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Gurugram News: सेक्टर 37 डी की बीपीटीपी पार्क सेरेन और रामप्रस्था सिटी सोसाइटियां टैंकरों के भरोसे
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- बिल्डर प्रबंध जीएमडीए, नगर निगम समेत उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र, जांच की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-37 डी की दो सोसाइटियों बीपीटीपी पार्क सेरेन और रामप्रस्था सिटी में जीएमडीए का पानी काफी कम आ रहा है। इन दोनों सोसाइटियों में पानी की कमी की पूर्ति टैंकर खरीदकर की जा रही है। टैंकरों से आने वाले पानी से लोगों को बीमारियों का खतरा है। इसका आर्थिक बोझ भी लोगों पर पड़ रहा है।
सेक्टर 37 डी स्थित बीपीटीपी समूह की सोसाइटियों पार्क सेरेन और स्पेशियों के निवासी जल संकट से जूझने को विवश है। पार्क सेरेन और स्पेशियों सोसाइटी में 1500 फ्लैट हैं। जिनमें कई परिवार रह रहे हैं। सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ग्रुप कैप्टन (सेवा निवृत) संदीप शर्मा ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से सोसाइटी में जीएमडीए की पाइप लाइन से काफी कम प्रेशर में पानी आ रहा है। पानी कम मिलने के कारण भरपाई के लिए टैंकर खरीदने पड़ रहे हैं। जबकि जीएमडीए के अधिकारियों का कहना है कि उनकी तरफ से पानी की कोई कमी नहीं रखी गई है। सोसाइटी में 7 अप्रैल से 8 अप्रैल तक 25000 लीटर वाला एक और 10,000 लीटर वाले 8 टैंकर समेत 10 टैंकर मंगाने पड़े। 9 अप्रैल को 18 टैंकर मंगाए जा चुके हैं।
लोगों ने जांच की मांग की -
सेक्टर 37 डी स्थित रामप्रस्था सिटी के लोगों ने बिल्डर समेत हरेरा, उपायुक्त, जीएमडीए और नगर निगम को पत्र लिखकर सोसाइटी में कृत्रिम जल संकट पैदा करने का आरोप लगाया है। सोसाइटी के अलग-अलग ब्लॉक से लोगों ने पत्र में लिखा है। सोसाइटी के लोगों का जबरदस्त पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए टैंकर मंगाए जा रहे हैं। जो स्वास्थ्य की दृष्टि से बीमारियों को आमंत्रित करने की तरह है। लोगों ने इस पत्र में आरोप लगाया है कि सोसाइटी में जरूरत के अनुसार जीएमडीए 2200 केएलडी पानी देता है मगर इसकी पारदर्शिता नहीं है। पानी का इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरत के मुताबिक विकसित किया गया है या नहीं, यह भी उन्हें नहीं बताया गया है। सोसाइटी में करीब 700 परिवार रहते हैं। अलग-अलग ब्लॉक काफी संख्या में निवासियों ने अधिकारियों को पत्र लिखकर इस बात की जांच कराने और ऑडिट कराने की मांग की है कि सोसाइटी में किन वजहों से जल संकट हो रहा है। जबकि बिल्डर के साथ हुए करार के अनुसार बिल्डर को 24 घंटे निर्बाध पानी की सुविधा देनी चाहिए। सोसाइटी के निवासियों के अनुसार प्रबंधन पिछले चार- पांच महीनों से टैंकर खरीदने के नाम पर उनसे 1200 से 1500 रुपये प्रतिमाह लिए जा रहे हैं।
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गुरुग्राम। सेक्टर-37 डी की दो सोसाइटियों बीपीटीपी पार्क सेरेन और रामप्रस्था सिटी में जीएमडीए का पानी काफी कम आ रहा है। इन दोनों सोसाइटियों में पानी की कमी की पूर्ति टैंकर खरीदकर की जा रही है। टैंकरों से आने वाले पानी से लोगों को बीमारियों का खतरा है। इसका आर्थिक बोझ भी लोगों पर पड़ रहा है।
सेक्टर 37 डी स्थित बीपीटीपी समूह की सोसाइटियों पार्क सेरेन और स्पेशियों के निवासी जल संकट से जूझने को विवश है। पार्क सेरेन और स्पेशियों सोसाइटी में 1500 फ्लैट हैं। जिनमें कई परिवार रह रहे हैं। सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ग्रुप कैप्टन (सेवा निवृत) संदीप शर्मा ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से सोसाइटी में जीएमडीए की पाइप लाइन से काफी कम प्रेशर में पानी आ रहा है। पानी कम मिलने के कारण भरपाई के लिए टैंकर खरीदने पड़ रहे हैं। जबकि जीएमडीए के अधिकारियों का कहना है कि उनकी तरफ से पानी की कोई कमी नहीं रखी गई है। सोसाइटी में 7 अप्रैल से 8 अप्रैल तक 25000 लीटर वाला एक और 10,000 लीटर वाले 8 टैंकर समेत 10 टैंकर मंगाने पड़े। 9 अप्रैल को 18 टैंकर मंगाए जा चुके हैं।
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लोगों ने जांच की मांग की -
सेक्टर 37 डी स्थित रामप्रस्था सिटी के लोगों ने बिल्डर समेत हरेरा, उपायुक्त, जीएमडीए और नगर निगम को पत्र लिखकर सोसाइटी में कृत्रिम जल संकट पैदा करने का आरोप लगाया है। सोसाइटी के अलग-अलग ब्लॉक से लोगों ने पत्र में लिखा है। सोसाइटी के लोगों का जबरदस्त पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए टैंकर मंगाए जा रहे हैं। जो स्वास्थ्य की दृष्टि से बीमारियों को आमंत्रित करने की तरह है। लोगों ने इस पत्र में आरोप लगाया है कि सोसाइटी में जरूरत के अनुसार जीएमडीए 2200 केएलडी पानी देता है मगर इसकी पारदर्शिता नहीं है। पानी का इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरत के मुताबिक विकसित किया गया है या नहीं, यह भी उन्हें नहीं बताया गया है। सोसाइटी में करीब 700 परिवार रहते हैं। अलग-अलग ब्लॉक काफी संख्या में निवासियों ने अधिकारियों को पत्र लिखकर इस बात की जांच कराने और ऑडिट कराने की मांग की है कि सोसाइटी में किन वजहों से जल संकट हो रहा है। जबकि बिल्डर के साथ हुए करार के अनुसार बिल्डर को 24 घंटे निर्बाध पानी की सुविधा देनी चाहिए। सोसाइटी के निवासियों के अनुसार प्रबंधन पिछले चार- पांच महीनों से टैंकर खरीदने के नाम पर उनसे 1200 से 1500 रुपये प्रतिमाह लिए जा रहे हैं।