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Gurugram News: कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में गहन सर्वे के निर्देश
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- एडीसी सोनू भट्ट ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक शुक्रवार को आयोजित हुई। इसमें एडीसी सोनू भट्ट ने कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर गहन सर्वे कर वास्तविक कारणों की पहचान करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के विभिन्न गांवों और आंगनवाड़ी क्षेत्रों के लिंगानुपात आंकड़ों की समीक्षा की गई।
211 आंगनवाड़ी क्षेत्रों पर विशेष निगरानी-
एडीसी ने बताया कि जिले में 211 ऐसे आंगनवाड़ी क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, जहां लड़कियों की तुलना में लड़कों की संख्या अधिक दर्ज की गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संयुक्त रूप से सर्वे कर स्थिति का पता लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में प्राकृतिक कारण हो सकते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कहीं भ्रूण लिंग जांच या अन्य अवैध गतिविधियों का असर तो नहीं है।
जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाएगा-
एडीसी ने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में पार्षदों और ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच, ग्राम सचिव, महिला पंच एवं महिला सरपंचों के साथ बैठक कर स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई जाए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पुलिस विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा। बैठक में स्वयंसेवी संस्थाओं ने बताया कि वे स्कूलों, समुदायों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बेटियों की शिक्षा और महिला अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इस पर एडीसी ने शिक्षा विभाग को भी संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए।
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पीसीपीएनडीटी एक्ट उल्लंघन पर एफआईआर के निर्देश -
बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनवरी से 5 मई तक 261 निरीक्षण किए गए, जिनमें दो मामलों में उल्लंघन पाए गए। इस पर एडीसी सोनू भट्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल शो-कॉज नोटिस देकर मामलों को समाप्त करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी एक्ट का उल्लंघन मिले, वहां आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच करवाई जाए। बैठक में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिला टास्क फोर्स समिति की बैठक शुक्रवार को आयोजित हुई। इसमें एडीसी सोनू भट्ट ने कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर गहन सर्वे कर वास्तविक कारणों की पहचान करने के निर्देश दिए। बैठक में जिले के विभिन्न गांवों और आंगनवाड़ी क्षेत्रों के लिंगानुपात आंकड़ों की समीक्षा की गई।
211 आंगनवाड़ी क्षेत्रों पर विशेष निगरानी-
एडीसी ने बताया कि जिले में 211 ऐसे आंगनवाड़ी क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, जहां लड़कियों की तुलना में लड़कों की संख्या अधिक दर्ज की गई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आशा वर्कर्स और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को संयुक्त रूप से सर्वे कर स्थिति का पता लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में प्राकृतिक कारण हो सकते हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि कहीं भ्रूण लिंग जांच या अन्य अवैध गतिविधियों का असर तो नहीं है।
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जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाएगा-
एडीसी ने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में पार्षदों और ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच, ग्राम सचिव, महिला पंच एवं महिला सरपंचों के साथ बैठक कर स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाई जाए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पुलिस विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा। बैठक में स्वयंसेवी संस्थाओं ने बताया कि वे स्कूलों, समुदायों और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बेटियों की शिक्षा और महिला अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इस पर एडीसी ने शिक्षा विभाग को भी संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश दिए।
पीसीपीएनडीटी एक्ट उल्लंघन पर एफआईआर के निर्देश -
बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि जनवरी से 5 मई तक 261 निरीक्षण किए गए, जिनमें दो मामलों में उल्लंघन पाए गए। इस पर एडीसी सोनू भट्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि केवल शो-कॉज नोटिस देकर मामलों को समाप्त करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी एक्ट का उल्लंघन मिले, वहां आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच करवाई जाए। बैठक में महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।