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Gurugram News: श्रमिक को बिना सुरक्षा उपकरण सीवर में उतारा, नोटिस जारी
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लापरवाही दोबारा सामने आने पर ठेकेदार पर लगेगा जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अशोक विहार फेज-3 में नगर निगम (एमसीजी) के सीवर और मैनहोल सफाई कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। ठेकेदार एजेंसी की ओर से श्रमिकों को बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतारा (मैनुअल स्कैवेंजिंग) गया था। गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सिलिंडर और पीपीई किट जैसी अनिवार्य सुविधाओं के अभाव पर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए एजेंसी को नोटिस जारी किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर काम कर रहे श्रमिकों के पास गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सिलेंडर, सेफ्टी हार्नेस और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) उपलब्ध नहीं थे। यह स्थिति सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन मानी गई हैं। नगर निगम ने इसे गंभीर चूक मानते हुए एम/एस ए वन एनवायरो इंफ्रा एलएलपी एजेंसी को नोटिस जारी किया है। तत्काल सभी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने व उनके अनिवार्य उपयोग के निर्देश दिए हैं। भविष्य में ऐसी शिकायतें सामने आने पर एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाएगा।
एमसीजी ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा सामने आती है या किसी प्रकार की दुर्घटना होती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी ठेकेदार एजेंसी की होगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अनुबंध शर्तों के अनुसार कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मैनुअल स्कैवेंजिंग यानी हाथ से मैला ढोने की प्रथा को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त आदेश हैं। कोर्ट ने कहा है कि यह कार्य मानव गरिमा और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने मैनुअल स्कैवेंजिंग रोकने के लिए बनाए गए कानून रोजगार के निषेध और उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013 के सख्त क्रियान्वयन पर जोर है। किसी भी स्थिति में मानव को इस कार्य में न लगाया जाए। सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई केवल मशीनों से की जाए। आदेशों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाने के निर्देश हैं।
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अशोक विहार फेज-3 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विकास हुड्डा ने बताया कि क्षेत्र में सीवर ओवरफ्लो की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। आमतौर पर सफाई मशीनों से होती है, लेकिन इस बार उन्होंने सफाईकर्मियों को सीवर में उतरकर सफाई करते देखा।
ए वन एनवायरो इंफ्रा एलएलपी एजेंसी के ठेकेदार नीतू ने बताया कि हमें जानकारी नहीं थी कि सफाईकर्मी काम के दौरान मैनहोल के अंदर उतर गया था। आगे से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी सफाईकर्मी इस तरह सीवर या मैनहोल में न उतरे।
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अशोक विहार फेज-3 में नगर निगम (एमसीजी) के सीवर और मैनहोल सफाई कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। ठेकेदार एजेंसी की ओर से श्रमिकों को बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतारा (मैनुअल स्कैवेंजिंग) गया था। गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सिलिंडर और पीपीई किट जैसी अनिवार्य सुविधाओं के अभाव पर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए एजेंसी को नोटिस जारी किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर काम कर रहे श्रमिकों के पास गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सिलेंडर, सेफ्टी हार्नेस और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) उपलब्ध नहीं थे। यह स्थिति सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन मानी गई हैं। नगर निगम ने इसे गंभीर चूक मानते हुए एम/एस ए वन एनवायरो इंफ्रा एलएलपी एजेंसी को नोटिस जारी किया है। तत्काल सभी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने व उनके अनिवार्य उपयोग के निर्देश दिए हैं। भविष्य में ऐसी शिकायतें सामने आने पर एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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एमसीजी ने स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा सामने आती है या किसी प्रकार की दुर्घटना होती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी ठेकेदार एजेंसी की होगी। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अनुबंध शर्तों के अनुसार कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने मैनुअल स्कैवेंजिंग यानी हाथ से मैला ढोने की प्रथा को पूरी तरह खत्म करने के लिए सख्त आदेश हैं। कोर्ट ने कहा है कि यह कार्य मानव गरिमा और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। सुप्रीम कोर्ट ने मैनुअल स्कैवेंजिंग रोकने के लिए बनाए गए कानून रोजगार के निषेध और उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013 के सख्त क्रियान्वयन पर जोर है। किसी भी स्थिति में मानव को इस कार्य में न लगाया जाए। सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई केवल मशीनों से की जाए। आदेशों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाने के निर्देश हैं।
अशोक विहार फेज-3 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष विकास हुड्डा ने बताया कि क्षेत्र में सीवर ओवरफ्लो की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। आमतौर पर सफाई मशीनों से होती है, लेकिन इस बार उन्होंने सफाईकर्मियों को सीवर में उतरकर सफाई करते देखा।
ए वन एनवायरो इंफ्रा एलएलपी एजेंसी के ठेकेदार नीतू ने बताया कि हमें जानकारी नहीं थी कि सफाईकर्मी काम के दौरान मैनहोल के अंदर उतर गया था। आगे से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी सफाईकर्मी इस तरह सीवर या मैनहोल में न उतरे।