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Gurugram News: अवैध कब्जे को हटाने पर रोक लगाने से अदालत का इनकार

Fri, 31 Jul 2026 12:15 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:15 AM IST
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Court refuses to stay removal of illegal encroachment.
अदालत से
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मेट्रो परियोजना में आ रही है जमीन, 1992 में कर चुकी है प्रदेश सरकार जमीन का अधिग्रहण
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बसई रोड स्थित कृष्ण नगर में अधिकृत जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने पर रोक लगाने की मांग को अदालत ने खारिज कर दिया है। उस जमीन का 1992 में ही अधिग्रहण कर लिया था। यह आदेश सिविल जज (जूनियर डिवीजन) आचमन शेखर की अदालत ने दिया है।

कृष्णा प्यारी ने अदालत में दायर की याचिका में बताया कि वह जमीन उनके पति ने 1985 में खरीदी थी। उन्होंने कभी उस जमीन का मुआवजा भी नहीं मिला है। कुछ समय पहले ही उन्होंने वहां पर फिर से निर्माण किया है। विभाग की तरफ से उन्हें कभी नहीं रोका गया। उनका आरोप था कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारी बिना कोई नोटिस दिए बुलडोजर लेकर पहुंचे और निर्माण गिराने की धमकी देने लगे।
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एचएसवीपी की तरफ से दलील दी गई कि जमीन को 1992 में ही सरकार अधिग्रहण कर लिया था। अधिग्रहण की प्रक्रिया को कभी किसी न्यायालय में चुनौती नहीं दी गई। वह जमीन अब सरकार की है। यह भूमि गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के लिए कास्टिंग यार्ड और अन्य आवश्यक ढांचे के निर्माण के लिए गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड को सौंपी जानी है।
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अदालत ने अपने आदेश में कहा कि केवल लंबे समय से कब्जे में होना या राजस्व रिकॉर्ड, बिजली बिल अथवा संपत्ति कर के दस्तावेज अधिग्रहित भूमि पर स्वामित्व या वैध कब्जे का अधिकार स्थापित नहीं करते। अदालत ने यह भी पाया कि वादी मुआवजा न मिलने के अपने दावे के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
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