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Gurugram News: एमआरआई फिल्म न मिलने से मरीज परेशान
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स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। शहीद हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ के रेडियोलॉजी विभाग में एमआरआई जांच के बाद मरीजों को फिल्म न दिए जाने का मामला सामने आया है। गांव बाबूपुर निवासी फरहान खान ने इस संबंध में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
फरहान खान ने बताया कि उनकी एमआरआई जांच 27 मार्च को मेडिकल कॉलेज में हुई थी। आरोप है कि जांच के बाद उन्हें केवल लिखित रिपोर्ट दी गई, जबकि एमआरआई फिल्म उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि कई डॉक्टर बीमारी की सही स्थिति समझने के लिए फिल्म देखने की जरूरत बताते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मेवात क्षेत्र के अधिकतर मरीज आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में फिल्म न मिलने पर उन्हें मजबूरन निजी लैब में दोबारा एमआरआई करवानी पड़ती है, जिससे उन पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ता है।
फरहान खान ने पत्र में उल्लेख किया कि गंभीर मामलों में मरीजों को पीजीआईएमएस रोहतक या एम्स दिल्ली रेफर किया जाता है, जहां अक्सर ओरिजिनल एमआरआई फिल्म मांगी जाती है। उन्होंने सरकार से फिल्म उपलब्ध कराने और मामले की जांच कराने की मांग की है। वहीं मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर मुकेश का कहना है कि फिल्म उपलब्ध कराने के लिए प्रक्रिया जारी है। कई बार बीच में कुछ चीजों की कमी हो जाती है। जल्द उनको मंगवा कर समस्या का समाधान किया जाता है।
फोटो - मेडिकल कोलज का फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। शहीद हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ के रेडियोलॉजी विभाग में एमआरआई जांच के बाद मरीजों को फिल्म न दिए जाने का मामला सामने आया है। गांव बाबूपुर निवासी फरहान खान ने इस संबंध में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
फरहान खान ने बताया कि उनकी एमआरआई जांच 27 मार्च को मेडिकल कॉलेज में हुई थी। आरोप है कि जांच के बाद उन्हें केवल लिखित रिपोर्ट दी गई, जबकि एमआरआई फिल्म उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि कई डॉक्टर बीमारी की सही स्थिति समझने के लिए फिल्म देखने की जरूरत बताते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मेवात क्षेत्र के अधिकतर मरीज आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ऐसे में फिल्म न मिलने पर उन्हें मजबूरन निजी लैब में दोबारा एमआरआई करवानी पड़ती है, जिससे उन पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ता है।
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फरहान खान ने पत्र में उल्लेख किया कि गंभीर मामलों में मरीजों को पीजीआईएमएस रोहतक या एम्स दिल्ली रेफर किया जाता है, जहां अक्सर ओरिजिनल एमआरआई फिल्म मांगी जाती है। उन्होंने सरकार से फिल्म उपलब्ध कराने और मामले की जांच कराने की मांग की है। वहीं मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर मुकेश का कहना है कि फिल्म उपलब्ध कराने के लिए प्रक्रिया जारी है। कई बार बीच में कुछ चीजों की कमी हो जाती है। जल्द उनको मंगवा कर समस्या का समाधान किया जाता है।
फोटो - मेडिकल कोलज का फोटो