{"_id":"69ea2c7527d6a8e6210911f2","slug":"there-will-be-a-big-movement-on-may-1-against-the-release-and-exploitation-of-workers-in-manesar-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-85762-2026-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: मानेसर में मजदूरों की रिहाई और शोषण के खिलाफ एक मई को होगा बड़ा आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: मानेसर में मजदूरों की रिहाई और शोषण के खिलाफ एक मई को होगा बड़ा आंदोलन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मजदूर संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने लिया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। मानेसर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों के साथ हो रही कार्रवाई के खिलाफ ट्रेड यूनियन काउंसिल गुड़गांव ने विरोध जताया है। यूनियन ने मांग की है कि गिरफ्तार सभी मजदूरों को तुरंत रिहा किया जाए और आंदोलन कर रहे मजदूरों पर दमन न किया जाए। साथ ही 1 मई को बड़े आंदोलन का फैसला लिया गया है। प्रतिनिधिमंडल में एटक, सीटू, एचएमएस, इंटक और अन्य यूनियनों के कई नेता शामिल है।
मजदूर नेताओं का कहना है कि मानेसर, फरीदाबाद, पलवल, बावल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर अपने हक के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनके साथ सख्ती की जा रही है। कई मजदूरों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर झूठे केस दर्ज किए गए हैं। उनका कहना है कि बातचीत के बजाय दमन किया जा रहा है, जो गलत है। यूनियन नेताओं ने बताया कि मजदूरों की मुख्य समस्याएं कम वेतन, बढ़ती महंगाई, ठेका मजदूरों का शोषण, 8 घंटे से ज्यादा काम, ओवरटाइम का सही भुगतान न मिलना और सुरक्षा की कमी हैं। सीटू यूनियन के उपप्रधान सतवीर सिंह ने बताया कि ट्रेड यूनियनों ने 1 मई (मजदूर दिवस) पर बड़ा प्रदर्शन और सभा करने का भी फैसला लिया है। ॉ
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। मानेसर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों के साथ हो रही कार्रवाई के खिलाफ ट्रेड यूनियन काउंसिल गुड़गांव ने विरोध जताया है। यूनियन ने मांग की है कि गिरफ्तार सभी मजदूरों को तुरंत रिहा किया जाए और आंदोलन कर रहे मजदूरों पर दमन न किया जाए। साथ ही 1 मई को बड़े आंदोलन का फैसला लिया गया है। प्रतिनिधिमंडल में एटक, सीटू, एचएमएस, इंटक और अन्य यूनियनों के कई नेता शामिल है।
मजदूर नेताओं का कहना है कि मानेसर, फरीदाबाद, पलवल, बावल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर अपने हक के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनके साथ सख्ती की जा रही है। कई मजदूरों को गिरफ्तार किया गया है और उन पर झूठे केस दर्ज किए गए हैं। उनका कहना है कि बातचीत के बजाय दमन किया जा रहा है, जो गलत है। यूनियन नेताओं ने बताया कि मजदूरों की मुख्य समस्याएं कम वेतन, बढ़ती महंगाई, ठेका मजदूरों का शोषण, 8 घंटे से ज्यादा काम, ओवरटाइम का सही भुगतान न मिलना और सुरक्षा की कमी हैं। सीटू यूनियन के उपप्रधान सतवीर सिंह ने बताया कि ट्रेड यूनियनों ने 1 मई (मजदूर दिवस) पर बड़ा प्रदर्शन और सभा करने का भी फैसला लिया है। ॉ
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेंट
कमेंट X