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Gurugram News: धोखाधड़ी से दो एससीओ बेचने के मामले में उद्योगपति की जमानत याचिका खारिज
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एससीओ का अलॉटमेंट खारिज होने के बावजूद जीपीए करके बेच दिया था एससीओ
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-23-23ए में धोखाधड़ी से दो एससीओ बेचने के मामले में जिला अदालत ने उद्योगपति ऋषि राज की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश दिया है। नवंबर 2022 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामला दर्ज किया था। इसमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। आरआर फाउंडेशन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक ऋषि राज को आरोपी बनाया गया है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर-23/23ए 1997 में नीलामी के माध्यम से आरआर फाउंडेशन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित की गई थी। इस कंपनी का निदेशक ऋषि राज है। कंपनी ने बोली लगाई लेकिन 15 प्रतिशत राशि जमा न करने के कारण 1998 में आरोपी का आवंटन रद्द कर दिया गया। कंपनी ने विभिन्न माध्यमों जिला उपभोक्ता फोरम और राज्य आयोग में याचिका दायर की थी लेकिन वह खारिज हो गई। आरोप है कि 2018 में अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर एससीओ को पुराने रेट पर दोबारा आवंटित करवा लिया गया। जांच एजेंसी के पाया कि जब आवंटन रद्द होने के बावजूद 21 अप्रैल 2010 को ऋषि राज ने एससीओ नंबर-8 और 30 के संबंध में वशिष्ठ कुमार के पक्ष में एक जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि फॉरेंसिक साइंस लैब की जांच में जीपीए पर किए गए हस्ताक्षर ऋषि राज के नमूना हस्ताक्षरों से मेल खाते पाए गए, जिससे उनकी भूमिका और मजबूत होती है। साथ ही यह भी बताया गया कि आरोपित हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद लंबे समय तक फरार रहा। 11 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि ऋषि राज कैंसर, हृदय रोग व अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित है। उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और सभी सह-आरोपी पहले ही जमानत पर हैं।
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गुरुग्राम। सेक्टर-23-23ए में धोखाधड़ी से दो एससीओ बेचने के मामले में जिला अदालत ने उद्योगपति ऋषि राज की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह आदेश दिया है। नवंबर 2022 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामला दर्ज किया था। इसमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। आरआर फाउंडेशन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक ऋषि राज को आरोपी बनाया गया है।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर-23/23ए 1997 में नीलामी के माध्यम से आरआर फाउंडेशन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित की गई थी। इस कंपनी का निदेशक ऋषि राज है। कंपनी ने बोली लगाई लेकिन 15 प्रतिशत राशि जमा न करने के कारण 1998 में आरोपी का आवंटन रद्द कर दिया गया। कंपनी ने विभिन्न माध्यमों जिला उपभोक्ता फोरम और राज्य आयोग में याचिका दायर की थी लेकिन वह खारिज हो गई। आरोप है कि 2018 में अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर एससीओ को पुराने रेट पर दोबारा आवंटित करवा लिया गया। जांच एजेंसी के पाया कि जब आवंटन रद्द होने के बावजूद 21 अप्रैल 2010 को ऋषि राज ने एससीओ नंबर-8 और 30 के संबंध में वशिष्ठ कुमार के पक्ष में एक जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की।
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अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि फॉरेंसिक साइंस लैब की जांच में जीपीए पर किए गए हस्ताक्षर ऋषि राज के नमूना हस्ताक्षरों से मेल खाते पाए गए, जिससे उनकी भूमिका और मजबूत होती है। साथ ही यह भी बताया गया कि आरोपित हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद लंबे समय तक फरार रहा। 11 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि ऋषि राज कैंसर, हृदय रोग व अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित है। उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और सभी सह-आरोपी पहले ही जमानत पर हैं।