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दहशत की दास्तानः हैलो सर, मेरा परिवार यहां फंस गया है, प्लीज हेल्प कीजिए
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 27 Feb 2020 07:17 AM IST
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Delhi violence
- फोटो : अमर उजाला
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‘हैलो सर, मेरा परिवार यहां फंस गया है। प्लीज हमारी हेल्प कीजिए...।’ बुधवार को शिव विहार तिराहे पर हाजी सलीम शाहिद के पास यह कॉल आया। सलीम ने ‘अमर उजाला’ की टीम व बाकी पत्रकारों को बताया कि गली नंबर-8, शिव विहार में बन्ने खान का परिवार फंसा हुआ है। परिजनों ने तीन दिन से खुद को एक मकान में कैद किया हुआ है।
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यह खबर वहां मौजूद संयुक्त आयुक्त सुभाशीष चौधरी को दी गई। वह भी मदद के लिए फौरन तैयार हो गए। सीआरपीएफ की एक टुकड़ी लेकर वे खुद गली में पहुंचे और वहां फंसे दो परिवारों के 20 लोगों को सुरक्षित निकाला। बाद में ‘अमर उजाला’ के कहने पर उन्होंने सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचवाया।
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बन्ने खान ने बताया कि रविवार को हिंसा होते ही कुछ लोगों ने उनके मकान को घेर लिया था। वहां मौजूद उनके कुछ हिंदू पड़ोसियों ने उनको धमकाकर भगा दिया। इन परिवारों ने तीन दिन तक लगातार उनकी रक्षा भी की, लेकिन उनका भी कहना था कि वह ज्यादा समय तक लोगों को नहीं रोक पाएंगे। ऐसे में बन्ने खान और उनकी पत्नी परवीन को अपने बच्चों व भाइयों की चिंता होने लगी। बन्ने ने कभी हाजी सलीम के पास काम किया था। उसने बुधवार दोपहर सलीम को कॉल की। इसके बाद उन्होंने ‘अमर उजाला’ बाकी मीडियाकर्मियों को खबर दी।
तीन दिन तक भूखा रहा परिवार पुलिस ने पहुंचकर बचाई जान
जौहरीपुर के पास भागीरथी विहार ई-ब्लॉक में शाहिद (28) पूरे परिवार के साथ करीब 20-25 साल से रहता है। सोमवार को बलवा हुआ तो शाहिद दंगाइयों के बीच घिर गए। बाहर जाते तो परिवार की जान को खतरा हो सकता था। शाहिद ने अपनी मां, नेत्रहीन बहन, भाई व पत्नी और पांच साल के बेटे के साथ पड़ोसी की छत पर जाकर जान बचाई।
इनके पड़ोस में एक हिंदू का मकान था। वह परिवार कहीं बाहर गया था। तीन दिन शाहिद का पूरा परिवार भूखा रहा। परिवार ने बस छत पर लगे नल से पानी पीकर गुजारा किया। इसी तरह अनवर नामक शख्स के परिवार ने भी एक हिंदू के घर पहुंचकर परिवार की जान बचाई। पल-पल इन दोनों परिवारों को लगता था कि शायद वे अब नहीं बचेंगे। बुधवार सुबह फोर्स पहुंची तो इन लोगों ने मदद की गुहार लगाई। पुलिसकर्मियों ने इनको सुरक्षित बाहर निकाला और सुरक्षित जगहों पर पहुंचवाया। शाहिद और अनवर के परिवार पुलिस का धन्यवाद करते नहीं थक रहे हैं।