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Gurugram News: फर्जी आधार कार्ड से विदेशी को जमानत दिलाने वाले को नहीं मिली जमानत
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- एनडीपीएस मामले में पोलैंड के नागरिक को मिली थी पांच साल की सजा, अदालत ने आरोपी की याचिका खारिज की
अदालत से -
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पोलैंड के दोषी नागरिक को जमानत दिलाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के आरोपी अनिल कुमार को अदालत से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश डॉ. गगन गीत कौर की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने माना कि फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल गंभीर मामला है और अभी मामले की जांच पूरी नहीं हुई है।
चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की शिकायत पर शिवाजी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, एसआई सुरेंद्र ने अदालत में बिस्वाजी मलिक और नरेश कुमार को पेश किया था। दोनों ने बताया कि उन्होंने 25 दिसंबर 2025 को पोलैंड निवासी पैट्रिक जिविंस्की की जमानत के लिए कोई दस्तावेज नहीं दिए थे। उनके वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र और आधार कार्ड की प्रतियों से छेड़छाड़ की गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अनिल कुमार को गिरफ्तार किया।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी का मामले से कोई संबंध नहीं है और वह फरवरी से जेल में बंद है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में सुरेश कुमार और पैट्रिक जिविंस्की की गिरफ्तारी अभी बाकी है। अभियोजन ने आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता फर्जी आधार कार्ड तैयार करने में शामिल था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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345 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा गया था विदेशी नागरिक-
26 मई 2019 को डीएलएफ फेज-एक थाना क्षेत्र में पुलिस ने पैट्रिक जिविंस्की को 345 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। एनडीपीएस मामले में अदालत ने 31 जुलाई 2024 को उसे दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी। साथ ही उस पर 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
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अदालत से -
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। पोलैंड के दोषी नागरिक को जमानत दिलाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल करने के आरोपी अनिल कुमार को अदालत से राहत नहीं मिली। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश डॉ. गगन गीत कौर की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने माना कि फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल गंभीर मामला है और अभी मामले की जांच पूरी नहीं हुई है।
चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की शिकायत पर शिवाजी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, एसआई सुरेंद्र ने अदालत में बिस्वाजी मलिक और नरेश कुमार को पेश किया था। दोनों ने बताया कि उन्होंने 25 दिसंबर 2025 को पोलैंड निवासी पैट्रिक जिविंस्की की जमानत के लिए कोई दस्तावेज नहीं दिए थे। उनके वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र और आधार कार्ड की प्रतियों से छेड़छाड़ की गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अनिल कुमार को गिरफ्तार किया।
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बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी का मामले से कोई संबंध नहीं है और वह फरवरी से जेल में बंद है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में सुरेश कुमार और पैट्रिक जिविंस्की की गिरफ्तारी अभी बाकी है। अभियोजन ने आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता फर्जी आधार कार्ड तैयार करने में शामिल था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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345 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा गया था विदेशी नागरिक-
26 मई 2019 को डीएलएफ फेज-एक थाना क्षेत्र में पुलिस ने पैट्रिक जिविंस्की को 345 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। एनडीपीएस मामले में अदालत ने 31 जुलाई 2024 को उसे दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी। साथ ही उस पर 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।