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Gurugram News: एनसीआर चैनल से बसई संयंत्र लाया जाएगा नहरी पानी
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गुरुग्राम कैनाल जर्जर होने से गर्मियों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होती है
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम कैनाल (जीडब्ल्यूएस) के री मॉडलिंग की योजना अभी सिरे चढ़ नहीं सकी है। ऐसे में बसई पानी शोधन संयंत्र में नहरी पानी की कमी को चंदू बुढ़ेरा से एनसीआर चैनल से दूर किया जाएगा।
शहर में बसई और चंदू बुढ़ेरा में नहरी पानी शोधन संयंत्र लगे हुए हैं। बसई संयंत्र के लिए पानी गुरुग्राम कैनाल से आता है। गुरुग्राम कैनाल सोनीपत के ककरोई से लेकर गुरुग्राम तक जर्जर है और पूरी क्षमता से पानी की सप्लाई नहीं होती है। ऐसे में गर्मियों में संयंत्र में पानी की कमी हो जाती। जीएमडीए इस कमी को पूरा करने के लिए एनसीआर चैनल से चंदू बुढ़ेरा से पानी बसई संयंत्र तक नहरी पानी लाएगा। जीएमडीए की योजना है कि गर्मियों के शुरूआत से बसई संयंत्र में पानी के स्टोरेज को कम नहीं होने दिया जाए। कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि गर्मियों को देखते हुए दोनों संयंत्रों से पर्याप्त पानी सप्लाई होगी। उन्होंने बताया कि चंदू बुढ़ेरा में पिछले साल 100 एमएलडी का पांचवां संयंत्र शुरू हुआ था और इस साल अप्रैल तक एक और 100 का संयंत्र शुरू करने की योजना है। ऐसे में शहर में पानी सप्लाई की कमी नहीं होनी चाहिए। बसई संयंत्र में तीन दिन के लिए पानी स्टोरेज की क्षमता है।
कैनाल को नए सिरे से बनाया जाना है-
गुरुग्राम कैनाल भविष्य में पानी की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है। ऐसे में जीडब्ल्यूएस को री-मॉडलिंग करने की तैयारी है। पहले जीडब्ल्यूएस को 175 क्यूसेक पानी के लिए डिजाइन किया था। अब री मॉडलिंग या पाइप लाइन में तब्दील कर 686 क्यूसेक तक करने की है। सिंचाई विभाग परियोजनाओं को साल 2050 में पानी की मांग को देखते हुए डिजाइन करा रहा है। इसके लिए जल्द टेंडर जारी किया जाना है। योजना के अनुसार इसे पाइप में तब्दील किया जाना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम कैनाल (जीडब्ल्यूएस) के री मॉडलिंग की योजना अभी सिरे चढ़ नहीं सकी है। ऐसे में बसई पानी शोधन संयंत्र में नहरी पानी की कमी को चंदू बुढ़ेरा से एनसीआर चैनल से दूर किया जाएगा।
शहर में बसई और चंदू बुढ़ेरा में नहरी पानी शोधन संयंत्र लगे हुए हैं। बसई संयंत्र के लिए पानी गुरुग्राम कैनाल से आता है। गुरुग्राम कैनाल सोनीपत के ककरोई से लेकर गुरुग्राम तक जर्जर है और पूरी क्षमता से पानी की सप्लाई नहीं होती है। ऐसे में गर्मियों में संयंत्र में पानी की कमी हो जाती। जीएमडीए इस कमी को पूरा करने के लिए एनसीआर चैनल से चंदू बुढ़ेरा से पानी बसई संयंत्र तक नहरी पानी लाएगा। जीएमडीए की योजना है कि गर्मियों के शुरूआत से बसई संयंत्र में पानी के स्टोरेज को कम नहीं होने दिया जाए। कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि गर्मियों को देखते हुए दोनों संयंत्रों से पर्याप्त पानी सप्लाई होगी। उन्होंने बताया कि चंदू बुढ़ेरा में पिछले साल 100 एमएलडी का पांचवां संयंत्र शुरू हुआ था और इस साल अप्रैल तक एक और 100 का संयंत्र शुरू करने की योजना है। ऐसे में शहर में पानी सप्लाई की कमी नहीं होनी चाहिए। बसई संयंत्र में तीन दिन के लिए पानी स्टोरेज की क्षमता है।
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कैनाल को नए सिरे से बनाया जाना है-
गुरुग्राम कैनाल भविष्य में पानी की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है। ऐसे में जीडब्ल्यूएस को री-मॉडलिंग करने की तैयारी है। पहले जीडब्ल्यूएस को 175 क्यूसेक पानी के लिए डिजाइन किया था। अब री मॉडलिंग या पाइप लाइन में तब्दील कर 686 क्यूसेक तक करने की है। सिंचाई विभाग परियोजनाओं को साल 2050 में पानी की मांग को देखते हुए डिजाइन करा रहा है। इसके लिए जल्द टेंडर जारी किया जाना है। योजना के अनुसार इसे पाइप में तब्दील किया जाना है।