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Gurugram News: टेंडर का फेर, विकास में देर
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जीएमडीए की सुस्त रफ्तार से अटकी विकास योजनाएं, दो एसटीपी परियोजनाओं के टेंडर फिर से जारी
नंबर गेम - 182.74 करोड़ रुपये की है परियोजना
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावों के बीच गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की विकास परियोजनाएं बार-बार अटक रही हैं। सीवरेज ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित दो महत्वपूर्ण सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजनाओं के टेंडर दोबारा जारी किए गए हैं।
धनवापुर में 100 एमएलडी क्षमता के नए एसटीपी, मेन पंपिंग स्टेशन और बायो-सीबीजी प्लांट की करीब 182.74 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए 13 जून को टेंडर जारी किया गया था। प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और 22 जून को दोबारा टेंडर जारी करना पड़ा। इससे परियोजना के पूरा होने में और देरी तय मानी जा रही है।
इसी प्रकार न्यू गुरुग्राम के सेक्टर-78 स्थित नौरंगपुर में 40 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निर्माण के लिए मई में जारी टेंडर भी सिरे नहीं चढ़ पाया। करीब 75 करोड़ रुपये की इस परियोजना का भी दोबारा टेंडर जारी किया गया है। यह प्लांट सेक्टर-77, 78, 79, 80 और आसपास के गांवों की सीवरेज समस्या के समाधान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बढ़ती आबादी और नए सेक्टरों के विकास के बावजूद सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने वाली परियोजनाओं का समय पर पूरा न होना जीएमडीए की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विभोर दुहन के अनुसार, प्रशासनिक कारणों से दोनों परियोजनाओं के टेंडर दोबारा जारी किए गए हैं।
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जीएमडीए के विकास कार्य तय समय पर पूरे नहीं हो रहे हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शहर में सड़क, सीवरेज और पेयजल सेवाओं में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है और कई परियोजनाएं फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। -सुखबीर कटारिया, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता
गुरुग्राम में सड़क, सीवर और पेयजल जैसी बुनियादी सेवाओं की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है। शहर की बढ़ती आबादी और विस्तार के अनुरूप आधारभूत ढांचे का विकास अपेक्षित गति से नहीं हो रहा है। प्राधिकरण विकास कार्यों को जल्द सिरे चढ़ाए, ताकि लोगों को सुविधाओं का लाभ मिल सके। -संजय ठकराल, राज्य संगठन सचिव, शिवसेना
नंबर गेम - 182.74 करोड़ रुपये की है परियोजना
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावों के बीच गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की विकास परियोजनाएं बार-बार अटक रही हैं। सीवरेज ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित दो महत्वपूर्ण सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजनाओं के टेंडर दोबारा जारी किए गए हैं।
धनवापुर में 100 एमएलडी क्षमता के नए एसटीपी, मेन पंपिंग स्टेशन और बायो-सीबीजी प्लांट की करीब 182.74 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए 13 जून को टेंडर जारी किया गया था। प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और 22 जून को दोबारा टेंडर जारी करना पड़ा। इससे परियोजना के पूरा होने में और देरी तय मानी जा रही है।
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इसी प्रकार न्यू गुरुग्राम के सेक्टर-78 स्थित नौरंगपुर में 40 एमएलडी क्षमता के एसटीपी निर्माण के लिए मई में जारी टेंडर भी सिरे नहीं चढ़ पाया। करीब 75 करोड़ रुपये की इस परियोजना का भी दोबारा टेंडर जारी किया गया है। यह प्लांट सेक्टर-77, 78, 79, 80 और आसपास के गांवों की सीवरेज समस्या के समाधान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बढ़ती आबादी और नए सेक्टरों के विकास के बावजूद सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने वाली परियोजनाओं का समय पर पूरा न होना जीएमडीए की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विभोर दुहन के अनुसार, प्रशासनिक कारणों से दोनों परियोजनाओं के टेंडर दोबारा जारी किए गए हैं।
जीएमडीए के विकास कार्य तय समय पर पूरे नहीं हो रहे हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शहर में सड़क, सीवरेज और पेयजल सेवाओं में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है और कई परियोजनाएं फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रही हैं। -सुखबीर कटारिया, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता
गुरुग्राम में सड़क, सीवर और पेयजल जैसी बुनियादी सेवाओं की स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है। शहर की बढ़ती आबादी और विस्तार के अनुरूप आधारभूत ढांचे का विकास अपेक्षित गति से नहीं हो रहा है। प्राधिकरण विकास कार्यों को जल्द सिरे चढ़ाए, ताकि लोगों को सुविधाओं का लाभ मिल सके। -संजय ठकराल, राज्य संगठन सचिव, शिवसेना