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Gurugram News: नक्शा पास होने का इंतजार...लोगों को मिलेगा 400 बेड का नया अस्पताल

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2026 05:17 PM IST
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Waiting for the map to be approved...people will get a new 400-bed hospital
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बजट में इस वर्ष निर्माण शुरू करने की थी घोषणा, संशोधित नक्शा दोबारा मंजूरी के लिए भेजा
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सौम्या गुप्ता



गुरुग्राम। सिविल लाइंस स्थित नागरिक अस्पताल के निर्माण का इंतजार शहरवासी पिछले चार वर्षों से कर रहे हैं। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को लेकर लोगों में उम्मीद और निराशा दोनों बनी हुई हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री ने इस वर्ष के बजट में 400 बेड के अस्पताल निर्माण की घोषणा कर परियोजना को नई गति देने का प्रयास किया है।

प्रशासन के अनुसार, 400 बेड के अस्पताल के निर्माण के लिए संशोधित नक्शा मुख्यालय स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। पहले इस अस्पताल को 700 बेड क्षमता के साथ बनाने की योजना थी, जिसके तहत दो ब्लॉक और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था का प्रावधान किया गया था। हालांकि, बाद में बेड की संख्या घटाकर 400 कर दी गई, जिसके चलते नक्शे में बदलाव करना पड़ा। इसी कारण पिछले वर्ष दिसंबर में संशोधित नक्शा दोबारा मंजूरी के लिए भेजा गया था। अब स्वीकृति मिलने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा, जिसका शहरवासी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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चार वर्ष से इंतजार


वर्ष 2021 में बार-बार प्लास्टर गिरने और संरचनात्मक खामियों के चलते सिविल लाइंस स्थित नागरिक अस्पताल को तोड़ दिया गया था। इससे पहले वर्ष 2015-16 के बीच अस्पताल में छत गिरने की कम से कम छह घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें प्रसूति वार्ड और आईसीयू जैसे संवेदनशील विभाग भी प्रभावित हुए थे। इन घटनाओं के बाद नए भवन की आवश्यकता महसूस की गई, लेकिन ध्वस्तीकरण के चार साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

इस देरी का सीधा असर सेक्टर-10 स्थित सरकारी अस्पताल पर पड़ रहा है, जहां सिविल लाइंस अस्पताल की सेवाएं स्थानांतरित कर दी गई थीं। 100 बेड की क्षमता वाला यह अस्पताल अब शहर की बढ़ती आबादी के लिए अपर्याप्त साबित हो रहा है। वर्तमान में यह अस्पताल दो अस्पतालों का भार एक साथ संभाल रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है।

मरीजों को जाना पड़ता है इलाज के लिए बाहर



रोजाना यहां करीब 2,500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिससे अव्यवस्थाएं बढ़ रही हैं। इस अस्पताल में कई वार्ड न होने की वजह से मरीजों को दिल्ली या रोहतक रेफर करना पड़ता है। खासतौर से बर्न वार्ड, एसएनसीयू, स्थायी डेंगू वार्ड के अभाव के चलते मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।

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सिविल लाइंस स्थित 400 बेड के नागरिक अस्पताल के पुनर्निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृति के लिए मुख्यालय को ड्राफ्ट भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही नक्शा पास होगा, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम तेज हो सकेगा। - डाॅ. लोकवीर, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग
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