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Gurugram News: ऑटोमेटिक सिस्टम से चलेगी बिजली व्यवस्था, तत्काल दूर होंगे फॉल्ट
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क्टर-52 में स्काडा केंद्र बनाने का काम शुरू, शहर की बिजली व्यवस्था पर रहेगी नजर
नंबर गेम- 85 करोड़ का है प्रोजेक्ट
पूनम
गुरुग्राम। स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्वीजिशन) के लिए सर्वे का काम शुरू हो गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। स्काडा सेंटर मॉनिटरिंग यूनिट होगा, जहां से शहर के बिजली की आपूर्ति पर नजर रखी जा सकेगी और इसके कंप्यूटरीकृत सिस्टम से अगर कहीं फॉल्ट आता है तो तत्काल पता चल जाएगा। जिस इलाके में गड़बड़ी होगी उस लाइन को हटाकर बिजली व्यवस्था दूसरे सिस्टम से जोड़ दी जाएगी। किसी फॉल्ट की स्थिति में मरम्मत कार्य पूरा होने तक दूसरे इलाके को बिजली संकट नहीं झेलना होगा।
स्काडा पूरा होने से स्मार्ट ग्रिड होगी पूरी
स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तीन हिस्से रहे हैं इसमें अंडर ग्राउंड केबल, स्काडा और स्मार्ट मीटर शामिल हैं। स्काडा का काम पिछले दो सालों से लंबित था। कई बार इसके लिए टेंडर निकले मगर काम फाइनल नहीं हो पाया था। अब सिनर्जी कंपनी इसका काम कर रही है। इस कार्य में 85 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। स्काडा केंद्र के लिए बिजली निगम ने सेक्टर-52 में जगह तय की है। मुख्य अभियंता के अनुसार, तात्कालिक रूप में इसे बिजली निगम के सेक्टर-16 स्थित हेतरी हाउस भवन में रखा जाएगा, जहां मुख्य अभियंता समेत स्मार्ट ग्रिड के अधिकारी बैठते हैं। स्काडा के लिए हालांकि 30 महीने का समय दिया गया है मगर अधिकारियों के अनुसार इसे इससे कम समय में पूरा करने का लक्ष्य है। स्मार्ट ग्रिड के तहत अंडर ग्राउंड केबल का कुछ कार्य अधूरा है जिसे बिजली निगम खुद पूरा करा रहा है। शहर में अभी तक करीब 3.75 लाख मीटरों को स्मार्ट मीटर मेंं बदला जा चुका है।
आईएमटी में बना है पायलट स्काडा
करीब ढाई साल पहले आईएमटी मानेसर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत बिजली निगम ने स्काडा सेंटर शुरू किया। इस सेंटर आईएमटी की बिजली व्यवस्था की मॉनिटरिंग होती है। हालांकि, इस सेंटर में अभी ऑटोमेटिक रूप आएमयू से एक लाइन से दूसरी लाइन को जोड़ने का सिस्टम नहीं है, मगर फॉल्ट, ओवर लोडेड सिस्टम आदि की मॉनिटरिंग इसमें हो रही है। औद्योगिक क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पर नजर रखने में यह केंद्र काम कर रहा है। गुरुग्राम का स्काडा इसकी तुलना में काफी एडवांस बनाया जा रहा है, जो पूरे शहर की बिजली व्यवस्था पर नजर रखेगा।
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स्काडा पूरा होने से स्मार्ट ग्रिड होगी पूरी
स्मार्ट ग्रिड प्रोजेक्ट के तीन हिस्से रहे हैं इसमें अंडर ग्राउंड केबल, स्काडा और स्मार्ट मीटर शामिल हैं। स्काडा का काम पिछले दो सालों से लंबित था। कई बार इसके लिए टेंडर निकले मगर काम फाइनल नहीं हो पाया था। अब सिनर्जी कंपनी इसका काम कर रही है। इस कार्य में 85 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। स्काडा केंद्र के लिए बिजली निगम ने सेक्टर-52 में जगह तय की है। मुख्य अभियंता के अनुसार, तात्कालिक रूप में इसे बिजली निगम के सेक्टर-16 स्थित हेतरी हाउस भवन में रखा जाएगा, जहां मुख्य अभियंता समेत स्मार्ट ग्रिड के अधिकारी बैठते हैं। स्काडा के लिए हालांकि 30 महीने का समय दिया गया है मगर अधिकारियों के अनुसार इसे इससे कम समय में पूरा करने का लक्ष्य है। स्मार्ट ग्रिड के तहत अंडर ग्राउंड केबल का कुछ कार्य अधूरा है जिसे बिजली निगम खुद पूरा करा रहा है। शहर में अभी तक करीब 3.75 लाख मीटरों को स्मार्ट मीटर मेंं बदला जा चुका है।
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आईएमटी में बना है पायलट स्काडा
करीब ढाई साल पहले आईएमटी मानेसर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत बिजली निगम ने स्काडा सेंटर शुरू किया। इस सेंटर आईएमटी की बिजली व्यवस्था की मॉनिटरिंग होती है। हालांकि, इस सेंटर में अभी ऑटोमेटिक रूप आएमयू से एक लाइन से दूसरी लाइन को जोड़ने का सिस्टम नहीं है, मगर फॉल्ट, ओवर लोडेड सिस्टम आदि की मॉनिटरिंग इसमें हो रही है। औद्योगिक क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पर नजर रखने में यह केंद्र काम कर रहा है। गुरुग्राम का स्काडा इसकी तुलना में काफी एडवांस बनाया जा रहा है, जो पूरे शहर की बिजली व्यवस्था पर नजर रखेगा।

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