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Gurugram News: जलभराव वाले स्थानों की पहचान करने के निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। आयुक्त प्रदीप सिंह ने मंगलवार को इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मानसून की तैयारियों और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में मुख्य रूप से जलभराव रोकने, सफाई व्यवस्था सुधारने और सड़कों पर धूल कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ निगम आयुक्त ने अस्थायी जोहड़ बनाने के भी दिए निर्देश
आयुक्त ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी इलाके में जलभराव की समस्या नहीं होनी चाहिए। इसके लिए पहले से ऐसे स्थानों की पहचान की जाए जहां बारिश में पानी भरता है। जहां संभव हो वहां स्थायी समाधान किया जाए, और जहां तुरंत समाधान नहीं हो सकता वहां अस्थायी व्यवस्था करके लोगों को राहत दी जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि गांवों में नगर निगम की खाली जमीन पर अस्थायी तालाब (जोहड़) बनाए जाएं, ताकि बारिश का पानी जमा हो सके और जलभराव कम हो। इससे भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। बैठक में सड़कों की सफाई और धूल नियंत्रण पर भी चर्चा हुई। आयुक्त ने कहा कि निगम क्षेत्र की 36 सड़कों पर निर्माण कार्य चल रहा है, जहां धूल उड़ने की शिकायतें मिलती हैं। इसके लिए विशेष टीमें बनाई जाएं जो नियमित रूप से सफाई और पानी का छिड़काव करें।
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मानेसर। आयुक्त प्रदीप सिंह ने मंगलवार को इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों के साथ बैठक कर मानसून की तैयारियों और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में मुख्य रूप से जलभराव रोकने, सफाई व्यवस्था सुधारने और सड़कों पर धूल कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ निगम आयुक्त ने अस्थायी जोहड़ बनाने के भी दिए निर्देश
आयुक्त ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी इलाके में जलभराव की समस्या नहीं होनी चाहिए। इसके लिए पहले से ऐसे स्थानों की पहचान की जाए जहां बारिश में पानी भरता है। जहां संभव हो वहां स्थायी समाधान किया जाए, और जहां तुरंत समाधान नहीं हो सकता वहां अस्थायी व्यवस्था करके लोगों को राहत दी जाए।
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उन्होंने यह भी कहा कि गांवों में नगर निगम की खाली जमीन पर अस्थायी तालाब (जोहड़) बनाए जाएं, ताकि बारिश का पानी जमा हो सके और जलभराव कम हो। इससे भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। बैठक में सड़कों की सफाई और धूल नियंत्रण पर भी चर्चा हुई। आयुक्त ने कहा कि निगम क्षेत्र की 36 सड़कों पर निर्माण कार्य चल रहा है, जहां धूल उड़ने की शिकायतें मिलती हैं। इसके लिए विशेष टीमें बनाई जाएं जो नियमित रूप से सफाई और पानी का छिड़काव करें।
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