अवैध स्विमिंग पूल बने मौत का कुआं: 100 से 300 रुपये प्रति घंटा शुल्क, सुरक्षा जीरो; मासूम की मौत ने उठाए सवाल
संस्कार के पिता नीरज वर्मा का कहना है कि यदि पूल पर सुरक्षा गार्ड या प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद होते तो शायद उनका बेटा आज जीवित होता। उन्होंने सवाल उठाया कि उनका बेटा गहरे पानी में कब पहुंचा, इसकी जानकारी किसी को क्यों नहीं हुई?
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वजीराबाद के जगतपुर गांव में अवैध रूप से संचालित स्विमिंग पूलों की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां 100 से 300 रुपये प्रति घंटा शुल्क लेकर कई स्विमिंग पूल चलाए जा रहे हैं। पर, इनमें न प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर हैं, न लाइफगार्ड है, न लाइफ जैकेट और न ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं। 10 वर्षीय संस्कार वर्मा की मौत के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
संस्कार के पिता नीरज वर्मा का कहना है कि यदि पूल पर सुरक्षा गार्ड या प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद होते तो शायद उनका बेटा आज जीवित होता। उन्होंने सवाल उठाया कि उनका बेटा गहरे पानी में कब पहुंचा, इसकी जानकारी किसी को क्यों नहीं हुई? हादसे की सूचना मिलने के बाद जब संस्कार के परिजन और स्थानीय लोग मिलन विहार स्थित पूल पहुंचे, तो कथित तौर पर वहां मौजूद प्रभावशाली लोगों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
परिवार ने कहा-जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
संस्कार के पिता नीरज वर्मा ने बताया कि वह दोस्तों के बच्चों के साथ स्विमिंग के लिए गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सुरक्षा मानकों के अवैध तरीके से स्विमिंग पूल संचालित किए जा रहे हैं, जिससे बच्चों की जान खतरे में पड़ रही है। परिवार ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पूल के लिए बोरवेल लगाए गए...प्रशासन ने नहीं की फिक्र
स्थानीय निवासी भी बताते हैं कि पूल संचालकों का क्षेत्र में दबदबा है। उनका भी कहना है कि हादसे के बाद उन्होंने लोगों को पूल के आसपास जाने से भी रोका। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में तीन से चार स्विमिंग पूल अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं। इन पूलों के लिए बड़े पैमाने पर बोरवेल लगाए गए हैं फिर भी प्रशासन ने आंखें मूंद रखी हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है। संस्कार की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
पिता नीरज ने बताया कि शनिवार रात काफी आग्रह के बाद उनके दोस्त महेंद्र बच्चों को स्विमिंग के लिए साथ ले जाने को तैयार हुए थे। पहले बच्चों का जाने का कोई कार्यक्रम नहीं था। दोनों बेटों के लिए 500 रुपये शुल्क भी जमा कराया गया था। अब नीरज उसी फैसले को याद कर खुद को कोस रहे हैं।
क्या है मामला
दिल्ली के वजीराबाद स्थित जगतपुर गांव के मिलन विहार में रविवार सुबह अवैध रूप से चलाए जा रहे स्विमिंग पूल में डूबकर 10 साल के मासूम की मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त संस्कार वर्मा (10) के रूप में हुई है। रविवार को सुबह संस्कार छात्रा के एक समूह के साथ निजी स्विमिंग पूल में नहाने के लिए आया था। इस बीच वह गलती से गहरे पूल में गया और डूब गया। कुछ ही देर बाद बड़े लड़के जब पूल में नहाने के लिए उतरे तो उन्होंने पूल के तली में संस्कार को डूबे हुए देखा। शोर मचाने पर फौरन उसे पूल से निकालकर नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सिविल लाइंस स्थित ट्रामा सेंटर भेजा गया, वहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।