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वाटिका सोसाइटी : सुविधाओं का अकाल, निवासी बेहाल
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संवाद में बोले लोग- 24 मीटर सड़क का वादा अधूरा, सीवर ओवरफ्लो, जर्जर सड़कें और सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-82 स्थित 700 एकड़ में विकसित वाटिका सोसाइटी में सुविधाओं का अकाल है। यहां रहने वाले लोग लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। लगभग 5000 फ्लैटों और करीब 2000 मतदाताओं वाली इस टाउनशिप में पार्क तो बनाए गए हैं लेकिन किसी भी पार्क में सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं है। आरडब्ल्यूए का आरोप है कि सोसाइटी की देखरेख करने वाली प्रबंधन कंपनी एनवायरो प्रत्येक फ्लैट से लगभग 4000 रुपये मासिक रखरखाव शुल्क वसूलती है लेकिन इसके बावजूद सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है।
सोसाइटी के अंदर की कई सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी समस्याओं के कारण आए दिन सीवर ओवरफ्लो की घटनाएं सामने आती रहती हैं जिससे गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना रहता है।
आरडब्ल्यूए के अनुसार, 12 दिसंबर 2024 को इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और मंत्री राव नरबीर सिंह को भी शिकायत सौंपी गई थी। मुख्यमंत्री द्वारा 24 मीटर सड़क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले डीटीपी प्रवीण चौहान ने भी मौके का निरीक्षण कर एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन दिया था लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसके अलावा मैप्सको कासा बेला सोसाइटी के सीवर का पानी वाटिका सोसाइटी के अंदर मौजूद आरएल स्कूल मार्ग पर छोड़े जाने का आरोप भी लगाया गया है।
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इस संकरे मार्ग को चिकन नेक का नाम दिया है क्योंकि यहां वाहनों की आवाजाही में अक्सर जाम और परेशानी की स्थिति बनी रहती है। -अर्जुन ग्रोवर, स्थानीय निवासी
पार्क में सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। -अनिता यादव, स्थानीय निवासी
हाईवे की ओर से 24 मीटर चौड़ा प्रवेश मार्ग उपलब्ध कराने की मांग है। बिल्डर ने फ्लैट बेचते समय 24 मीटर चौड़ी सड़क का दावा किया था जबकि 15 मीटर चौड़ा रास्ता ही उपलब्ध है। - एसएल सिंगला, आरडब्ल्यूए
रखरखाव के नाम पर शुल्क लिया जाता है लेकिन सफाई व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है और कर्मचारियों की संख्या भी घटा दी गई है। -देवेंद्र गुप्ता, स्थानीय निवासी
एसटीपी की खराब व्यवस्था के कारण आए दिन सीवर ओवरफ्लो होता है, जिससे दुर्गंध और गंदगी फैलती है। -सतिश यादव, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि
मैप्सको कासा बेला की ओर से छोड़ा जा रहा सीवर का पानी आरएल स्कूल मार्ग पर जमा हो जाता है, जिससे बच्चों और राहगीरों को परेशानी होती है। - अनुज गुप्ता, स्थानीय निवासी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-82 स्थित 700 एकड़ में विकसित वाटिका सोसाइटी में सुविधाओं का अकाल है। यहां रहने वाले लोग लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। लगभग 5000 फ्लैटों और करीब 2000 मतदाताओं वाली इस टाउनशिप में पार्क तो बनाए गए हैं लेकिन किसी भी पार्क में सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं है। आरडब्ल्यूए का आरोप है कि सोसाइटी की देखरेख करने वाली प्रबंधन कंपनी एनवायरो प्रत्येक फ्लैट से लगभग 4000 रुपये मासिक रखरखाव शुल्क वसूलती है लेकिन इसके बावजूद सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है।
सोसाइटी के अंदर की कई सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ी समस्याओं के कारण आए दिन सीवर ओवरफ्लो की घटनाएं सामने आती रहती हैं जिससे गंदगी और दुर्गंध का माहौल बना रहता है।
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आरडब्ल्यूए के अनुसार, 12 दिसंबर 2024 को इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और मंत्री राव नरबीर सिंह को भी शिकायत सौंपी गई थी। मुख्यमंत्री द्वारा 24 मीटर सड़क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ समय पहले डीटीपी प्रवीण चौहान ने भी मौके का निरीक्षण कर एक सप्ताह में समाधान का आश्वासन दिया था लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इसके अलावा मैप्सको कासा बेला सोसाइटी के सीवर का पानी वाटिका सोसाइटी के अंदर मौजूद आरएल स्कूल मार्ग पर छोड़े जाने का आरोप भी लगाया गया है।
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इस संकरे मार्ग को चिकन नेक का नाम दिया है क्योंकि यहां वाहनों की आवाजाही में अक्सर जाम और परेशानी की स्थिति बनी रहती है। -अर्जुन ग्रोवर, स्थानीय निवासी
पार्क में सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। -अनिता यादव, स्थानीय निवासी
हाईवे की ओर से 24 मीटर चौड़ा प्रवेश मार्ग उपलब्ध कराने की मांग है। बिल्डर ने फ्लैट बेचते समय 24 मीटर चौड़ी सड़क का दावा किया था जबकि 15 मीटर चौड़ा रास्ता ही उपलब्ध है। - एसएल सिंगला, आरडब्ल्यूए
रखरखाव के नाम पर शुल्क लिया जाता है लेकिन सफाई व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है और कर्मचारियों की संख्या भी घटा दी गई है। -देवेंद्र गुप्ता, स्थानीय निवासी
एसटीपी की खराब व्यवस्था के कारण आए दिन सीवर ओवरफ्लो होता है, जिससे दुर्गंध और गंदगी फैलती है। -सतिश यादव, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि
मैप्सको कासा बेला की ओर से छोड़ा जा रहा सीवर का पानी आरएल स्कूल मार्ग पर जमा हो जाता है, जिससे बच्चों और राहगीरों को परेशानी होती है। - अनुज गुप्ता, स्थानीय निवासी