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वाटर एटीएम योजना से दिल्ली फिर टैंकर मॉडल की ओर बढ़ रही : देवेन्द्र यादव
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- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बोले- पाइपलाइन विस्तार के बजाय अस्थायी व्यवस्था पर खर्च कर रही सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने भाजपा सरकार की प्रस्तावित वाटर एटीएम योजना पर सवाल उठाते हुए इसे राजधानी की जलापूर्ति व्यवस्था की विफलता का प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में जल पाइपलाइन नहीं है, वहां वाटर एटीएम लगाना स्थायी समाधान नहीं, बल्कि सरकार की नाकामी छिपाने का प्रयास है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान हर घर तक स्वच्छ पेयजल और पाइपलाइन पहुंचाने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि दिल्ली के कई इलाकों में आज भी पाइपलाइन नहीं पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने के बजाय लोगों को लाइन में लगकर पानी लेने की व्यवस्था की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार 58 करोड़ रुपये की लागत से 250 वाटर एटीएम लगाने की योजना बना रही है। यदि यही राशि पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार, लीकेज रोकने और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर खर्च की जाती, तो लाखों लोगों को स्थायी राहत मिलती। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति को केवल 20 लीटर मुफ्त पानी मिलेगा और उससे अधिक पानी लेने पर शुल्क देना होगा, तो क्या यह नई जल शुल्क नीति की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सरकार को अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने भाजपा सरकार की प्रस्तावित वाटर एटीएम योजना पर सवाल उठाते हुए इसे राजधानी की जलापूर्ति व्यवस्था की विफलता का प्रमाण बताया है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में जल पाइपलाइन नहीं है, वहां वाटर एटीएम लगाना स्थायी समाधान नहीं, बल्कि सरकार की नाकामी छिपाने का प्रयास है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान हर घर तक स्वच्छ पेयजल और पाइपलाइन पहुंचाने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार स्वयं स्वीकार कर रही है कि दिल्ली के कई इलाकों में आज भी पाइपलाइन नहीं पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने के बजाय लोगों को लाइन में लगकर पानी लेने की व्यवस्था की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार 58 करोड़ रुपये की लागत से 250 वाटर एटीएम लगाने की योजना बना रही है। यदि यही राशि पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार, लीकेज रोकने और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर खर्च की जाती, तो लाखों लोगों को स्थायी राहत मिलती। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति को केवल 20 लीटर मुफ्त पानी मिलेगा और उससे अधिक पानी लेने पर शुल्क देना होगा, तो क्या यह नई जल शुल्क नीति की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि सरकार को अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
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