फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   How an Air Force Wing Commander got ensnared in a honey trap; details of the information sent to Pakistan; the investigation.

Delhi NCR News: हनीट्रैप में कैसे फंसा वायुसेना का विंग कमांडर, पाकिस्तान को कौन-कौन सी भेजी जानकारी, जांच जारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 07:17 PM IST
विज्ञापन
महिला की दोस्ती बनी जासूसी का हथियार, 30 मई को गिरफ्तार हुआ था अधिकारी
विज्ञापन

दिल्ली पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद 7 जुलाई को अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस ने इंडियन एयरफोर्स के एक विंग कमांडर को रक्षा सूचना पाकिस्तान भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है। वायुसेना की तरफ से मंजूरी मिलने के बाद आरोपी को पकड़ा गया है। उस पर हनीट्रैप का शिकार होने के बाद संवेदनशील सूचनाएं भेजने का आरोप है। लेकिन वायुसेना के शीर्ष अधिकारी का इस जाल में फंसना चौंकाने वाला है। पुलिस अब यह देख रही कि आईएएफ का विंग कमांडर इस जाल में कैसे फंसा और इसका मॉड्यूल क्या था?
जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर संपर्क में आई एक महिला ने कथित तौर पर आईएएफ के विंग कमांडर का भरोसा जीता और फिर उससे सैन्य गतिविधियों, सैनिकों की तैनाती तथा अन्य संवेदनशील सूचनाएं साझा करने को कहा। दिल्ली पुलिस ने वायुसेना की खुफिया शाखा से मिली विशिष्ट जानकारी के आधार पर विंग कमांडर को 30 मई की रात गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम तहत केस किया है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 7 जुलाई को अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल किया है।
विज्ञापन

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विंग कमांडर की सोशल मीडिया पर एक महिला से बातचीत शुरू हुई। दोनों के बीच चैट और वीडियो कॉल के माध्यम से लगातार संपर्क बढ़ा। महिला ने धीरे-धीरे अधिकारी का विश्वास जीता और जानकारी मांगनी शुरू की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अधिकारी ने सैन्य आवाजाही और सैनिकों की तैनाती से संबंधित विवरण के अलावा तस्वीरें, वीडियो और अन्य संवेदनशील सामग्री डिजिटल माध्यमों से महिला को भेजी। जांच में ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डेटा के कथित ट्रांसफर के संकेत मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

साथी के मोबाइल में संदिग्ध ऐप इंस्टॉल कराया : पुलिस के मुताबिक, महिला ने विंग कमांडर से उसके एक साथी के फोन में एक विशेष एप्लिकेशन इंस्टॉल कराया था। यह एप्लिकेशन संदिग्ध था और इसकी कार्यप्रणाली स्पाइवेयर या रिमोट-एक्सेस मालवेयर जैसी हो सकती है। ऐसे ऐप का इस्तेमाल किसी डिवाइस से डेटा चोरी करने, उसकी लोकेशन ट्रैक करने या बातचीत को इंटरसेप्ट करने के लिए किया जा सकता है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस ऐप ने वास्तव में किस तरह का डेटा हासिल किया और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।
पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स की जांच : पुलिस सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान में मौजूद हैंडलरों के निर्देश पर महिला काम कर रही थी। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि अधिकारी ने कितनी संवेदनशील जानकारी साझा की और क्या यह गतिविधि किसी बड़े जासूसी नेटवर्क का हिस्सा थी। अधिकारी अपने निजी जीवन में मुश्किल दौर से गुजर रहा था और महिला ने इसी बात का लाभ उठाया। पुलिस अब कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों, विदेशी हैंडलरों और साझा की गई सूचनाओं के संभावित इस्तेमाल की भी जांच कर रही है। चूंकि मामले में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और प्रकरण अदालत में विचाराधीन है, इसलिए जांच में सामने आए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

अलवर से पहले भी ऐेसे ही मामले में हो चुकी है गिरफ्तारी : इससे पहले अलवर, राजस्थान के एक निवासी को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। राजस्थान पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद राज्य में एक निगरानी अभियान चलाया जा रहा था। अलवर के कैंटोनमेंट इलाके में एक निगरानी अभियान के दौरान, मंगत सिंह की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस ने बताया कि आरोपी को ईशा शर्मा नाम की एक महिला पाकिस्तानी हैंडलर ने हनी-ट्रैप में फंसाया था, जिसने सहयोग के बदले उसे पैसे देने की पेशकश की थी। उन्होंने बताया कि वह पिछले दो सालों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article