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Gurugram News: मलबे से मुक्ति...शुरू होंगे दो संग्रहण केंद्र
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मानेसर में चार संग्रहण केंद्रों में से दो का निर्माण पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। नगर निगम मानेसर ने निर्माण कार्यों और भवनों को तोड़ने से निकलने वाले मलबे के निपटान के लिए बनाए जा रहे चार संग्रहण केंद्रों में से दो का निर्माण पूरा कर लिया है। बाकी दो केंद्रों का काम भी इस महीने के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इन केंद्रों के शुरू होने से शहर में जगह-जगह मलबा फेंकने की समस्या कम होगी।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-6 और गढ़ी में मलबा संग्रहण केंद्र तैयार हो चुके हैं। वहीं, हरसरू और नैनवाल में काम तेजी से चल रहा है। इन केंद्रों पर शहर के अलग-अलग इलाकों से आने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के मलबे को जमा किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि चार केंद्रों में से एक जगह पर मलबे को प्रोसेस करने के लिए प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके लिए जगह तय कर ली गई है और मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होगा। नगर निगम का लक्ष्य है कि यह प्लांट साल 2027 की शुरुआत तक शुरू हो जाए। मानेसर में हर दिन करीब 50 टन निर्माण और तोड़फोड़ का मलबा निकलता है। अभी इसके निपटान की कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि कई लोग खाली प्लॉटों और सड़कों के किनारे मलबा डाल देते हैं। खासकर आईएमटी क्षेत्र में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। साथ ही मानेसर की अरावली घाटी में भी सीएंडडी वेस्ट को डाला जा रहा है जिससे इलाके में गंदगी बढ़ती जा रही है।
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देश पर ये केंद्र बनाए जा रहे हैं। सभी केंद्र शुरू होने के बाद मलबे का सही तरीके से निपटान किया जाएगा। -निजेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। नगर निगम मानेसर ने निर्माण कार्यों और भवनों को तोड़ने से निकलने वाले मलबे के निपटान के लिए बनाए जा रहे चार संग्रहण केंद्रों में से दो का निर्माण पूरा कर लिया है। बाकी दो केंद्रों का काम भी इस महीने के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इन केंद्रों के शुरू होने से शहर में जगह-जगह मलबा फेंकने की समस्या कम होगी।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, सेक्टर-6 और गढ़ी में मलबा संग्रहण केंद्र तैयार हो चुके हैं। वहीं, हरसरू और नैनवाल में काम तेजी से चल रहा है। इन केंद्रों पर शहर के अलग-अलग इलाकों से आने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के मलबे को जमा किया जाएगा।
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अधिकारियों ने बताया कि चार केंद्रों में से एक जगह पर मलबे को प्रोसेस करने के लिए प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके लिए जगह तय कर ली गई है और मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू होगा। नगर निगम का लक्ष्य है कि यह प्लांट साल 2027 की शुरुआत तक शुरू हो जाए। मानेसर में हर दिन करीब 50 टन निर्माण और तोड़फोड़ का मलबा निकलता है। अभी इसके निपटान की कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि कई लोग खाली प्लॉटों और सड़कों के किनारे मलबा डाल देते हैं। खासकर आईएमटी क्षेत्र में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। साथ ही मानेसर की अरावली घाटी में भी सीएंडडी वेस्ट को डाला जा रहा है जिससे इलाके में गंदगी बढ़ती जा रही है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देश पर ये केंद्र बनाए जा रहे हैं। सभी केंद्र शुरू होने के बाद मलबे का सही तरीके से निपटान किया जाएगा। -निजेश कुमार, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम