कबड्डी लीगः अभिषेक बच्चन ने टीम खरीदी
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खेलों पर करोड़ों के दांव लग रहे हैं। क्रिकेट के लिए आईपीएल ने इसकी शुरुआत की और उसके बाद हॉकी, बैडमिंटन के लीग बनने लगे। इन टीमों को बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने खरीदा है।
अभी फुटबॉल को लेकर होने वाली इंडियन सुपर लीग को सचिन तेंदुलकर से लेकर सौरभ गांगुली, सलमान खान, रणबीर कपूर और जॉन अब्रहाम जैसे सितारों ने अपनी अपनी टीमें खरीदी हैं।
इसी तर्ज पर भारत का देसी खेल कबड्डी को भी प्रोत्साहन देने के लिए लीग बनाई गई है। आठ शहरों की आठ टीमों के साथ यह ली 26 जुलाई से अपना पहला लीग शुरू करेगी। इस लीग पर बड़े नामचीन लोगों ने पैसा लगाया है।
आनंद महिंद्रा और चारू शर्मा ने शुरू की लीग
आईपीएल की तर्ज पर शुरू हो रही कबड्डी लीग को लेकर पूरे देश में कबड्डी खिलाड़ियों में उत्साह है। विशेषज्ञों का दावा है कि प्रो (प्रोमोशनल) कबड्डी लीग से खिलाड़ियों को बेहतरीन प्लेटफार्म मिलेगा।
इतना ही नहीं विदेशी खिलाड़ियों की तकनीकी को लेकर भी खिलाड़ियों में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। इससे आने वाले समय में क्रिकेट की तरह कबड्डी को लेकर भी खिलाड़ियों का क्रेज बन जाएगा। बता दें कि उद्योगपति आनंद महिंद्रा और खेल कमेंटेटर चारू शर्मा की फर्म मशाल स्पोर्ट्स इसका आयोजन कर रहा है।
प्रो कबड्डी लीग को लेकर तैयारियां भी जोरों पर चल रही है। लीग के मुकाबले 26 जुलाई से 31 अगस्त के बीच होंगे। इसमें आईपीएल की तर्ज पर प्रत्येक टीम में विदेशी खिलाड़ियों को भी शामिल किया जा रहा है।
कितने शहर और उनके कौन हैं मालिक?
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प्रोमोशनल कबड्डी लीग: फ्रेंचाइजी टीमें |
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टीम |
मालिक |
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मुंबई टीम |
रोनी स्क्रूवाला |
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कोलकाता |
फ्यूचर ग्रुप के किशोरी बियानी |
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पुणे |
कोटक महिंद्रा ग्रुप के उदय कोटक |
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दिल्ली |
यस बैंक के MD राणा कपूर |
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विशाखापट्टनम |
कोर ग्रीन ग्रुप |
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चेन्नई |
कलापति इंवेस्टमेंट |
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जयपुर |
अभिषेक बच्चन |
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बंगलूरू |
फैसला नहीं |
राष्ट्रीय नियम ही होगा लीग का फॉरमेट
विशेषज्ञों की मानें तो प्रत्येक टीम में 12 खिलाड़ी होते हैं, जिनमें सात खिलाड़ी मैदान के अलावा बाकी पांच बैंच पर होते हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार प्रत्येक मुकाबला 20-5-20-5 (पांच मिनट के अंतराल) पर होता है।
इसके बाद मुकाबला बराबरी पर होने पर पांच-पांच रेड काउंट होता है। उसमे भी मुकाबले का निर्णय नहीं आ पाने की स्थिति में गोल्डन रेड काउंट होता है। जानकारों के अनुसार, कबड्डी लीग में इसी फॉरमेट को लागू किया जा सकता है।