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Gurugram News: छह साल पहले रद्द हो चुका लाइसेंस, फिर भी चल रहा ईंट भट्ठा
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बिना अनुमति के चल रहा बालोत ईंट भट्ठा
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-खनन विभाग की टीम ने अवैध संचालन पर तीन वर्ष पहले दर्ज कराया था मुकदमा
-प्रशासनिक ढिलाई पर उठ रही अंगुलियां
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में प्रशासनिक ढिलाई के चलते अवैध कारोबार लगातार पनपते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला एक ऐसे ईंट भट्ठे का सामने आया है, जिसका लाइसेंस करीब छह वर्ष पहले रद्द किए जाने के बावजूद उसे कथित रूप से बिना अनुमति के धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में पहले भी संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन उसके बावजूद अवैध संचालन पर रोक नहीं लग सकी।
गांव बाजड़का निवासी खुर्शीद पुत्र रोजदार ने मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग), जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि गांव में स्थित खलील पुत्र जैकम का ईंट भट्ठा वर्षों से बिना वैध अनुमति के संचालित हो रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस अवैध गतिविधि में कुछ विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है, जिसके चलते नियमों की अनदेखी खुलेआम की जा रही है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित भट्ठे का लाइसेंस 25 मई 2020 को विभाग द्वारा रद्द कर दिया गया था। इसके बावजूद भट्ठा लगातार संचालित होता रहा। इतना ही नहीं, 10 मई 2023 को जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तत्कालीन निरीक्षक दीपक कुमार की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ एचसीबीएस एक्ट, भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और माइन्स एंड मिनरल्स एक्ट 1957 के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रूप से चल रहे इस भट्ठे से न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि पर्यावरण और आसपास के क्षेत्र पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
वहीं, इस मामले में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक सीमा शर्मा ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर एसडीएम नूंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी पूरे मामले की जांच कर जल्द अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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-प्रशासनिक ढिलाई पर उठ रही अंगुलियां
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में प्रशासनिक ढिलाई के चलते अवैध कारोबार लगातार पनपते नजर आ रहे हैं। ताजा मामला एक ऐसे ईंट भट्ठे का सामने आया है, जिसका लाइसेंस करीब छह वर्ष पहले रद्द किए जाने के बावजूद उसे कथित रूप से बिना अनुमति के धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस मामले में पहले भी संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन उसके बावजूद अवैध संचालन पर रोक नहीं लग सकी।
गांव बाजड़का निवासी खुर्शीद पुत्र रोजदार ने मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग), जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि गांव में स्थित खलील पुत्र जैकम का ईंट भट्ठा वर्षों से बिना वैध अनुमति के संचालित हो रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस अवैध गतिविधि में कुछ विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है, जिसके चलते नियमों की अनदेखी खुलेआम की जा रही है।
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शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित भट्ठे का लाइसेंस 25 मई 2020 को विभाग द्वारा रद्द कर दिया गया था। इसके बावजूद भट्ठा लगातार संचालित होता रहा। इतना ही नहीं, 10 मई 2023 को जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तत्कालीन निरीक्षक दीपक कुमार की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ एचसीबीएस एक्ट, भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और माइन्स एंड मिनरल्स एक्ट 1957 के तहत मुकदमा भी दर्ज किया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रूप से चल रहे इस भट्ठे से न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि पर्यावरण और आसपास के क्षेत्र पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
वहीं, इस मामले में जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक सीमा शर्मा ने बताया कि उपायुक्त के निर्देश पर एसडीएम नूंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी पूरे मामले की जांच कर जल्द अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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