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Delhi NCR News: एलपीजी संकट से टाइल उद्योग पर असर, दिल्ली के बाजार में बढ़ीं कीमतें
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महंगी टाइल्स और घटती बिक्री से व्यापारी हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
एलपीजी संकट का असर अब राजधानी के टाइल उद्योग पर भी पड़ रहा है। टाइल्स बनाने में एलपीजी का बड़े स्तर पर उपयोग होता है, इसलिए गैस की कमी ने उद्योग को संकट में डाल दिया है। टाइल उद्योग से जुड़े व्यापारियों के अनुसार, पिछले करीब एक महीने से टाइल्स की सप्लाई लगभग ठप है। बाजार में माल की कमी बढ़ती जा रही है और कीमतों में करीब 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हो चुकी है। टाइल उद्योग से जुड़े व्यापारी राजा ने बताया कि गुजरात से दिल्ली आने वाली टाइल्स की सप्लाई पूरी तरह बंद है। ऐसे में दुकानदार पुराने स्टॉक के सहारे ही काम चला रहे हैं। व्यापारियों ने कहा कि बिक्री लगातार घट रही है, लेकिन खर्च जैसे किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों की सैलरी पहले की तरह ही जारी हैं। इससे आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
टाइल्स के दाम में बढ़ोतरी : सप्लाई ठप होने का सीधा असर टाइल्स की कीमतों पर पड़ा है। सीमित स्टॉक के कारण अब पुराना माल भी महंगा बिक रहा है। व्यापारियों के मुताबिक, 24x48 इंच टाइल का बंडल अब 480 रुपये से बढ़कर 600 रुपये, 12x18 इंच टाइल का बंडल अब 160 रुपये से बढ़कर 250 रुपये, 12x24 इंच टाइल का बंडल 300 रुपये से बढ़कर 350 रुपये हो गया है। व्यापारियों ने कहा कि अगर जल्द सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है और निर्माण कार्यों पर इसका असर लंबे समय तक बना रह सकता है।
निर्माण कार्य प्रभावित, मजदूर भी लौटने लगे : माल की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण दुकानदारों और ग्राहकों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है। ग्राहक पुराने दामों पर टाइल्स मांग रहे हैं, जबकि दुकानदार बढ़ी हुई कीमतों पर बेचने को मजबूर हैं। इसके अलावा, ग्राहकों को अपनी पसंद के डिजाइन भी नहीं मिल रहे हैं। कई लोगों ने पहले जो टाइल्स लगवाई थीं, उसी डिजाइन की कमी के कारण अब उनका निर्माण कार्य बीच में रुक गया है। जगतपुरी के व्यापारी मनोज ने बताया कि टाइल्स की कमी के कारण बाजार में ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है। जिन घरों में निर्माण कार्य चल रहा था, वहां भी अब काम रुकने लगा है। उन्होंने बताया कि गैस संकट के कारण मजदूर भी काम छोड़कर अपने घर लौटने लगे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
एलपीजी संकट का असर अब राजधानी के टाइल उद्योग पर भी पड़ रहा है। टाइल्स बनाने में एलपीजी का बड़े स्तर पर उपयोग होता है, इसलिए गैस की कमी ने उद्योग को संकट में डाल दिया है। टाइल उद्योग से जुड़े व्यापारियों के अनुसार, पिछले करीब एक महीने से टाइल्स की सप्लाई लगभग ठप है। बाजार में माल की कमी बढ़ती जा रही है और कीमतों में करीब 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हो चुकी है। टाइल उद्योग से जुड़े व्यापारी राजा ने बताया कि गुजरात से दिल्ली आने वाली टाइल्स की सप्लाई पूरी तरह बंद है। ऐसे में दुकानदार पुराने स्टॉक के सहारे ही काम चला रहे हैं। व्यापारियों ने कहा कि बिक्री लगातार घट रही है, लेकिन खर्च जैसे किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों की सैलरी पहले की तरह ही जारी हैं। इससे आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
टाइल्स के दाम में बढ़ोतरी : सप्लाई ठप होने का सीधा असर टाइल्स की कीमतों पर पड़ा है। सीमित स्टॉक के कारण अब पुराना माल भी महंगा बिक रहा है। व्यापारियों के मुताबिक, 24x48 इंच टाइल का बंडल अब 480 रुपये से बढ़कर 600 रुपये, 12x18 इंच टाइल का बंडल अब 160 रुपये से बढ़कर 250 रुपये, 12x24 इंच टाइल का बंडल 300 रुपये से बढ़कर 350 रुपये हो गया है। व्यापारियों ने कहा कि अगर जल्द सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है और निर्माण कार्यों पर इसका असर लंबे समय तक बना रह सकता है।
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निर्माण कार्य प्रभावित, मजदूर भी लौटने लगे : माल की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण दुकानदारों और ग्राहकों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है। ग्राहक पुराने दामों पर टाइल्स मांग रहे हैं, जबकि दुकानदार बढ़ी हुई कीमतों पर बेचने को मजबूर हैं। इसके अलावा, ग्राहकों को अपनी पसंद के डिजाइन भी नहीं मिल रहे हैं। कई लोगों ने पहले जो टाइल्स लगवाई थीं, उसी डिजाइन की कमी के कारण अब उनका निर्माण कार्य बीच में रुक गया है। जगतपुरी के व्यापारी मनोज ने बताया कि टाइल्स की कमी के कारण बाजार में ग्राहकों की संख्या लगातार घट रही है। जिन घरों में निर्माण कार्य चल रहा था, वहां भी अब काम रुकने लगा है। उन्होंने बताया कि गैस संकट के कारण मजदूर भी काम छोड़कर अपने घर लौटने लगे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।