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Gurugram News: दिन हो या रात, मंदिर के गूंज रहे जयकारे
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माता शीतला के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, ट्रैक्टर-ट्रॉली से पहुंच रहे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन रविवार को शहर के मंदिरों में मां कुष्मांडा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। शीतला माता मंदिर, चिंतपूर्णी और शक्तिपीठ मंदिरों में सुबह से लेकर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा। दुर्गासप्तशती के पाठ, हवन और आरती की सुगंध से पूरा वातावरण सुवासित हो उठा। मंदिर में दिन हो या रात माता के जयकारों से परिसर गूंज रहा है।
शीतला माता मंदिर में रविवार शाम तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने माथा टेका। मंदिर के सीईओ सुमित कुमार ने बताया कि सोमवार को यह संख्या ढाई लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों से श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर माता के जयघोष के साथ पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में मुंडन हॉल में बच्चों के संस्कार करवाए गए, वहीं द अर्थ सेवियर फाउंडेशन और जिला विधिक प्राधिकरण द्वारा जागरूकता कैंप भी लगाए गए।
हालांकि, नए मंदिर के निर्माण के चलते भक्तों को बैठने में कुछ असुविधा हुई, जिसे दूर करने के लिए प्रबंधन ने रबर मैट बिछाए हैं और आरती के दर्शन के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई है। पुलिस और सिविल डिफेंस की मुस्तैदी से भारी भीड़ के बावजूद व्यवस्था बनी रही।
महिलाओं ने लगवाई मेंहदी, भेंट की चूड़ियां
रेलवे रोड स्थित चिंतपूर्णी मंदिर में काफी संख्या में भक्तों ने मत्था टेका। मंदिर प्रबंधन की ओर मंदिर के पास शिविर लगाकर महिलाओं को सुहाग की प्रतीक चूड़ियां भेंट की गई। यहां महिलाओं के लिए मेंहदी लगाने की व्यवस्था भी की गई थी। काफी संख्या में माता का दर्शन करने आई महिलाओं ने मेंहदी लगवाई। मंदिर की ओर से भक्तों को फलाहार प्रसाद भी बांटा गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन रविवार को शहर के मंदिरों में मां कुष्मांडा की विशेष पूजा-अर्चना की गई। शीतला माता मंदिर, चिंतपूर्णी और शक्तिपीठ मंदिरों में सुबह से लेकर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहा। दुर्गासप्तशती के पाठ, हवन और आरती की सुगंध से पूरा वातावरण सुवासित हो उठा। मंदिर में दिन हो या रात माता के जयकारों से परिसर गूंज रहा है।
शीतला माता मंदिर में रविवार शाम तक करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने माथा टेका। मंदिर के सीईओ सुमित कुमार ने बताया कि सोमवार को यह संख्या ढाई लाख तक पहुंचने की उम्मीद है। ग्रामीण इलाकों से श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर माता के जयघोष के साथ पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में मुंडन हॉल में बच्चों के संस्कार करवाए गए, वहीं द अर्थ सेवियर फाउंडेशन और जिला विधिक प्राधिकरण द्वारा जागरूकता कैंप भी लगाए गए।
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हालांकि, नए मंदिर के निर्माण के चलते भक्तों को बैठने में कुछ असुविधा हुई, जिसे दूर करने के लिए प्रबंधन ने रबर मैट बिछाए हैं और आरती के दर्शन के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई है। पुलिस और सिविल डिफेंस की मुस्तैदी से भारी भीड़ के बावजूद व्यवस्था बनी रही।
महिलाओं ने लगवाई मेंहदी, भेंट की चूड़ियां
रेलवे रोड स्थित चिंतपूर्णी मंदिर में काफी संख्या में भक्तों ने मत्था टेका। मंदिर प्रबंधन की ओर मंदिर के पास शिविर लगाकर महिलाओं को सुहाग की प्रतीक चूड़ियां भेंट की गई। यहां महिलाओं के लिए मेंहदी लगाने की व्यवस्था भी की गई थी। काफी संख्या में माता का दर्शन करने आई महिलाओं ने मेंहदी लगवाई। मंदिर की ओर से भक्तों को फलाहार प्रसाद भी बांटा गया।