{"_id":"6a38d10711e34c670b0ca1af","slug":"important-two-day-meeting-of-brics-national-security-advisors-in-gurugram-2026-06-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गुरुग्राम में BRICS NSA की बैठक: अजीत डोभाल करेंगे अध्यक्षता, चीन के विदेश मंत्री भी आ रहे; आतंकवाद पर चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरुग्राम में BRICS NSA की बैठक: अजीत डोभाल करेंगे अध्यक्षता, चीन के विदेश मंत्री भी आ रहे; आतंकवाद पर चर्चा
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 22 Jun 2026 11:38 AM IST
विज्ञापन
सार
गुरुग्राम में भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स एनएसए की बैठक आज से हो रही है। बैठक दो दिन होगी। वहीं अजीत डोभाल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में सीमा पार आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा पर मंथन होगा।
ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की अहम बैठक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय बैठक होने जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे। पूरी दुनिया की नजर इस अहम बैठक पर टिकी है।
बैठक की अध्यक्षता अजीत डोभाल करेंगे
यह बैठक सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर केंद्रित होगी। इसमें सीमा पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर गहन चर्चा की जाएगी। भारत इस मंच से पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का मुद्दा मजबूती से उठाएगा। जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकी गतिविधियों पर भारत अपना कड़ा रुख रखेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
चीन के विदेश मंत्री भी आ रहे
बैठक में नई उभरती तकनीकों, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग पर भी विचार-विमर्श होगा। चीन के विदेश मंत्री वांग यी और रूस के सुरक्षा परिषद सचिव सर्गेई शोइगु भी इसमें शामिल होंगे। भारत के लिए ब्रिक्स देशों के बीच आम सहमति बनाना एक बड़ी चुनौती होगी। भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त नीति को दुनिया के सामने रखने की तैयारी में है।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
बैठक का मुख्य एजेंडा क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन करना है। इसमें सीमा पार आतंकवाद और पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट जैसे विषय शामिल हैं। नई उभरती तकनीकों से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियां भी चर्चा का हिस्सा होंगी। साइबर सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
सितंबर में होगा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
भारत इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपनी आतंकवाद विरोधी नीति को स्पष्ट करेगा। पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद पर भारत का रुख बेहद कड़ा रहेगा। ब्रिक्स देशों के बीच विभिन्न मुद्दों पर आम सहमति बनाना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। यह बैठक सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए आधार तैयार करेगी।