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इस बार मानसून में कहीं भी जलभराव न हो : विपुल गोयल
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शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने मानसून की तैयारियों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
फोटो -
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। इस बार मानसून के दौरान कहीं भी जलभराव न हो। लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। ये बातें शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने गुरुग्राम स्थित लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में मानसून की तैयारियों की समीक्षा बैठक में कहीं। इस दौरान मौजूद गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद के अधिकारियों को सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई व मरम्मत मानसून से पहले करने के निर्देश दिए।
उन्होंने इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में पंप, मशीनरी और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि नहीं होनी चाहिए। बैठक में यूएलबी के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा, फरीदाबाद निगमायुक्त धीरेंद्र खड़गटा, गुरुग्राम निगमायुक्त प्रदीप दहिया, गुरुग्राम उपायुक्त उत्तम सिंह, फरीदाबाद के उपायुक्त आयुष सिन्हा, मानेसर निगमायुक्त प्रदीप सिंह, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, यूएलबी निदेशक शाश्वत सांगवान, गुरुग्राम अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी व यश जालुका तथा एडीसी सोनू भट्ट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जलभराव नियंत्रण पर विशेष फोकस
बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद और मानेसर नगर निगमों द्वारा मानसून को लेकर की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जलभराव संभावित स्थानों की पहचान, ड्रेनों की सफाई, स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन की स्थिति, सीवरेज व्यवस्था और रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
159 हॉट स्पॉट चिह्नित
बैठक में नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में कुल 159 जलभराव संभावित स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें 4 अत्यधिक गंभीर, 39 गंभीर, 56 मध्यम और 60 मामूली श्रेणी के स्थान शामिल हैं।
408.59 किमी नाले की सफाई पुरी
नगर निगम गुरुग्राम ने नालों की सफाई और मरम्मत तेज कर दी है। कुल 607 किमी ड्रेन में से 408.59 किमी की सफाई पूरी हो चुकी है। शेष कार्य 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ड्रेन से संबंधित 97 कार्यों में से 72 पूरे हो गए हैं और बाकी प्रगति पर हैं।
109 पंप की होगी व्यवस्था
मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए 109 पंप और 63 सेक्शन टैंकर की व्यवस्था की जा रही है। गुरुग्राम में कुल 468 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं में से 309 कार्यशील हैं, जबकि 159 को दुरुस्त किया जा रहा है। इनकी मरम्मत और सफाई से जलभराव की समस्या कम करने और भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
मानेसर में नई योजनाएं
मानेसर नगर निगम ने मानसून से पहले 54.56 किमी लंबाई की 23 बड़े ड्रेनों की सफाई का कार्य शुरू किया है। साथ ही 42 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का रखरखाव और नए सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
फरीदाबाद में व्यापक ड्रेनेज प्लान
फरीदाबाद में 157 ड्रेनों (196 किमी) की सफाई का कार्य किया जा रहा है, जिसे 15 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 40 से अधिक संवेदनशील जलभराव बिंदुओं की पहचान कर वहां विशेष निगरानी की जा रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। इस बार मानसून के दौरान कहीं भी जलभराव न हो। लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। ये बातें शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने गुरुग्राम स्थित लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में मानसून की तैयारियों की समीक्षा बैठक में कहीं। इस दौरान मौजूद गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद के अधिकारियों को सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई व मरम्मत मानसून से पहले करने के निर्देश दिए।
उन्होंने इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में पंप, मशीनरी और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना या जनहानि नहीं होनी चाहिए। बैठक में यूएलबी के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा, फरीदाबाद निगमायुक्त धीरेंद्र खड़गटा, गुरुग्राम निगमायुक्त प्रदीप दहिया, गुरुग्राम उपायुक्त उत्तम सिंह, फरीदाबाद के उपायुक्त आयुष सिन्हा, मानेसर निगमायुक्त प्रदीप सिंह, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, यूएलबी निदेशक शाश्वत सांगवान, गुरुग्राम अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी व यश जालुका तथा एडीसी सोनू भट्ट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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जलभराव नियंत्रण पर विशेष फोकस
बैठक में गुरुग्राम, फरीदाबाद और मानेसर नगर निगमों द्वारा मानसून को लेकर की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जलभराव संभावित स्थानों की पहचान, ड्रेनों की सफाई, स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन की स्थिति, सीवरेज व्यवस्था और रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
159 हॉट स्पॉट चिह्नित
बैठक में नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में कुल 159 जलभराव संभावित स्थान चिह्नित किए गए हैं। इनमें 4 अत्यधिक गंभीर, 39 गंभीर, 56 मध्यम और 60 मामूली श्रेणी के स्थान शामिल हैं।
408.59 किमी नाले की सफाई पुरी
नगर निगम गुरुग्राम ने नालों की सफाई और मरम्मत तेज कर दी है। कुल 607 किमी ड्रेन में से 408.59 किमी की सफाई पूरी हो चुकी है। शेष कार्य 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ड्रेन से संबंधित 97 कार्यों में से 72 पूरे हो गए हैं और बाकी प्रगति पर हैं।
109 पंप की होगी व्यवस्था
मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए 109 पंप और 63 सेक्शन टैंकर की व्यवस्था की जा रही है। गुरुग्राम में कुल 468 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं में से 309 कार्यशील हैं, जबकि 159 को दुरुस्त किया जा रहा है। इनकी मरम्मत और सफाई से जलभराव की समस्या कम करने और भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
मानेसर में नई योजनाएं
मानेसर नगर निगम ने मानसून से पहले 54.56 किमी लंबाई की 23 बड़े ड्रेनों की सफाई का कार्य शुरू किया है। साथ ही 42 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का रखरखाव और नए सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
फरीदाबाद में व्यापक ड्रेनेज प्लान
फरीदाबाद में 157 ड्रेनों (196 किमी) की सफाई का कार्य किया जा रहा है, जिसे 15 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 40 से अधिक संवेदनशील जलभराव बिंदुओं की पहचान कर वहां विशेष निगरानी की जा रही है।

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