के 94.76 करोड़ रुपये के विदेशी खाते कुर्क
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प्रवर्तन निदेशालय ने अमीरा प्योर फूड्स के 94.76 करोड़ रुपये के विदेशी खाते कुर्क किए
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) गुरुग्राम ने अमीरा प्योर फूड्स लिमिटेड से जुड़े धन शोधन मामले में कार्रवाई की है। निदेशालय ने कंपनी के 94.76 करोड़ रुपये के विदेशी बैंक खाते अस्थायी रूप से कुर्क किए। इससे कुल कुर्क संपत्ति का मूल्य लगभग 226.26 करोड़ रुपये हो गया।
ये खाते सिंगापुर के बैंक ऑफ सिंगापुर में करण चनाना, अमीरा फूड्स पीटीई लिमिटेड और अनंत्या पीटीई लिमिटेड के नाम पर थे। कुर्की यूनाइटेड किंगडम और सिंगापुर की पारस्परिक कानूनी सहायता संधि से हुई। ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी पर जांच शुरू की। प्राथमिकी में अमीरा प्योर फूड्स पर केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों को 1201.85 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप था। अमीरा फूड्स के भारी ऋण 2017 में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) बन गए।
कानूनी प्रक्रिया का सामना करने से किया मना
ईडी जांच में करण ए चनाना और अनीता डेंग के भारत छोड़कर यूनाइटेड किंगडम व संयुक्त अरब अमीरात में रहने का पता चला। दोनों ने जानबूझकर भारत लौटने और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने से मना किया। इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे। ईडी ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत विशेष अदालत में आवेदन दायर किया। दोनों ने जानबूझकर भारत लौटने और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने से मना कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे। ईडी ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत विशेष अदालत में आवेदन दायर किया। विशेष अदालत ने 6 फरवरी 2026 को दोनों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया। अदालत ने करनाल और फरीदाबाद में स्थित 46 अचल संपत्तियां जब्त करने का आदेश दिया, जिनकी कीमत लगभग 123 करोड़ रुपये है।
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ईडी ने इंपीरिया समूह के ठिकानों पर छापा मारा
गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय ने इंपीरिया विशफील्ड प्राइवेट लिमिटेड और इंपीरिया स्ट्रक्चर्स लिमिटेड से जुड़े आठ परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई। ईडी ने 50.50 लाख रुपये नकद और तीन महंगी लग्जरी गाड़ियां भी जब्त कीं।ईडी ने इंपीरिया स्ट्रक्चर्स लिमिटेड (आईएसएल), इंपीरिया विशफील्ड प्राइवेट लिमिटेड (आईडब्ल्यूपीएल) और उनके प्रमोटर निदेशकों हरप्रीत सिंह बत्रा, ब्रजिंदर सिंह बत्रा, प्रदीप शर्मा, अविनाश सेटिया के खिलाफ ईसीआईआर दर्ज की है। ईडी ने हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की कई प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आईडब्ल्यूपीएल ने गुरुग्राम के सेक्टर-37 स्थित एल्वोडोर परियोजना के खरीदारों से एकत्र धन को अन्य देनदारियों के लिए उपयोग किया। यह धन संबंधित संस्थाओं को ऋण के रूप में भी दिया गया।
आईडब्ल्यूपीएल ने 2011 से एल्वोडोर परियोजना के लिए बुकिंग लेना शुरू किया था। पंद्रह साल बाद भी कंपनी खरीदारों को इकाइयों का कब्जा देने में विफल रही है। आईएसएल ने इंपीरिया माइंडस्पेस, गुरुग्राम और इंपीरिया बिजनेस पार्क, ग्रेटर नोएडा के खरीदारों से एडवांस बुकिंग ली थी। ग्राहकों को एश्योर्ड रिटर्न न देने के साथ ही कई मामलों में एक ही इकाई के लिए कई खरीदारों से बुकिंग ली गई।
ईडी की जांच से पता चला है कि आईडब्ल्यूपीएल ने एल्वोडोर परियोजना के खरीदारों से लगभग 63 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। अन्य परियोजनाओं में अपराध की आय का आकलन अभी ईडी की टीम कर रही है। तलाशी अभियान के दौरान कई डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। इनमें प्रमोटरों और निदेशकों से संबंधित संपत्ति के दस्तावेज और फंड डायवर्जन के विवरण शामिल हैं। ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) गुरुग्राम ने अमीरा प्योर फूड्स लिमिटेड से जुड़े धन शोधन मामले में कार्रवाई की है। निदेशालय ने कंपनी के 94.76 करोड़ रुपये के विदेशी बैंक खाते अस्थायी रूप से कुर्क किए। इससे कुल कुर्क संपत्ति का मूल्य लगभग 226.26 करोड़ रुपये हो गया।
ये खाते सिंगापुर के बैंक ऑफ सिंगापुर में करण चनाना, अमीरा फूड्स पीटीई लिमिटेड और अनंत्या पीटीई लिमिटेड के नाम पर थे। कुर्की यूनाइटेड किंगडम और सिंगापुर की पारस्परिक कानूनी सहायता संधि से हुई। ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी पर जांच शुरू की। प्राथमिकी में अमीरा प्योर फूड्स पर केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों को 1201.85 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप था। अमीरा फूड्स के भारी ऋण 2017 में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) बन गए।
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कानूनी प्रक्रिया का सामना करने से किया मना
ईडी जांच में करण ए चनाना और अनीता डेंग के भारत छोड़कर यूनाइटेड किंगडम व संयुक्त अरब अमीरात में रहने का पता चला। दोनों ने जानबूझकर भारत लौटने और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने से मना किया। इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे। ईडी ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत विशेष अदालत में आवेदन दायर किया। दोनों ने जानबूझकर भारत लौटने और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने से मना कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए थे। ईडी ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के तहत विशेष अदालत में आवेदन दायर किया। विशेष अदालत ने 6 फरवरी 2026 को दोनों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया। अदालत ने करनाल और फरीदाबाद में स्थित 46 अचल संपत्तियां जब्त करने का आदेश दिया, जिनकी कीमत लगभग 123 करोड़ रुपये है।
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ईडी ने इंपीरिया समूह के ठिकानों पर छापा मारा
गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय ने इंपीरिया विशफील्ड प्राइवेट लिमिटेड और इंपीरिया स्ट्रक्चर्स लिमिटेड से जुड़े आठ परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई। ईडी ने 50.50 लाख रुपये नकद और तीन महंगी लग्जरी गाड़ियां भी जब्त कीं।ईडी ने इंपीरिया स्ट्रक्चर्स लिमिटेड (आईएसएल), इंपीरिया विशफील्ड प्राइवेट लिमिटेड (आईडब्ल्यूपीएल) और उनके प्रमोटर निदेशकों हरप्रीत सिंह बत्रा, ब्रजिंदर सिंह बत्रा, प्रदीप शर्मा, अविनाश सेटिया के खिलाफ ईसीआईआर दर्ज की है। ईडी ने हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की कई प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आईडब्ल्यूपीएल ने गुरुग्राम के सेक्टर-37 स्थित एल्वोडोर परियोजना के खरीदारों से एकत्र धन को अन्य देनदारियों के लिए उपयोग किया। यह धन संबंधित संस्थाओं को ऋण के रूप में भी दिया गया।
आईडब्ल्यूपीएल ने 2011 से एल्वोडोर परियोजना के लिए बुकिंग लेना शुरू किया था। पंद्रह साल बाद भी कंपनी खरीदारों को इकाइयों का कब्जा देने में विफल रही है। आईएसएल ने इंपीरिया माइंडस्पेस, गुरुग्राम और इंपीरिया बिजनेस पार्क, ग्रेटर नोएडा के खरीदारों से एडवांस बुकिंग ली थी। ग्राहकों को एश्योर्ड रिटर्न न देने के साथ ही कई मामलों में एक ही इकाई के लिए कई खरीदारों से बुकिंग ली गई।
ईडी की जांच से पता चला है कि आईडब्ल्यूपीएल ने एल्वोडोर परियोजना के खरीदारों से लगभग 63 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। अन्य परियोजनाओं में अपराध की आय का आकलन अभी ईडी की टीम कर रही है। तलाशी अभियान के दौरान कई डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए। इनमें प्रमोटरों और निदेशकों से संबंधित संपत्ति के दस्तावेज और फंड डायवर्जन के विवरण शामिल हैं। ब्यूरो