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Gurugram News: दमदमा झील में लौटा पानी, कयाकिंग खिलाड़ियों की ट्रेनिंग फिर पटरी पर
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- कई महीनों से पानी के अभाव में जोहड़ में करना पड़ रहा था अभ्यास, बारिश के बाद मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दमदमा झील में बारिश के बाद दोबारा पानी भरने से यहां संचालित कयाकिंग खेल नर्सरी के खिलाड़ियों को बड़ी राहत मिली है। कई महीनों से झील में पानी नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को पास के जोहड़ में जाकर अभ्यास करना पड़ रहा था। अब झील में पर्याप्त पानी जमा होने के बाद खिलाड़ियों ने दोबारा यहीं नियमित प्रशिक्षण शुरू कर दिया है।
झील में लंबे समय से पानी नहीं होने के कारण कयाकिंग खिलाड़ियों के सामने अभ्यास की समस्या बनी हुई थी। खेल नर्सरी में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को अपनी तैयारी जारी रखने के लिए पास के जोहड़ का सहारा लेना पड़ रहा था। हालांकि वहां किसी तरह अभ्यास कराया जा रहा था, लेकिन खिलाड़ियों को झील जैसा पर्याप्त जल क्षेत्र और अनुकूल वातावरण नहीं मिल पा रहा था। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही थी। कयाकिंग जैसे जल खेल में खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त जल क्षेत्र जरूरी होता है। झील सूखने के कारण खिलाड़ियों को वैकल्पिक स्थान पर निर्भर रहना पड़ा। अब बारिश के बाद झील में पानी आने से उनकी यह परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है। खिलाड़ी नियमित अभ्यास के साथ आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी भी कर सकेंगे। कयाकिंग प्रशिक्षक जयदीप ने बताया कि झील में पानी आने से खिलाड़ियों को काफी राहत मिली है। कई महीनों से जोहड़ में अभ्यास कराया जा रहा था। अब झील में पर्याप्त पानी है, इसलिए खिलाड़ियों को दोबारा यहीं प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कोट-
झील में पानी आने का काफी समय से इंतजार था। यहां बेहतर स्पेस मिलने से प्रशिक्षण अधिक प्रभावी होता है। -क्षितिज, खिलाड़ी
पानी नहीं होने पर दूसरे स्थान पर अभ्यास करना पड़ता था। अब ट्रेनिंग फिर पुराने स्थान पर शुरू हो गई है। -हिमांशु, खिलाड़ी
जोहड़ में लंबे समय से अभ्यास कर रहे थे। झील में अधिक जगह मिलने से अब सुविधा बढ़ गई है। -सागर, खिलाड़ी
अब जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी को और मजबूत कर सकेंगे। -अजय, खिलाड़ी
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दमदमा झील में बारिश के बाद दोबारा पानी भरने से यहां संचालित कयाकिंग खेल नर्सरी के खिलाड़ियों को बड़ी राहत मिली है। कई महीनों से झील में पानी नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को पास के जोहड़ में जाकर अभ्यास करना पड़ रहा था। अब झील में पर्याप्त पानी जमा होने के बाद खिलाड़ियों ने दोबारा यहीं नियमित प्रशिक्षण शुरू कर दिया है।
झील में लंबे समय से पानी नहीं होने के कारण कयाकिंग खिलाड़ियों के सामने अभ्यास की समस्या बनी हुई थी। खेल नर्सरी में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को अपनी तैयारी जारी रखने के लिए पास के जोहड़ का सहारा लेना पड़ रहा था। हालांकि वहां किसी तरह अभ्यास कराया जा रहा था, लेकिन खिलाड़ियों को झील जैसा पर्याप्त जल क्षेत्र और अनुकूल वातावरण नहीं मिल पा रहा था। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही थी। कयाकिंग जैसे जल खेल में खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त जल क्षेत्र जरूरी होता है। झील सूखने के कारण खिलाड़ियों को वैकल्पिक स्थान पर निर्भर रहना पड़ा। अब बारिश के बाद झील में पानी आने से उनकी यह परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है। खिलाड़ी नियमित अभ्यास के साथ आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी भी कर सकेंगे। कयाकिंग प्रशिक्षक जयदीप ने बताया कि झील में पानी आने से खिलाड़ियों को काफी राहत मिली है। कई महीनों से जोहड़ में अभ्यास कराया जा रहा था। अब झील में पर्याप्त पानी है, इसलिए खिलाड़ियों को दोबारा यहीं प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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कोट-
झील में पानी आने का काफी समय से इंतजार था। यहां बेहतर स्पेस मिलने से प्रशिक्षण अधिक प्रभावी होता है। -क्षितिज, खिलाड़ी
पानी नहीं होने पर दूसरे स्थान पर अभ्यास करना पड़ता था। अब ट्रेनिंग फिर पुराने स्थान पर शुरू हो गई है। -हिमांशु, खिलाड़ी
जोहड़ में लंबे समय से अभ्यास कर रहे थे। झील में अधिक जगह मिलने से अब सुविधा बढ़ गई है। -सागर, खिलाड़ी
अब जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी को और मजबूत कर सकेंगे। -अजय, खिलाड़ी