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Gurugram News: अदालत परिसर के रिकॉर्ड रूम में आग हादसे की जांच के लिए एसआईटी गठित
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एसीपी धर्मबीर की अध्यक्षता में 7 सदस्यों की टीम करेगी जांच, डीसीपी वेस्ट करण गोयल करेंगे सुपरविजन
एफएसएल टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम जिला व सत्र न्यायालय परिसर में रिकॉर्ड रूम में लगी आग की घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित हो गई है। हादसे की गहन जांच एवं सभी पहलुओं की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच सुनिश्चित करने के लिए एसीपी सदर धर्मबीर सिंह की अध्यक्षता में एक सात सदस्यों की टीम बनाई गई है जिसको डीसीपी वेस्ट करण गोयल सुपरविजन करेंगे। वहीं, एफएसएल टीम एवं सीन ऑफ क्राइम की टीम ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और आग लगने के कारणों की जांच की।
एसीपी धर्मबीर सिंह ने बताया कि एसआईटी टीम में एसएचओ शिवाजी नगर, सेक्टर 10 सीआईए इंचार्ज, साइबर इंचार्ज वेस्ट, एसआई संजय व नरपाल तथा हेड कांस्टेबल गोविंद शामिल है। हादसे के बाद न्यायिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन, न्यायपालिका एवं अधिवक्ताओं के समन्वय से तेजी से कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को लगभग सभी अदालतों का आवश्यक रिकॉर्ड एवं न्यायिक कार्यवाही पुरानी कोर्ट बिल्डिंग से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में स्थानांतरित कर दी गई। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अदालतों का संचालन भी सुचारू रूप से जारी रहा।
प्रशासन एवं न्यायपालिका की ओर से यह सुनिश्चित किया गया कि आमजन को न्यायिक कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा न हो। जरूरी एवं अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई नियमित रूप से की गई तथा अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। इस पूरी प्रक्रिया में गुरुग्राम बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ताओं का सराहनीय सहयोग देखने को मिला। बार एसोसिएशन के प्रधान चंद्रकांत शर्मा ने कहा कि न्यायिक कार्यवाही को निरंतर बनाए रखने के लिए बार एसोसिएशन प्रशासन एवं न्यायपालिका को पूरा सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि अदालतों का कार्य बिना किसी व्यवधान के चलता रहे तथा आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी प्रकार की अफवाहों या भ्रम की स्थिति से बचें, न्यायिक कार्य पूरी गंभीरता एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रहे हैं।
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आमजन को असुविधा न हो, न्यायिक व्यवस्था सुचारू रखना हमारी प्राथमिकता : जिला एवं सत्र न्यायाधीश
जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा ने कहा कि न्यायपालिका का प्रयास है कि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड पुनर्निर्माण, वैकल्पिक व्यवस्थाओं एवं न्यायिक कार्यों की निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
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17 सालों से कर रहे हैं घर का इंतजार
वर्जन
इस मामले में खरीदार स्पष्ट नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हमें यह मामला सेटल करने के लिए सौंपा था, बिल्डिंग का निर्माण पूरा कराना हमारी जिम्मेदारी नहीं थी। इसलिए हमने खरीदारों को दो ऑफर दिए। पहला जितना तैयार है, उसपर पजेशन लेने के लिए या फिर ब्याज के साथ पैसे वापस लेने के लिए। कुछ लोगों ने ये विकल्प चुन लिए। हमारे लिए सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश था, वह हम पूरा कर रहे हैं।
- आरके जिंदल, एस्टेट मैनेजर, एचएसआईआईडीसी
एफएसएल टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम जिला व सत्र न्यायालय परिसर में रिकॉर्ड रूम में लगी आग की घटना की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित हो गई है। हादसे की गहन जांच एवं सभी पहलुओं की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच सुनिश्चित करने के लिए एसीपी सदर धर्मबीर सिंह की अध्यक्षता में एक सात सदस्यों की टीम बनाई गई है जिसको डीसीपी वेस्ट करण गोयल सुपरविजन करेंगे। वहीं, एफएसएल टीम एवं सीन ऑफ क्राइम की टीम ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और आग लगने के कारणों की जांच की।
एसीपी धर्मबीर सिंह ने बताया कि एसआईटी टीम में एसएचओ शिवाजी नगर, सेक्टर 10 सीआईए इंचार्ज, साइबर इंचार्ज वेस्ट, एसआई संजय व नरपाल तथा हेड कांस्टेबल गोविंद शामिल है। हादसे के बाद न्यायिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन, न्यायपालिका एवं अधिवक्ताओं के समन्वय से तेजी से कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को लगभग सभी अदालतों का आवश्यक रिकॉर्ड एवं न्यायिक कार्यवाही पुरानी कोर्ट बिल्डिंग से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में स्थानांतरित कर दी गई। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अदालतों का संचालन भी सुचारू रूप से जारी रहा।
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प्रशासन एवं न्यायपालिका की ओर से यह सुनिश्चित किया गया कि आमजन को न्यायिक कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा न हो। जरूरी एवं अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई नियमित रूप से की गई तथा अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गईं। इस पूरी प्रक्रिया में गुरुग्राम बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ताओं का सराहनीय सहयोग देखने को मिला। बार एसोसिएशन के प्रधान चंद्रकांत शर्मा ने कहा कि न्यायिक कार्यवाही को निरंतर बनाए रखने के लिए बार एसोसिएशन प्रशासन एवं न्यायपालिका को पूरा सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि अदालतों का कार्य बिना किसी व्यवधान के चलता रहे तथा आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी प्रकार की अफवाहों या भ्रम की स्थिति से बचें, न्यायिक कार्य पूरी गंभीरता एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रहे हैं।
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17 सालों से कर रहे हैं घर का इंतजार
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इस मामले में खरीदार स्पष्ट नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हमें यह मामला सेटल करने के लिए सौंपा था, बिल्डिंग का निर्माण पूरा कराना हमारी जिम्मेदारी नहीं थी। इसलिए हमने खरीदारों को दो ऑफर दिए। पहला जितना तैयार है, उसपर पजेशन लेने के लिए या फिर ब्याज के साथ पैसे वापस लेने के लिए। कुछ लोगों ने ये विकल्प चुन लिए। हमारे लिए सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश था, वह हम पूरा कर रहे हैं।
- आरके जिंदल, एस्टेट मैनेजर, एचएसआईआईडीसी