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Gurugram News: नियम तोड़ने पर वापिस जमा होगी पीएम कुसुम योजना की अनुदान राशि
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रदेश में किसानों की फसल की उत्पादन क्षमता बढ़ाने व खेतीबाड़ी में लागत खर्च को कम करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। सरकार योजनाओं के तहत विभिन्न प्रकार की सब्सिडी भी दे रही है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा सोलर पंप लगाने के लिए किसानों को पीएम कुसुम योजना के तहत विशेष अनुदान दिया जा रहा है, ताकि किसानों पर ज्यादा वित्तीय बोझ न पड़े और उन्हें पारंपरिक पम्पों से छुटकारा मिल सके।
एडीसी सोनू भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग को शिकायतें मिल रही हैं कि कई किसानों ने अपने सोलर वाटर पम्पिंग सिस्टमों को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया है या निर्धारित स्थान के अलावा अन्य स्थान पर स्थापित कर उन्हें दूसरे कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। एडीसी ने बताया कि पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने की स्वीकृति दी जाती है तो किसानों से लिखित रूप में लिया जाता है कि वे सोलर पंप को न बेचेंगे और न ही अन्य स्थान पर शिफ्ट करेंगे। ऐसा करने पर सरकार द्वारा अनुदान राशि वापिस ली जा सकती है।
एडीसी ने जिला के सब्सिडी प्राप्त किसानों से अपील की है कि वे कोई भी नियम विरुद्ध कार्य करने से बचें। उन्होंने बताया कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है।
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गुरुग्राम। प्रदेश में किसानों की फसल की उत्पादन क्षमता बढ़ाने व खेतीबाड़ी में लागत खर्च को कम करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। सरकार योजनाओं के तहत विभिन्न प्रकार की सब्सिडी भी दे रही है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग हरियाणा द्वारा सोलर पंप लगाने के लिए किसानों को पीएम कुसुम योजना के तहत विशेष अनुदान दिया जा रहा है, ताकि किसानों पर ज्यादा वित्तीय बोझ न पड़े और उन्हें पारंपरिक पम्पों से छुटकारा मिल सके।
एडीसी सोनू भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग को शिकायतें मिल रही हैं कि कई किसानों ने अपने सोलर वाटर पम्पिंग सिस्टमों को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया है या निर्धारित स्थान के अलावा अन्य स्थान पर स्थापित कर उन्हें दूसरे कार्यों में उपयोग किया जा रहा है। एडीसी ने बताया कि पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर पंप लगाने की स्वीकृति दी जाती है तो किसानों से लिखित रूप में लिया जाता है कि वे सोलर पंप को न बेचेंगे और न ही अन्य स्थान पर शिफ्ट करेंगे। ऐसा करने पर सरकार द्वारा अनुदान राशि वापिस ली जा सकती है।
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एडीसी ने जिला के सब्सिडी प्राप्त किसानों से अपील की है कि वे कोई भी नियम विरुद्ध कार्य करने से बचें। उन्होंने बताया कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किया जा रहा है।