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Gurugram News: अतिक्रमणमुक्त होंगे जोहड़, बारिश के पानी से बुझेगी धरती की प्यास
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नगर निगम मानेसर ने वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की तैयारियां तेज कीं
नंबर गेम - 47 पिटों की सफाई पूरी, 20 और बनाए जा रहे
दीपक वर्मा
मानेसर। नगर निगम मानेसर ने वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की तैयारियां तेज कर दी हैं। निगम की टीम ने क्षेत्र में बने 47 वाटर हार्वेस्टिंग पिटों की सफाई पूरी कर दी है, ताकि बारिश का पानी आसानी से जमीन के अंदर जा सके और भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिल सके। इसके अलावा निगम क्षेत्र में 20 नए वाटर हार्वेस्टिंग पिट भी बनाए जा रहे हैं। इनमें से 13 पिट बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 7 पर अभी काम चल रहा है। इन पिटों के निर्माण पर करीब 62 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। निगम का लक्ष्य है कि मानसून शुरू होने से पहले सभी काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि बारिश के पानी का ज्यादा से ज्यादा संचयन किया जा सके। वहीं, शहर के जोहड़ को भी अतिक्रमणमुक्त किया जाएगा।
पानी की कमी दूर करने की कोशिश
मानेसर के कई इलाकों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। इस कारण लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। गर्मी के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए नगर निगम वर्षा जल संचयन पर विशेष ध्यान दे रहा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने से भूजल स्तर बढ़ेगा और आने वाले समय में पानी की समस्या कम होगी। इसके लिए निगम लगातार विभिन्न इलाकों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफाई और रखरखाव का काम कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान यदि बारिश के पानी को सही तरीके से संरक्षित किया जाए तो यह भविष्य के लिए पानी का बड़ा स्रोत बन सकता है।
जोहड़ों को वर्षा जल संचयन के लिए किया जा रहा तैयार
निगम की तरफ से ग्रामीण इलाकों में स्थित जोहड़ों की सफाई का काम भी तेजी से किया जा रहा है। जिन जोहड़ों पर अतिक्रमण हो गया था, उन्हें कब्जा मुक्त कराया जा रहा है। इसके बाद जोहड़ों की सफाई, गाद निकालने और जरूरी मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। निगम का लक्ष्य है कि मानसून के दौरान बारिश का ज्यादा से ज्यादा पानी जोहड़ों में जमा हो सके। इससे पानी जमीन में रिसकर भूजल स्तर बढ़ाने में मदद करेगा।
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खोह गांव में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा
मानेसर के खोह गांव, मानेसर कॉलोनी समेत आसपास के कई इलाकों में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। स्थिति यह है कि कई जगहों पर पानी का स्तर 1000 फीट से भी नीचे पहुंच चुका है। खोह गांव में भी भूजल 1000 फीट से अधिक गहराई पर चला गया है, जिससे ग्रामीणों को पानी की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह मानेसर कॉलोनी में भी पानी का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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वर्षा जल संचयन को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। सभी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफाई हो गई है। 20 नए वाटर हार्वेस्टिंग पिट भी बनाए जा रहे हैं। इनमें से 13 पिट बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 7 पर अभी काम चल रहा है। मानसून से पहले इनको भी पूरा कर लिया जाएगा। -निजेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम मानेसर
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नंबर गेम - 47 पिटों की सफाई पूरी, 20 और बनाए जा रहे
दीपक वर्मा
मानेसर। नगर निगम मानेसर ने वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की तैयारियां तेज कर दी हैं। निगम की टीम ने क्षेत्र में बने 47 वाटर हार्वेस्टिंग पिटों की सफाई पूरी कर दी है, ताकि बारिश का पानी आसानी से जमीन के अंदर जा सके और भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिल सके। इसके अलावा निगम क्षेत्र में 20 नए वाटर हार्वेस्टिंग पिट भी बनाए जा रहे हैं। इनमें से 13 पिट बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 7 पर अभी काम चल रहा है। इन पिटों के निर्माण पर करीब 62 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। निगम का लक्ष्य है कि मानसून शुरू होने से पहले सभी काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि बारिश के पानी का ज्यादा से ज्यादा संचयन किया जा सके। वहीं, शहर के जोहड़ को भी अतिक्रमणमुक्त किया जाएगा।
पानी की कमी दूर करने की कोशिश
मानेसर के कई इलाकों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। इस कारण लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ता है। गर्मी के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए नगर निगम वर्षा जल संचयन पर विशेष ध्यान दे रहा है। निगम अधिकारियों का कहना है कि बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने से भूजल स्तर बढ़ेगा और आने वाले समय में पानी की समस्या कम होगी। इसके लिए निगम लगातार विभिन्न इलाकों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफाई और रखरखाव का काम कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान यदि बारिश के पानी को सही तरीके से संरक्षित किया जाए तो यह भविष्य के लिए पानी का बड़ा स्रोत बन सकता है।
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जोहड़ों को वर्षा जल संचयन के लिए किया जा रहा तैयार
निगम की तरफ से ग्रामीण इलाकों में स्थित जोहड़ों की सफाई का काम भी तेजी से किया जा रहा है। जिन जोहड़ों पर अतिक्रमण हो गया था, उन्हें कब्जा मुक्त कराया जा रहा है। इसके बाद जोहड़ों की सफाई, गाद निकालने और जरूरी मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। निगम का लक्ष्य है कि मानसून के दौरान बारिश का ज्यादा से ज्यादा पानी जोहड़ों में जमा हो सके। इससे पानी जमीन में रिसकर भूजल स्तर बढ़ाने में मदद करेगा।
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खोह गांव में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा
मानेसर के खोह गांव, मानेसर कॉलोनी समेत आसपास के कई इलाकों में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। स्थिति यह है कि कई जगहों पर पानी का स्तर 1000 फीट से भी नीचे पहुंच चुका है। खोह गांव में भी भूजल 1000 फीट से अधिक गहराई पर चला गया है, जिससे ग्रामीणों को पानी की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह मानेसर कॉलोनी में भी पानी का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्षा जल संचयन को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। सभी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफाई हो गई है। 20 नए वाटर हार्वेस्टिंग पिट भी बनाए जा रहे हैं। इनमें से 13 पिट बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 7 पर अभी काम चल रहा है। मानसून से पहले इनको भी पूरा कर लिया जाएगा। -निजेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम मानेसर